IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के बाद आया पुलिस का बयान, शादी के वादे और 3 साल के रिश्ते का खुलासा

IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के बाद आया पुलिस का बयान, शादी के वादे और 3 साल के रिश्ते का खुलासा

भारतीय क्रिकेट टीम (India A) और IPL में दिल्ली कैपिटल्स के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया है। हुगली (ग्रामीण) पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, अभिषेक पोरेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) के सख्त निर्देशों और पीड़िता (मेडिकल छात्रा) की विस्तृत शिकायत के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।

पुलिस का बयान: डिजिटल साक्ष्य जुटाने और जांच पर जोर

हुगली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी क्रिकेटर को कोलकाता के दमदम इलाके से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने अदालत से पोरेल की रिमांड की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू पीड़िता के निजी वीडियो रिकॉर्ड करने और उन्हें वायरल करने की धमकी से जुड़ा है। अदालत के आदेशानुसार, पुलिस ने अभिषेक पोरेल के मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि पीड़िता के आरोपों की डिजिटल पुष्टि की जा सके।

3 साल से रिलेशनशिप और शादी के वादे की सच्चाई

पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, वह और अभिषेक पोरेल पिछले साढ़े तीन साल से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। पीड़िता ने बताया कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था और शादी की योजना भी बनी थी। इसी शादी के झांसे का फायदा उठाकर अभिषेक ने हुगली स्थित अपने फ्लैट में कई बार शारीरिक संबंध बनाए। हालांकि, बाद में क्रिकेटर के व्यवहार में बदलाव आया और उन्होंने शादी के वादे से मुकरते हुए पीड़िता के साथ मारपीट की। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अभिषेक ने उनके निजी पलों के वीडियो बनाए थे, जिन्हें आधार बनाकर उन्हें चुप रहने की धमकी दी जा रही थी।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में बीएनएस (BNS) की धारा 64(1) (बलात्कार), धारा 69 (शादी के झूठे वादे पर यौन संबंध बनाना) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस अभिषेक पोरेल से पूछताछ करेगी और पीड़िता द्वारा लगाए गए बंधक बनाने व मारपीट के आरोपों की भी गहनता से तफ्तीश करेगी। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद अदालत के समक्ष पूरक साक्ष्य पेश किए जाएंगे।