ENG vs PAK: पाकिस्तान क्रिकेट में हाहाकार के बीच कप्तान बाबर आजम हुए गंभीर रूप से बीमार, क्या बर्मिंघम टेस्ट से कटेगा पत्ता या फिर बदल जाएगी किस्मत?

ENG vs PAK: पाकिस्तान क्रिकेट में हाहाकार के बीच कप्तान बाबर आजम हुए गंभीर रूप से बीमार, क्या बर्मिंघम टेस्ट से कटेगा पत्ता या फिर बदल जाएगी किस्मत?

इंग्लैंड के दौरे पर उथल-पुथल और शर्मनाक हार का सामना कर रही पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के कड़े फैसलों और खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन से ड्रेसिंग रूम में भूचाल आया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ टीम के कप्तान और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम के अचानक बीमार पड़ने से क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया है। बर्मिंघम के एजबेस्टन में 9 सितंबर से शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम निर्णायक टेस्ट मैच से पहले बाबर आजम तेज बुखार की चपेट में आ गए हैं, जिससे उनकी फिटनेस और मैदान पर उतरने को लेकर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल और बाबर आजम की अचानक तबियत खराब

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड का यह दौरा किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा है। सीरीज के पहले दो टेस्ट मैचों में करारी शिकस्त झेलने के बाद मेहमान टीम का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था, जबकि लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लिश टीम ने 194 रनों से शानदार जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस खराब प्रदर्शन के बीच कप्तान बाबर आजम की सेहत ने टीम प्रबंधन की रातों की नींद उड़ा दी है। जियो न्यूज और जियो सुपर की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 वर्षीय बाबर आजम को तेज बुखार है। हालांकि, पाकिस्तान टीम के मीडिया मैनेजर नवीद अकरम चीमा ने स्थिति को संभालते हुए बयान दिया है कि कप्तान की तबीयत को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है और वे जल्द ही पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएंगे। इसके बावजूद, बर्मिंघम टेस्ट से ठीक पहले कप्तान का बीमार होना पाकिस्तानी खेमे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

पीसीबी (PCB) का बड़ा एक्शन: सात खिलाड़ियों की घर वापसी और कोचिंग स्टाफ में फेरबदल

इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मुकाबलों में लचर प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कई कड़े और बड़े फैसले लिए हैं। पीसीबी ने टीम में बड़े पैमाने पर बदलाव करते हुए सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से ही स्वदेश वापस भेज दिया है। जिन खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है उनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा और अन्य कुछ खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी बोर्ड ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। टीम के मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। उनकी जगह पर लिमिटेड ओवर्स के कोच माइक हेसन को तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टेस्ट टीम की कमान सौंप दी गई है, जबकि एशले नॉफ्के को नया गेंदबाजी कोच बनाया गया है। टीम के भीतर इस आंतरिक कलह, खिलाड़ियों के बाहर होने और कोचिंग स्टाफ के बदले जाने से माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। ऐसे में कप्तान बाबर आजम पर मानसिक और शारीरिक रूप से भारी दबाव है, जो खुद अपनी फॉर्म से जूझ रहे हैं।

बर्मिंघम टेस्ट पर मंडराया खतरा: क्या क्लीन स्वीप से बच पाएगा पाकिस्तान?

बाबर आजम के लिए यह दौरा निजी तौर पर भी बेहद निराशाजनक रहा है। उंगली की चोट के कारण हेडिंग्ले टेस्ट से बाहर रहने वाले बाबर जब लॉर्ड्स टेस्ट में मैदान पर उतरे, तो उनका बल्ला पूरी तरह खामोश नजर आया। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 8 और दूसरी पारी में महज 6 रन बनाए। दिसंबर 2022 के बाद से उनके बल्ले से कोई भी टेस्ट शतक नहीं निकला है, और उनका यह लंबा सूखा पाकिस्तान टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही, पाकिस्तान की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर 9 सितंबर से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान की कोशिश किसी तरह सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने और अपनी साख बचाने की होगी। कप्तान बाबर आजम यदि बुखार से समय पर उबर नहीं पाते हैं या उनकी फॉर्म वापस नहीं लौटती है, तो टीम की नैया को पार लगाना बेहद मुश्किल साबित होगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बर्मिंघम में पाकिस्तान कोई चमत्कार कर पाएगा या हार का सिलसिला जारी रहेगा।