'लॉर्ड्स में तेज रफ्तार से खौफजदा हुए इमाम-उल-हक?' 2025 में लग सकता था बैन, अब पिंडली में खिंचाव पर फिर लगा 'फेक इंजरी' का गंभीर आरोप

'लॉर्ड्स में तेज रफ्तार से खौफजदा हुए इमाम-उल-हक?' 2025 में लग सकता था बैन, अब पिंडली में खिंचाव पर फिर लगा 'फेक इंजरी' का गंभीर आरोप

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में शर्मनाक हार के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टीम के सीनियर सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की उछाल भरी और खतरनाक गेंदों का सामना करने से बचने के लिए 'चोटिल होने का बहाना' बनाया। मैच के पहले ही दिन फील्डिंग के दौरान दो अहम कैच छोड़ने के बाद इमाम ने अपनी बाईं पिंडली (Left Calf) में खिंचाव की शिकायत की और चायकाल के बाद मैदान से बाहर चले गए।

इसके बाद वे लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में बल्लेबाजी करने नहीं उतरे, जिसके चलते पाकिस्तान की पहली पारी महज 110 रनों पर सिमट गई और टीम को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे 'ग्रेड-1 लो-लेवल स्ट्रेन' बताया और 10 दिनों के आराम की सलाह दी। हालांकि, सोशल मीडिया से लेकर पूर्व पाकिस्तानी दिग्गजों और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या इमाम वाकई चोटिल थे या उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में ओपनिंग करने से जानबूझकर किनारा कर लिया।

2025 में क्यों लगने वाला था बैन? जब स्याही से बनाया गया था 'नकली जख्म'

पाकिस्तानी मीडिया चैनल 'जियो न्यूज' की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, इमाम-उल-हक पर चोट का नाटक करने का यह कोई पहला आरोप नहीं है। मार्च 2025 में पाकिस्तान के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान भी एक ऐसा ही विचित्र वाकया सामने आया था, जिसकी जांच के लिए पीसीबी ने एक बाकायदा जांच समिति (Inquiry Committee) गठित की थी। उस दौरे पर एक इंडोर नेट प्रैक्टिस सेशन के दौरान इमाम ने दावा किया था कि गेंद उनके दाएं पैर के अंगूठे पर जोर से लगी है और वे असहनीय दर्द के कारण पहला वनडे मैच नहीं खेल पाएंगे।

जांच रिपोर्ट में जो खुलासे हुए, उन्होंने पीसीबी अधिकारियों के होश उड़ा दिए थे। इमाम के पैर का एक्स-रे कराया गया जिसमें न तो कोई फ्रैक्चर था और न ही कोई इंटरनल डैमेज। इसके बावजूद इमाम ने दावा किया कि उनके अंगूठे पर चोट का काला निशान पड़ गया है और वे चल नहीं पा रहे हैं। जब टीम के डॉक्टर ने एक केमिकल पेपर से उनके अंगूठे को साफ किया, तो वह काला निशान पूरी तरह मिट गया। रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि वह कोई अंदरूनी खून का थक्का (Blood Mark) नहीं था, बल्कि पेन की स्याही या मार्कर से बनाया गया नकली निशान था!

इतना ही नहीं, टीम स्टाफ ने जांच कमेटी को बताया कि इमाम मेडिकल स्टाफ के सामने तो लंगड़ाकर चलते थे, लेकिन स्टाफ के हटते ही वे सामान्य रूप से 500 मीटर पैदल चलकर इफ्तार पार्टी में शामिल होने चले गए थे। जांच कमेटी ने इस आचरण को 'मेडिकल स्टाफ को गुमराह करने और जानबूझकर मैच से हटने' का दोषी माना था और सिफारिश की थी कि इमाम-उल-हक पर सभी प्रारूपों और सभी स्तरों पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने पर पूर्ण प्रतिबंध (Ban) लगा दिया जाना चाहिए। हालांकि, अंदरूनी रसूख और बोर्ड के ढुलमुल रवैये के चलते उस समय वे किसी तरह सख्त सजा से बच निकले थे।

लॉर्ड्स टेस्ट में क्या हुआ? ब्रॉड और वॉर्नर ने बताया 'दिखावा'

लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन के खेल से ठीक पहले इमाम-उल-हक जब अपनी बाईं पिंडली पर भारी टेप बांधकर और शॉर्ट्स पहनकर मैदान पर थ्रोडाउन का अभ्यास करने उतरे, तो इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज और स्काई स्पोर्ट्स के कमेंटेटर स्टुअर्ट ब्रॉड ने उनकी इस हरकत पर तीखा हमला बोला। ब्रॉड ने लाइव प्रसारण के दौरान कहा, "यह सब केवल कैमरों और लोगों की नजरों में आने का दिखावा है। अगर आप सचमुच चोटिल हैं और बल्लेबाजी नहीं कर सकते, तो आप इंडोर नेट्स में चुपचाप रिहैब कर सकते हैं। इस तरह टेप लगाकर लंगड़ाते हुए दुनिया को दिखाना कि आप कितने घायल हैं, बिल्कुल पसंद नहीं आया।"

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने भी इस पूरे प्रकरण पर हैरानी जताते हुए इमाम के आचरण पर सवाल खड़े किए। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि लॉर्ड्स की तेज, सीमिंग और स्विंग होती पिचों पर जब ओली रॉबिन्सन और इंग्लैंड के तेज गेंदबाज आग उगल रहे थे, तब इमाम ने खुद को मैदान से दूर रखना ही सुरक्षित समझा।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता मोहम्मद वसीम का विस्फोटक दावा: '2022 मुल्तान में भी हुआ था ऐसा'

इमाम-उल-हक के इस कथित 'इंजरी पैटर्न' पर पाकिस्तान के पूर्व मुख्य राष्ट्रीय चयनकर्ता मोहम्मद वसीम ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक बड़ा खुलासा किया है। वसीम ने साल 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ मुल्तान में खेले गए टेस्ट मैच का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें टीम के फिजियो ने पहले ही आगाह कर दिया था।

वसीम ने कहा, "2022 के मुल्तान टेस्ट में फिजियो मेरे पास आए और उन्होंने मैच के फैसले से पहले ही चेतावनी दी थी कि इमाम जल्द ही अनफिट होने का नाटक करने वाले हैं। और ठीक वैसा ही हुआ। उन्होंने ओपनिंग करने से मना कर दिया और उनकी जगह मोहम्मद रिजवान को ओपनिंग के लिए भेजा गया, जबकि इमाम बाद में नंबर 5 पर बैटिंग करने आए। यह उनकी पुरानी आदत है।"

पूर्व चयनकर्ता ने आगे बेहद कड़े शब्दों में कहा कि घरेलू क्रिकेट में भी कुछ खिलाड़ी हरी और घास वाली पिचों पर खेलने से बचते हैं और केवल तब बल्लेबाजी के लिए आते हैं जब पिच सपाट या टर्निंग हो जाती है। उन्होंने कहा, "जब कोई चीज बार-बार दोहराई जाती है, तो वह महज संयोग नहीं होती। पाकिस्तान क्रिकेट को ऐसे किरदारों से हमेशा के लिए छुटकारा पाना होगा क्योंकि इससे पूरी टीम में बेहद गलत संदेश जाता है।"

पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप: क्या अब इमाम के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई?

इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम और बोर्ड दोनों ही भारी दबाव में हैं। हेड कोच सरफराज अहमद, कप्तान बाबर आजम और पीसीबी की नई अनुशासन समिति अब इमाम-उल-हक के इस नए मामले को उनकी पिछली जांच रिपोर्टों (2025 न्यूजीलैंड दौरा और 2022 मुल्तान टेस्ट) के संदर्भ में दोबारा खंगालने की तैयारी कर रही है।

फैंस और पूर्व क्रिकेटरों का गुस्सा इस बात को लेकर चरम पर है कि जब देश की साख दांव पर लगी हो, तब स्थापित सीनियर खिलाड़ी जिम्मेदारी लेने के बजाय मैदान से भागने के रास्ते तलाशते हैं। 9 सितंबर से एजबेस्टन में शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट मैच से पहले कयास लगाए जा रहे हैं कि इमाम-उल-हक को न केवल टेस्ट टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, बल्कि अनुशासनहीनता और बार-बार टीम को गुमराह करने के आरोप में उनके केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) की समीक्षा भी की जा सकती है। यह पूरा प्रकरण साबित करता है कि पाकिस्तान क्रिकेट का संकट केवल मैदान पर रनों और विकेटों तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की पेशेवर प्रतिबद्धता और मानसिक अनुशासन की जड़ें भी बुरी तरह हिल चुकी हैं।