न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज को लेकर गौतम गंभीर बेहद गंभीर: WTC फाइनल की राह आसान करने के लिए वनडे में सीनियर खिलाड़ियों को मिल सकता है आराम
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र में टीम इंडिया की स्थिति को मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी सीमित ओवरों की घरेलू सीरीज के ठीक बाद भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों की अहम टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण और निर्णायक टेस्ट असाइनमेंट को देखते हुए गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने सीनियर टेस्ट स्पेशलिस्ट्स और प्रमुख तेज गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर एक सख्त रणनीति तैयार की है।
सूत्रों और टीम मैनेजमेंट से जुड़े संकेतों के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज को लेकर इतने संजीदा हैं कि वे वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कुछ अन्य मुख्य टेस्ट खिलाड़ियों को आराम (Rest) देने के पक्ष में हैं, ताकि वे पूरी तरह तरोताजा और चोट-मुक्त होकर कीवी टीम के खिलाफ लाल गेंद के महामुकाबले में उतर सकें।
WTC फाइनल का गणित: न्यूजीलैंड सीरीज में क्लीन स्वीप का लक्ष्य
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में शीर्ष पर बने रहने और फाइनल में लगातार जगह पक्की करने के लिए घरेलू सरजमीं पर होने वाली यह टेस्ट सीरीज भारत के लिए 'करो या मरो' जैसी है:
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घरेलू सीरीज की अहमियत: न्यूजीलैंड के खिलाफ तीनों टेस्ट मैच भारत में खेले जाने हैं। ऐसे में हर मैच से मिलने वाले पूरे अंक WTC फाइनल की राह तय करेंगे।
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न्यूजीलैंड की मजबूत चुनौती: कीवी टीम स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ रणनीतिक क्रिकेट खेलने के लिए जानी जाती है। गंभीर भली-भांति जानते हैं कि कीवियों को हल्के में लेने की गलती भारी पड़ सकती है।
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खिलाड़ियों की ताजगी जरूरी: लगातार बैक-टू-बैक क्रिकेट के चलते गेंदबाजों के चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गंभीर चाहते हैं कि टेस्ट टीम का मुख्य गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह फ्रेश होकर कैंप में शामिल हो।
वनडे सीरीज में किसे मिल सकता है आराम?
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में शुभमन गिल की कप्तानी में एक संतुलित टीम उतारी जाएगी, लेकिन इसमें टेस्ट स्क्वॉड के अहम चेहरों को ब्रेक दिए जाने की पूरी संभावना है:
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जसप्रीत बुमराह: भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ बुमराह के कार्यभार (Workload) को लेकर बीसीसीआई और गंभीर पूरी तरह सतर्क हैं। टेस्ट सीरीज के लंबे स्पेल को ध्यान में रखते हुए उन्हें वनडे मैचों से बाहर रखा जा सकता है।
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मोहम्मद सिराज: लगातार सभी प्रारूपों में खेल रहे सिराज को भी लाल गेंद के क्रिकेट के लिए रिकवरी का समय दिया जा सकता है।
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ऋषभ पंत: विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी का दोहरा दबाव संभालने वाले पंत को भी वनडे सीरीज में रोटेट किया जा सकता है, जिससे केएल राहुल या संजू सैमसन को विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर पूरा मौका मिले।
युवा गेंदबाजों को वनडे में आजमाने की तैयारी
यदि सीनियर तेज गेंदबाजों को विश्राम दिया जाता है, तो वनडे सीरीज में युवा और आक्रामक गेंदबाजों की नई खेप को परखने का सुनहरा अवसर होगा:
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अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा: तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालते दिख सकते हैं।
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मयंक यादव और हर्षित राणा: गति के सौदागर मयंक यादव और गंभीर के चहेते रहे हर्षित राणा को 50 ओवर के प्रारूप में अपनी काबिलियत दिखाने का मंच मिल सकता है।
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आकाश दीप: यदि उन्हें टेस्ट के लिए स्टैंडबाय पर रखा जाता है, तो उन्हें भी सीमित ओवरों में आजमाया जा सकता है।
'टेस्ट क्रिकेट प्राथमिकता है': गंभीर की स्पष्ट सोच
गौतम गंभीर ने हालिया साक्षात्कारों में भी यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी कोचिंग फिलॉसफी में टेस्ट क्रिकेट का दर्जा सबसे ऊपर है। टी20 और वनडे में टीम के पास टैलेंट का विशाल पूल उपलब्ध है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अनुभव, फिटनेस और मानसिक एकाग्रता का कोई विकल्प नहीं होता।
कोचिंग स्टाफ का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबले युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दबाव में निखारने का जरिया बनेंगे, जबकि अनुभवी खिलाड़ी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (CoE) या विशेष टेस्ट कैंप में न्यूजीलैंड सीरीज की तैयारियों के लिए लाल गेंद से पसीना बहाएंगे। गंभीर के इस रणनीतिक कदम से साफ है कि वे सीरीज दर सीरीज आगे बढ़ने के बजाय बड़े और निर्णायक लक्ष्यों पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।