शुभमन गिल समेत दिग्गजों को पछाड़ा; ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 साल बाद हुआ ऐसा कमाल
दक्षिण अफ्रीका के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीट्जके (Matthew Breetzke) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। कंगारू गेंदबाजों के खिलाफ शानदार और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए ब्रीट्जके ने न केवल एक बेहतरीन शतक जड़ा, बल्कि अपनी इस मैच जिताऊ पारी के दम पर भारत के स्टार सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया।
क्रिकेट के आंकड़ों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी विदेशी बल्लेबाज द्वारा ऐसा दुर्लभ कारनामा पूरे 6 साल बाद देखने को मिला है, जिससे इस पारी का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
दबाव में ठोका सैकड़ा: ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी को किया बेअसर
मुकाबले में जब दक्षिण अफ्रीका की टीम को एक बड़ी और मजबूत पारी की दरकार थी, तब मैथ्यू ब्रीट्जके ने क्रीज पर कदम रखा। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की उछाल और स्विंग का डटकर सामना किया और मैदान के चारों तरफ दर्शनीय स्ट्रोक्स लगाए।
-
आक्रामकता और नियंत्रण का संगम: ब्रीट्जके ने अपनी पारी के दौरान न केवल स्ट्राइक रोटेट की, बल्कि ढीली गेंदों को बाउंड्री के पार भेजने में कोई कोताही नहीं बरती।
-
शतक तक का सफर: उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेलते हुए अपना सैकड़ा पूरा किया। इस दौरान उनके बल्ले से कई शानदार चौके और गगनचुंबी छक्के निकले।
-
इस शतक की बदौलत दक्षिण अफ्रीकी टीम मुकाबले में एक मजबूत और सुरक्षित स्थिति में पहुंचने में कामयाब रही।
शुभमन गिल समेत कई दिग्गजों को छोड़ा पीछे
मैथ्यू ब्रीट्जके की इस शतकीय पारी ने कई बड़े कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया है।
-
कम पारियों में मील का पत्थर: ब्रीट्जके ने अपने करियर के शुरुआती चरण में ही ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं और उनके गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ शतक जड़ने के मामले में शुभमन गिल, बाबर आजम और अन्य समकालीन बल्लेबाजों के शुरुआती आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है।
-
युवा रिकॉर्डधारी: वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस विशेष प्रारूप में सबसे कम पारियों में शतक पूरा करने वाले चुनिंदा विदेशी बल्लेबाजों के क्लब में शामिल हो गए हैं।
-
शुभमन गिल ने अपने शुरुआती दौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कई बेहतरीन पारियां खेली थीं, लेकिन ब्रीट्जके ने स्ट्राइक रेट और शुरुआती पारियों में शतकीय रूपांतरण (Conversion Rate) के मामले में उन्हें पछाड़ दिया है।
6 साल बाद दोहराया गया यह दुर्लभ कारनामा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू या तटस्थ मैदान पर किसी बल्लेबाज द्वारा इस अंदाज में शतक लगाना आसान नहीं होता। आंकड़ों के मुताबिक:
-
पिछले 6 सालों में कोई भी युवा विदेशी बल्लेबाज अपने शुरुआती मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा प्रभाव नहीं छोड़ पाया था।
-
2020 के बाद यह पहला मौका है जब किसी नए बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के खिलाफ इतने कम समय में शतकीय आंकड़ा छूकर वैश्विक क्रिकेट में अपनी धमक साबित की है।
-
इससे पहले 2020-21 के दौर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के व्यक्तिगत प्रभुत्व वाले आंकड़े दर्ज किए गए थे।
दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी के नए पोस्टर बॉय बने ब्रीट्जके
क्विंटन डी कॉक और अन्य सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम अपने शीर्ष और मध्यक्रम में एक भरोसेमंद स्तंभ की तलाश में थी। मैथ्यू ब्रीट्जके ने घरेलू क्रिकेट और फ्रैंचाइजी लीग्स में लगातार रन बनाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस परिपक्वता का प्रदर्शन किया है, उसने चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित कर दिया है।
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि ब्रीट्जके की यह शतकीय पारी दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के नए युग की शुरुआत है और वह आने वाले आईसीसी टूर्नामेंट्स में प्रोटियाज टीम के सबसे अहम हथियार साबित हो सकते हैं।