पडिक्कल को पछाड़कर नंबर-1 बने सोनल दिनुषा, टॉप-5 में फिसड्डी रहे ऋषभ पंत; IND vs SL टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की पूरी लिस्ट
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज का समापन भारतीय टीम की 1-0 से खिताबी जीत के साथ हो गया है। गाले में पहला टेस्ट जीतकर बढ़त बनाने वाली भारतीय टीम हालांकि कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच जीत नहीं सकी और मुकाबला ड्रॉ पर छूटा। इस पूरी टेस्ट सीरीज के दौरान जहां गेंदबाजों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, वहीं बल्लेबाजों ने दोनों ही खेमों से कई यादगार और ऐतिहासिक पारियां खेलीं। सीरीज के समाप्त होने के बाद जब 'सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों' (Leading Run-Scorers) की अंतिम सूची सामने आई, तो इसमें श्रीलंका के 25 वर्षीय युवा सनसनी सोनल दिनुषा ने भारतीय बल्लेबाजों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया। वहीं भारतीय टीम के शीर्ष स्कोरर रहे देवदत्त पडिक्कल दूसरे स्थान पर खिसक गए, जबकि आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत टॉप-5 बल्लेबाजों की सूची में सबसे निचले पायदान पर रहे।
सोनल दिनुषा का ऐतिहासिक दबदबा: जुड़वां शतकों के दम पर बने टॉप स्कोरर
श्रीलंका के युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुषा इस पूरी टेस्ट सीरीज की सबसे बड़ी खोज बनकर उभरे हैं। उन्होंने भारत के विश्वस्तरीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ जिस धैर्य और क्लासिकल तकनीक का मुजाहिरा किया, उसने दुनिया भर के क्रिकेट पंडितों को दंग कर दिया। कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में दिनुषा ने दोनों पारियों में शतक (पहली पारी में 108 रन और दूसरी पारी में नाबाद 133 रन) जड़कर टेस्ट ड्रॉ कराने में निर्णायक भूमिका निभाई।
दिनुषा ने 2 टेस्ट मैचों की 4 पारियों में कुल 316 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 105.33 का रहा और उन्होंने 2 शतक जड़े। गाले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी जब श्रीलंकाई टीम दबाव में थी, तब उन्होंने मध्यक्रम में जुझारू पारियां खेली थीं। कोलंबो की चौथी पारी में 264 गेंदों तक क्रीज पर टिककर खेली गई उनकी नाबाद 133 रनों की मैराथन पारी ने उन्हें इस सीरीज का सबसे सफल बल्लेबाज बना दिया।
देवदत्त पडिक्कल रहे भारत के नंबर-1: 117 रनों की पारी से बटोरी सुर्खियां
भारतीय खेमे की तरफ से इस सीरीज में सबसे निरंतर और भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरे देवदत्त पडिक्कल। सीनियर बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी में नंबर-3 और मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभालने वाले पडिक्कल ने कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में 117 रनों का शानदार शतक जड़ा था, जिसके दम पर भारत ने 503 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
पडिक्कल ने 2 टेस्ट मैचों की 3 पारियों में कुल 238 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा। उनका औसत 79.33 का रहा। कोलंबो टेस्ट के अंतिम दिन तक पडिक्कल सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर बने हुए थे, लेकिन पांचवें दिन सोनल दिनुषा द्वारा खेली गई 133 रनों की शतकीय पारी के बाद पडिक्कल दूसरे स्थान पर खिसक गए। इसके बावजूद विदेशी पिचों पर पडिक्कल का यह प्रदर्शन उनके टेस्ट करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है।
IND vs SL टेस्ट सीरीज 2026: टॉप-5 सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज
| स्थान | बल्लेबाज | टीम | मैच | पारियां | कुल रन | सर्वोच्च स्कोर | औसत | 100/50 |
| 1 | सोनल दिनुषा | श्रीलंका | 2 | 4 | 316 | 133* | 105.33 | 2/0 |
| 2 | देवदत्त पडिक्कल | भारत | 2 | 3 | 238 | 117 | 79.33 | 1/1 |
| 3 | शुभमन गिल | भारत | 2 | 3 | 198 | 92 | 66.00 | 0/2 |
| 4 | कुसल मेंडिस | श्रीलंका | 2 | 4 | 182 | 84 | 45.50 | 0/2 |
| 5 | ऋषभ पंत | भारत | 2 | 3 | 164 | 68 | 54.66 | 0/1 |
कप्तान शुभमन गिल तीसरे और कुसल मेंडिस चौथे स्थान पर
भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल इस सीरीज में बल्ले के साथ बेहद ठोस नजर आए। गिल ने 2 मैचों की 3 पारियों में 66.00 के औसत से कुल 198 रन बनाए और वे सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में तीसरे स्थान पर रहे। गिल ने गाले और कोलंबो दोनों टेस्ट में उपयोगी अर्धशतकीय पारियां (92 और 64 रन) खेलीं, हालांकि वे किसी भी पारी को शतक में तब्दील करने से चूक गए।
श्रीलंका के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज कुसल मेंडिस 182 रनों के साथ इस सूची में चौथे पायदान पर रहे। मेंडिस ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में 84 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली थी और दूसरे टेस्ट में भी अहम योगदान दिया। मेंडिस का औसत 45.50 का रहा और उन्होंने सीरीज में 2 अर्धशतक जड़े।
ऋषभ पंत टॉप-5 में पांचवें नंबर पर: शुरुआत मिली लेकिन बड़ी पारी में नहीं बदल सके
टीम इंडिया के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत से इस टेस्ट सीरीज में प्रशंसकों को आतिशी शतकीय पारियों की उम्मीद थी। हालांकि, पंत इस सीरीज में अपनी लय के अनुरूप बहुत बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सके और वे 164 रनों के साथ टॉप-5 बल्लेबाजों की सूची में सबसे नीचे यानी 5वें स्थान पर रहे।
पंत ने 3 पारियों में 54.66 के औसत और 88 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 164 रन बनाए। गाले टेस्ट में उन्होंने 68 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ा था, लेकिन कोलंबो टेस्ट में वे पहली पारी में 44 रन बनाकर सेट होने के बाद गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा बैठे। उपयोगी पारियां खेलने के बावजूद लंबी और मैच विनिंग सेंचुरी न लगा पाने के कारण पंत आंकड़ों के लिहाज से टॉप-5 में पिछड़ गए।
सीरीज का सार: युवा बल्लेबाजों का रहा बोलबाला
इस टेस्ट सीरीज ने साफ कर दिया कि भारत और श्रीलंका दोनों ही टीमों में टेस्ट क्रिकेट का भविष्य युवा कंधों पर सुरक्षित है। जहां सोनल दिनुषा ने अपने पहले ही बड़े असाइनमेंट में दबाव झेलने का अद्भुत प्रमाण दिया, वहीं देवदत्त पडिक्कल ने तकनीकी रूप से खुद को किसी भी परिस्थिति में ढालने की क्षमता दिखाई। भारतीय टीम के लिए 1-0 से सीरीज जीतना संतोषजनक रहा, लेकिन डब्ल्यूटीसी चक्र में आगे आने वाली न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन चुनौतियों से पहले मध्यक्रम के बल्लेबाजों को अपनी शुरुआत को विशाल शतकों में तब्दील करने पर और अधिक ध्यान देना होगा।