'भारत के साथ खेलने से हमारे देश में क्रिकेट को नई पहचान मिलेगी'; जापान के कप्तान केंडल कादोवाकी-फ्लेमिंग ने टीम इंडिया से मैच पर कही दिल की बात

'भारत के साथ खेलने से हमारे देश में क्रिकेट को नई पहचान मिलेगी'; जापान के कप्तान केंडल कादोवाकी-फ्लेमिंग ने टीम इंडिया से मैच पर कही दिल की बात

दुनिया की नंबर-एक क्रिकेट महाशक्ति भारत के खिलाफ मैदान पर उतरना किसी भी उभरते हुए (Associate) क्रिकेट देश के लिए किसी सपने के सच होने जैसा होता है। जापानी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान केंडल कादोवाकी-फ्लेमिंग (Kendel Kadowaki-Fleming) ने भारतीय टीम के साथ होने वाले मुकाबले को लेकर बेहद भावुक और प्रेरक बयान दिया है।

कादोवाकी-फ्लेमिंग ने स्पष्ट किया कि भारत जैसी विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ एक मैच खेलना भी उनके देश में क्रिकेट के भविष्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। बेसबॉल और फुटबॉल के गढ़ माने जाने वाले जापान में क्रिकेट तेजी से अपने पैर पसार रहा है, और कप्तान का मानना है कि भारतीय सितारों के साथ एक ही मैदान पर उतरने से जापानी युवाओं और खेल प्रेमियों का ध्यान इस खेल की तरफ अभूतपूर्व रूप से आकर्षित होगा।

'जापान में क्रिकेट को मिलेगा सबसे बड़ा बूस्ट': कादोवाकी-फ्लेमिंग का विजन

जापानी कप्तान ने प्रेस से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि एसोसिएट देशों के लिए बड़े एशियाई दिग्गजों के खिलाफ खेलना केवल हार-जीत का सवाल नहीं होता, बल्कि खेल के अस्तित्व और प्रसार से जुड़ा होता है:

  • दर्शकों और मीडिया का ध्यान: फ्लेमिंग ने कहा, "जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेलते हैं, तो पूरी दुनिया की नजरें उस मुकाबले पर होती हैं। जापान में जहां लोग क्रिकेट के नियमों से बहुत ज्यादा वाकिफ नहीं हैं, वहां भारत के साथ मैच का प्रसारण होना ही लाखों नए दर्शकों को इस खेल से जोड़ने के लिए काफी है।"

  • अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा: उन्होंने बताया कि यह मैच जापानी स्कूलों और अकादमियों में अभ्यास कर रहे युवा खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा सपना पूरा होने जैसा है। उन्हें यह विश्वास होगा कि मेहनत करने पर वे भी दुनिया के सबसे बेहतरीन एथलीट्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

  • जापान क्रिकेट एसोसिएशन का रोडमैप: जापान पिछले कुछ वर्षों से अंडर-19 विश्व कप और आईसीसी ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। सानो क्रिकेट ग्राउंड जैसे आधुनिक केंद्रों के विकास के बाद अब सीनियर स्तर पर भारत जैसी टीमों से सीखना उनके लिए अमूल्य है।

'विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से सीखने का इससे बड़ा मौका नहीं'

केंडल कादोवाकी-फ्लेमिंग खुद एक आक्रामक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जापानी टीम के लिए कई रिकॉर्ड पारियां खेली हैं।

उन्होंने भारतीय टीम के स्तर की सराहना करते हुए कहा:

  • दबाव में खेलने की कला: "भारतीय खिलाड़ी दुनिया के सबसे कठिन दबाव वाले हालातों में खेलते हैं। उनके गेंदबाजों की विविधता और बल्लेबाजों के शॉट चयन को करीब से देखना हमारे खिलाड़ियों के लिए किसी मास्टरक्लास से कम नहीं होगा।"

  • निडर क्रिकेट खेलने का इरादा: उन्होंने साफ किया कि भले ही कागजों पर और अनुभव के मामले में भारत बहुत आगे हो, लेकिन जापानी टीम केवल औपचारिकता निभाने मैदान पर नहीं उतरेगी। वे अपना सर्वश्रेष्ठ और आक्रामक खेल दिखाकर दुनिया को यह साबित करने की कोशिश करेंगे कि जापानी क्रिकेट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

जापान में बेसबॉल के बीच कैसे जगह बना रहा है क्रिकेट?

जापान में बेसबॉल पारंपरिक रूप से सबसे लोकप्रिय आउटडोर खेल रहा है। चूंकि दोनों ही खेलों में बैट और बॉल का इस्तेमाल होता है, इसलिए जापानी एथलीट्स के पास हैंड-आई कोऑर्डिनेशन और फील्डिंग की बेहतरीन प्राकृतिक क्षमता मौजूद है।

हाल के वर्षों में जापानी मूल के कई बेसबॉल खिलाड़ियों ने क्रिकेट को तेजी से अपनाया है। केंडल कादोवाकी-फ्लेमिंग ने उम्मीद जताई कि भारत के साथ इस हाई-प्रोफाइल मैच के बाद स्थानीय प्रायोजक, जापानी मीडिया और कॉर्पोरेट घराने भी जापानी क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए आगे आएंगे, जिससे देश में क्रिकेट को एक स्थायी और पेशेवर मुकाम मिल सकेगा।