IND vs SL टेस्ट में भारतीय कप्तानों का जलवा: 66.7% विन पर्सेंटेज के साथ विराट कोहली नंबर-1, एमएस धोनी से आगे निकले मोहम्मद अजहरुद्दीन

IND vs SL टेस्ट में भारतीय कप्तानों का जलवा: 66.7% विन पर्सेंटेज के साथ विराट कोहली नंबर-1, एमएस धोनी से आगे निकले मोहम्मद अजहरुद्दीन

भारत और श्रीलंका के बीच लाल गेंद (रेड बॉल) का क्रिकेट हमेशा से रोमांचक और आंकड़ों से भरा रहा है। भले ही एशियाई परिस्थितियों में श्रीलंकाई स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाजों को कई मौकों पर कड़ी चुनौती दी हो, लेकिन टेस्ट मैच नतीजों और कप्तानी के रिकॉर्ड में भारतीय टीम का दबदबा हमेशा सिर चढ़कर बोला है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए 44 से अधिक टेस्ट मुकाबलों में भारत ने 20 से अधिक मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि श्रीलंका की टीम महज 7 मुकाबलों में ही जीत हासिल कर सकी है। इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता में जब भारतीय कप्तानों के प्रदर्शन और उनके जीत प्रतिशत (Win Percentage) की तुलना की जाती है, तो कुछ बेहद हैरान करने वाले आंकड़े सामने आते हैं। महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को पछाड़कर पूर्व दिग्गज मोहम्मद अजहरुद्दीन दूसरे पायदान पर काबिज हैं, जबकि शीर्ष स्थान पर 'किंग' विराट कोहली का निर्विवाद राज कायम है।

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ सबसे सफल और प्रभावशाली कप्तान के रूप में विराट कोहली का नाम सबसे ऊपर आता है। विराट कोहली ने बतौर कप्तान श्रीलंका के खिलाफ कुल 9 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया है। इन 9 मुकाबलों में से भारत ने रिकॉर्ड 6 मैचों में शानदार जीत हासिल की, 2 मैच ड्रॉ रहे और केवल 1 मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। विराट कोहली का श्रीलंका के खिलाफ जीत का प्रतिशत 66.7% (66.66%) रहा है, जो किसी भी भारतीय कप्तान के लिए इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ है। कोहली की ही कप्तानी में भारत ने साल 2015 में 22 सालों के लंबे इंतजार के बाद श्रीलंका की धरती पर 2-1 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी और फिर 2017 में श्रीलंका का 3-0 से सूपड़ा साफ (क्लीन स्विप) किया था।

इस सूची में दूसरे स्थान पर पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम आता है। अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड श्रीलंका के खिलाफ इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि वे इस पड़ोसी देश के खिलाफ बतौर कप्तान कभी कोई टेस्ट मैच नहीं हारे। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने श्रीलंका के खिलाफ 8 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कमान संभाली, जिनमें से भारत ने 5 मैचों में जीत दर्ज की और 3 मैच बिना किसी नतीजे के ड्रॉ पर समाप्त हुए। 62.5% के शानदार विन पर्सेंटेज के साथ अजहरुद्दीन इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। अजहरुद्दीन के नाम ही साल 1993 में श्रीलंका की सरजमीं पर भारत को पहली टेस्ट सीरीज जिताने का ऐतिहासिक कीर्तिमान भी दर्ज है।

एमएस धोनी का तीसरा स्थान और भारत-श्रीलंका टेस्ट प्रतिद्वंद्विता का दिलचस्प इतिहास

भारत को सीमित ओवरों (वनडे और टी20) में विश्व विजेता बनाने वाले महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट जीत प्रतिशत के मामले में तीसरे पायदान पर आते हैं। एमएस धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी की। इन 6 मुकाबलों में से भारत ने 3 मैचों में जीत हासिल की, 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा और 2 मैच ड्रॉ रहे। धोनी का जीत का प्रतिशत 50.0% रहा। हालांकि, धोनी की कप्तानी में ही दिसंबर 2009 में भारत ने श्रीलंका को घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराकर आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पहली बार दुनिया की नंबर-1 टीम बनने का गौरव प्राप्त किया था।

धोनी के बाद इस सूची में अन्य कप्तानों का नाम आता है जिन्होंने अलग-अलग दौर में श्रीलंका के खिलाफ कमान संभाली। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारत का श्रीलंका के खिलाफ प्रदर्शन मिला-जुला रहा। सौरव गांगुली ने श्रीलंका के खिलाफ कप्तानी की लेकिन वे श्रीलंकाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीतने में सफल नहीं हो पाए थे। वहीं, कपिल देव और सुनील गावस्कर के दौर में भी दोनों टीमों के बीच काफी कड़े मुकाबले खेले गए थे, लेकिन उस दौर में मैचेस के ड्रॉ होने की दर काफी अधिक रहती थी। हाल के वर्षों में रोहित शर्मा की कप्तानी में भी भारत ने श्रीलंका को घरेलू मैदान पर 2-0 से आसानी से मात दी थी।

अगर पूरे टेस्ट इतिहास पर नजर डालें, तो श्रीलंकाई टीम आज तक भारतीय सरजमीं पर एक भी टेस्ट मैच या टेस्ट सीरीज जीतने में नाकाम रही है। भारत में खेले गए टेस्ट मैचों में भारतीय स्पिनरों और कप्तानों का दबदबा इतना मजबूत रहा है कि श्रीलंकाई टीम केवल अपने घरेलू मैदानों (गॉल, कोलंबो और एसएससी) पर ही भारत को थोड़ी टक्कर दे पाई है। लेकिन 2015 और 2017 में विराट कोहली की आक्रामक रणनीति ने श्रीलंका के उनके ही घर में अजेय रहने के मिथक को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

आगामी भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज के दृष्टिकोण से ये आंकड़े भारतीय टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाले हैं। जब भी भारत और श्रीलंका टेस्ट क्रिकेट के मैदान पर आमने-सामने होते हैं, तो कप्तानों की रणनीति और प्लेइंग-11 का संयोजन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। विराट कोहली द्वारा स्थापित किया गया 66.7% जीत का यह मानक आने वाले नए कप्तानों के लिए एक बड़ी चुनौती और प्रेरणा दोनों है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम के नए नेतृत्वकर्ता इस रिकॉर्ड को बरकरार रख पाते हैं या नहीं।