वैभव सूर्यवंशी या संजू सैमसन नहीं; भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में एबी डी विलियर्स को सता रही इस स्टार खिलाड़ी की चिंता

वैभव सूर्यवंशी या संजू सैमसन नहीं; भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में एबी डी विलियर्स को सता रही इस स्टार खिलाड़ी की चिंता

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जाने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज से पहले क्रिकेट पंडितों और पूर्व खिलाड़ियों की भविष्यवाणियों का दौर शुरू हो चुका है। जहां एक तरफ फैंस और चयनकर्ताओं की निगाहें युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के चयन, प्लेइंग-11 में जगह और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के बल्लेबाजी क्रम पर टिकी हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका के महान पूर्व बल्लेबाज एबी डी विलियर्स (AB de Villiers) ने एक अलग ही मुद्दे पर ध्यान खींचा है। अपने यूट्यूब शो पर सीरीज का विश्लेषण करते हुए 'मिस्टर 360 डिग्री' ने स्पष्ट किया कि उन्हें सैमसन या सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाजों की नहीं, बल्कि भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर और उप-कप्तान हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) के वर्कलोड और उनकी निरंतरता को लेकर सबसे ज्यादा चिंता है।

'हार्दिक की फिटनेस और लय पर निर्भर करता है टीम का संतुलन': डी विलियर्स

एबी डी विलियर्स ने कहा कि टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी ऑलराउंडर क्षमता है, और उस पूरे संतुलन की धुरी हार्दिक पांड्या हैं। डी विलियर्स का मानना है कि लंबे और व्यस्त कैलेंडर के बीच जब भारत अफगानिस्तान जैसी आक्रामक टीम का सामना करता है, तो हार्दिक पर गेंद और बल्ले दोनों से दोहरा दबाव होता है।

डी विलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "हर कोई बात कर रहा है कि क्या वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कराया जाएगा या संजू सैमसन ओपनिंग करेंगे या नंबर-3 पर खेलेंगे। लेकिन मेरी सबसे बड़ी नजर हार्दिक पांड्या पर है। हार्दिक एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी मौजूदगी भर से टीम को चार ओवर का एक फ्रंटलाइन तेज गेंदबाज और निचले क्रम में दुनिया का सबसे खतरनाक फिनिशर मिल जाता है। यदि हार्दिक पूरी तरह फिट नहीं होते या अपनी लय में नहीं रहते, तो भारतीय टीम का संतुलन तुरंत बिगड़ जाता है। मुझे चिंता इस बात की है कि क्या वे अपने वर्कलोड को सही तरीके से मैनेज कर पा रहे हैं, क्योंकि टी20 में उनका चार ओवर डालना और फिर 15वें ओवर के बाद आकर बड़े शॉट्स लगाना शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला होता है।"

राशिद खान और अफगान स्पिनरों के सामने हार्दिक की परीक्षा

डी विलियर्स ने अफगानिस्तान के विश्व स्तरीय स्पिन आक्रमण को रेखांकित करते हुए कहा कि मध्य ओवरों में हार्दिक पांड्या की बल्लेबाजी तकनीक की कड़ी परीक्षा होगी। अफगानिस्तान के पास राशिद खान, नूर अहमद और मुजीब उर रहमान जैसे मिस्ट्री स्पिनर्स का मजबूत चक्रव्यूह है, जो दुनिया के बड़े-बड़े हिटर बल्लेबाजों को बांधकर रखने में माहिर हैं।

डी विलियर्स के अनुसार, "अफगानिस्तान की टीम टी20 प्रारूप में किसी भी बड़ी टीम को धूल चटाने का माद्दा रखती है। उनके पास ऐसे स्पिनर हैं जो गेंद को दोनों तरफ घुमा सकते हैं। हार्दिक को 7 से 15 ओवर के बीच स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने और फिर अंतिम ओवरों में तेज गेंदबाजों पर प्रहार करने की रणनीति साधनी होगी। यदि हार्दिक शुरुआत में ही फंस जाते हैं, तो भारत के लिए 180-200 के स्कोर तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा।"

संजू सैमसन और युवा ब्रिगेड को लेकर बेफिक्र दिखे डी विलियर्स

संजू सैमसन और नए चेहरों के बारे में पूछे जाने पर डी विलियर्स ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन अब एक परिपक्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन चुके हैं और घरेलू मैदानों पर उनके पास किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने की पूरी काबिलियत है।

डी विलियर्स ने कहा कि भारत के पास युवा प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अगर टॉप ऑर्डर में कोई बल्लेबाज विफल भी होता है, तो बेंच स्ट्रेंथ इतनी मजबूत है कि वे आसानी से उसकी भरपाई कर सकते हैं। लेकिन एक ऐसा ऑलराउंडर जो 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सटीक यॉर्कर और बाउंसर फेंक सके और फिर छठे नंबर पर आकर मैच फिनिश कर सके—उसकी भरपाई पूरी दुनिया में कोई दूसरी टीम नहीं कर सकती। यही कारण है कि सीरीज के दौरान हार्दिक पांड्या का फॉर्म, बॉडी लैंग्वेज और इंजरी-फ्री रहना भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ा प्राथमिकता बिंदु होना चाहिए।