रजाउल्लाह की रिकॉर्ड पारी ने बचाई पाकिस्तान की लाज: 9वें नंबर पर आकर ठोके 9 गगनचुंबी छक्के, रोमांचक मोड़ पर पहुंचा ENG vs PAK टेस्ट
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में उस समय अविश्वसनीय ड्रामा देखने को मिला, जब पाकिस्तान की टीम एक पारी की करारी हार के मुहाने पर खड़ी थी। शीर्ष और मध्यक्रम के दिग्गजों के सरेंडर करने के बाद जब पाकिस्तान का स्कोर 140 रन पर 7 विकेट था और पारी की हार महज औपचारिकता लग रही थी, तभी 21 वर्षीय युवा ऑलराउंडर रजाउल्लाह (Razaullah) ने क्रीज पर उतरकर ऐसा कोहराम मचाया कि पूरा इंग्लिश खेमा सन्न रह गया। 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रजाउल्लाह ने महज 43 गेंदों पर ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक पूरा किया और अपनी 81 रनों की विस्फोटक पारी में 9 गगनचुंबी छक्के उड़ाकर न केवल पाकिस्तान की लाज बचाई, बल्कि टेस्ट इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर दिया। उनकी इस हैरतअंगेज पारी की बदौलत यह टेस्ट मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे के मोड़ पर पहुंच गया है।
9वें नंबर पर 9 छक्के: 147 साल के टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा कारनामा
रजाउल्लाह की यह पारी केवल पाकिस्तान को संकट से निकालने वाली ही नहीं थी, बल्कि इसने लाल गेंद क्रिकेट की पारंपरिक परिभाषा को ही झकझोर कर रख दिया। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जब अपनी रिवर्स स्विंग और शॉर्ट-पिच गेंदों से पुछल्ले बल्लेबाजों को समेटने की फिराक में थे, रजाउल्लाह ने पहली ही गेंद से आक्रामक तेवर अपनाए।
उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों तरफ छक्कों की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 43 गेंदों पर 9 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 81 रन ठोक डाले। इसके साथ ही वे टेस्ट क्रिकेट के 147 वर्षों के इतिहास में 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए एक पारी में सर्वाधिक 9 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले निचले क्रम पर छक्कों का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के टिम साउथी और वेस्टइंडीज के पुछल्ले बल्लेबाजों के नाम दर्ज था, लेकिन रजाउल्लाह ने जिस सहजता से बाउंड्री पार कराई, उसने दर्शकों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
पारी की हार से टला संकट: इंग्लैंड को मिला चौथी पारी में कठिन लक्ष्य
मैच की परिस्थितियों पर नजर डालें तो पहली पारी में इंग्लैंड के विशाल स्कोर के जवाब में पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सस्ते में ढेर हो गई थी। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। दूसरी पारी में भी पाकिस्तानी शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और ऐसा लग रहा था कि मैच चौथे दिन लंच से पहले ही खत्म हो जाएगा।
लेकिन रजाउल्लाह ने 9वें और 10वें विकेट के लिए उपयोगी साझेदारियां कर मैच की तस्वीर बदल दी। उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर तेजी से 115 रन जोड़े, जिससे न केवल पारी की हार का कलंक धुल गया, बल्कि पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 285 रन बनाकर इंग्लैंड के सामने चौथी पारी में जीत के लिए एक चुनौतीपूर्ण और दबाव भरा लक्ष्य रख दिया। चौथे दिन की टूटती और असमान उछाल वाली पिच पर यह लक्ष्य हासिल करना इंग्लैंड के लिए कतई आसान नहीं रहने वाला है।
इंग्लिश खेमे में खलबली: बैजबॉल की रणनीति को उसी के अंदाज में दिया जवाब
रजाउल्लाह की इस पारी की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने इंग्लैंड की प्रसिद्ध 'बैजबॉल' (Bazball) शैली को उन्हीं के खिलाफ हथियार बनाकर इस्तेमाल किया। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने डीप मिड-विकेट, लॉन्ग-ऑन और काउ-कॉर्नर पर बाउंड्री लाइन पर फील्डर तैनात कर रखे थे, लेकिन रजाउल्लाह के गगनचुंबी शॉट्स सीधे स्टेडियम की दूसरी और तीसरी टियर में जाकर गिरे।
मैच के बाद कमेंट्री कर रहे पूर्व इंग्लिश कप्तानों ने स्वीकार किया कि रजाउल्लाह की इस बेखौफ बल्लेबाजी ने मैच का पूरा मोमेंटम पाकिस्तान की झोली में डाल दिया है। जो मैच इंग्लैंड के लिए एकतरफा जीत की औपचारिकता लग रहा था, अब वहां हर एक रन के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिलेगा।
पांचवें दिन क्या होगा? सांसें थाम देने वाले नतीजे के लिए तैयार दोनों टीमें
अब टेस्ट मैच ऐसे रोमांचक मुहाने पर पहुंच चुका है जहां तीनों नतीजे संभव हैं। यदि पाकिस्तान के स्पिनर और तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को झकझोरने में कामयाब रहते हैं, तो पाकिस्तान एक असंभव सी लगने वाली ऐतिहासिक वापसी की पटकथा लिख सकता है। वहीं, इंग्लैंड को अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली पर भरोसा रहेगा। हालांकि नतीजा चाहे जो भी निकले, इस मैच को हमेशा रजाउल्लाह की उस जांबाज पारी के लिए याद किया जाएगा, जिसने हारी हुई बाजी में जान फूंक दी।