IND vs SL Test Series: गॉल टेस्ट से पहले भारत को लगा एक और बड़ा झटका, पैर की चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए साई सुदर्शन

IND vs SL Test Series: गॉल टेस्ट से पहले भारत को लगा एक और बड़ा झटका, पैर की चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए साई सुदर्शन

भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू हो रही दो मैचों की रेड-बॉल (टेस्ट) सीरीज के आगाज से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से आई ताजा मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के युवा और प्रतिभाशाली बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन दाएं पैर में 'स्ट्रेस रिएक्शन' (Stress Reaction) की समस्या के कारण श्रीलंका दौरे से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के घुटने की चोट के चलते टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद साई सुदर्शन का बाहर होना भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन गया है।

साई सुदर्शन पिछले कुछ हफ्तों से बेंगलुरु में रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे थे। हालांकि, उन्होंने हाल ही में नेट्स पर बल्लेबाजी और लाइट फील्डिंग शुरू की थी, लेकिन उनके पैर के अंगूठे और पंजे में लगातार दर्द की शिकायत बनी हुई थी। बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उनके पैर का ताजा एमआरआई (MRI) स्कैन कराया, जिसमें स्ट्रेस रिएक्शन के पूरी तरह ठीक न होने की बात सामने आई। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस स्थिति में सुदर्शन को 5 दिवसीय टेस्ट मैच में मैदान पर उतारा जाता है, तो उनका यह दर्द गंभीर स्ट्रेस फ्रैक्चर में बदल सकता है। इसी जोखिम से बचने के लिए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उन्हें कम से कम 3 से 4 सप्ताह के पूर्ण विश्राम की सलाह दी है, जिसके चलते वे श्रीलंका के खिलाफ होने वाले दोनों टेस्ट मुकाबलों के चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।

श्रीलंका दौरे से पहले बढ़ीं भारत की मुश्किलें: बुमराह के बाद सुदर्शन भी बाहर, रिप्लेसमेंट रेस में पडिक्कल सबसे आगे

साई सुदर्शन का बाहर होना भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में गुजरात टाइटन्स के लिए लगातार रन उगलने वाले सुदर्शन उपमहाद्वीप की टर्न होती पिचों पर अपनी बेहतरीन तकनीक और संयम के लिए जाने जाते हैं। बाएं हाथ का बल्लेबाज होने के नाते वे श्रीलंकाई ऑफ-स्पिनरों और लेग-स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बैटिंग लाइन-अप को शानदार संतुलन प्रदान करते। गॉल और कोलंबो की धीमी पिचों पर सुदर्शन की मौजूदगी भारतीय ऊपरी-मध्यक्रम को काफी मजबूती दे सकती थी, लेकिन अब टीम मैनेजमेंट को नए विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा।

टीम इंडिया में चोटों का संकट केवल साई सुदर्शन तक ही सीमित नहीं है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इस समय हार्दिक पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर और आकाशदीप सहित 13 खिलाड़ी रिहैब से गुजर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, कप्तान शुभमन गिल भी कोलंबो में नेट प्रैक्टिस के दौरान उंगली में लगी चोट से उबर रहे हैं। हालांकि, गिल के पहले टेस्ट तक पूरी तरह फिट होने की संभावना जताई जा रही है।

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैचों में उनका विकल्प कौन बनेगा? इस रेस में कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल सबसे आगे निकल चुके हैं। कोलंबो में श्रीलंका बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ खेले गए तीन दिवसीय अभ्यास मैच में पडिक्कल ने अपनी क्लास का मुजाहिरा करते हुए 103 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली और खुद ही 'रिटायर्ड आउट' होकर अन्य बल्लेबाजों को मौका दिया। पडिक्कल का यह शतक यह साबित करता है कि वे एशियाई परिस्थितियों में स्पिनरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

पडिक्कल के अलावा मुंबई के रन-मशीन सरफराज खान और उत्तर प्रदेश के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल भी मध्यक्रम में जगह बनाने के प्रबल दावेदार हैं। यदि भारतीय टीम प्रबंधन नंबर-3 या नंबर-4 पर एक सॉलिड बाएं हाथ का विकल्प चाहता है, तो देवदत्त पडिक्कल को प्लेइंग-11 में सीधा मौका मिलना लगभग तय माना जा रहा है।

बीसीसीआई की चयन समिति जल्द ही साई सुदर्शन के आधिकारिक रिप्लेसमेंट (विकल्प) के नाम का ऐलान कर सकती है। इस बीच, भारतीय टीम कोलंबो में अपना अभ्यास सत्र पूरा कर 15 अगस्त को गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह से कमर कस चुकी है। साई सुदर्शन का लक्ष्य अब पूरी तरह फिट होकर आगामी घरेलू सीरीज और घरेलू सत्र में मैदान पर वापसी करने का होगा।

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