जो रूट ने रचा नया इतिहास: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में बने ऐसा अनोखा कारनामा करने वाले पहले कप्तान, बाबर आजम ने कोहली-रोहित को पछाड़ा
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में एक बार फिर रिकॉर्ड्स की झड़ी लग गई है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए एक ऐसा ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है, जिसे अब तक दुनिया का कोई भी कप्तान या पूर्व कप्तान नहीं छू सका था। रूट डब्ल्यूटीसी के इतिहास में बतौर कप्तान इस खास मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में कप्तानों के प्रदर्शन के आंकड़ों की इस होड़ में पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने भी भारतीय दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ते हुए सनसनी मचा दी है।
जो रूट का बतौर कप्तान डब्ल्यूटीसी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। इसके बाद से जो रूट ने इंग्लैंड की कप्तानी करते हुए न केवल टीम का नेतृत्व किया, बल्कि अपने बल्ले से भी रनों का अंबार लगाया। डब्ल्यूटीसी के तहत बतौर कप्तान सर्वाधिक रन बनाने, सबसे ज्यादा शतक और सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक का स्कोर (50+ Scores) बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड जो रूट के नाम दर्ज हो गया है। कप्तानी के भारी दबाव के बावजूद रूट ने बतौर लीडर 2500 से अधिक रन कूटकर यह साबित किया कि उनका बल्ला परिस्थितियों और जिम्मेदारियों के साथ और अधिक निखरता है।
बाबर आजम ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को छोड़ा पीछे
डब्ल्यूटीसी के कप्तानी आंकड़ों में जो रूट के बाद जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, वह हैं पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम। बाबर आजम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में कप्तानी करते हुए रनों के आंकड़े और शतकों के मामले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया है:
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बाबर आजम का दबदबा: बाबर ने बतौर कप्तान डब्ल्यूटीसी में लगातार 50 से अधिक के औसत से रन बनाए और शीर्ष कप्तानों की सूची में दूसरे स्थान पर जगह पक्की की।
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विराट कोहली और रोहित शर्मा के आंकड़े: विराट कोहली (जिन्होंने 2019-2021 के दौरान कप्तानी की) और रोहित शर्मा (जिन्होंने बाद में कमान संभाली) डब्ल्यूटीसी में कप्तान के तौर पर कुल रनों और व्यक्तिगत शतकों के मामले में बाबर आजम से पीछे रह गए हैं।
डब्ल्यूटीसी के 'फैब-4' में जो रूट की एकतरफा बादशाहत
चाहे खिलाड़ी के तौर पर हो या फिर एक कप्तान के तौर पर, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में जो रूट का कद बाकी सभी समकालीन बल्लेबाजों से कहीं ऊंचा नजर आता है। ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ, भारत के विराट कोहली और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन की तुलना में जो रूट ने डब्ल्यूटीसी चक्रों में सबसे अधिक मुकाबले खेले हैं और लगातार 4000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज बने हुए हैं। कप्तानी के दौरान उनकी लगातार बड़ी पारियों ने ही इंग्लैंड को मुश्किल दौर से बाहर निकाला था।
आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल लीडर और बल्लेबाज
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि जो रूट और बाबर आजम के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि उपमहाद्वीप और सेना (SENA) देशों की परिस्थितियों में कप्तानी की दोहरी जिम्मेदारी निभाते हुए भी शीर्ष स्तर की बल्लेबाजी कैसे की जाती है। जहां रूट का यह ऑल-टाइम कप्तानी रिकॉर्ड अब लंबे समय तक टूटना मुश्किल दिखता है, वहीं बाबर आजम का कोहली और रोहित से आगे निकलना उनके व्यक्तिगत टेस्ट करियर की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।