टेस्ट उपकप्तानी छीनी, वनडे से किया बाहर... फिर ऋषभ पंत को थमा दी इस टीम की कमान; सिलेक्टर्स के फैसले से हर कोई हैरान
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की वरिष्ठ चयन समिति के हालिया फैसलों ने क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों को पूरी तरह चकरा कर रख दिया है। टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत, जिन्हें हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान पद से हटा दिया गया था और इसके तुरंत बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ घोषित तीन मैचों की घरेलू एकदिवसीय श्रृंखला से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, उन्हें लेकर चयनकर्ताओं ने एक ऐसा यू-टर्न लिया है जिसने सबको चौंका दिया है। एक तरफ जहां उन्हें राष्ट्रीय सफेद गेंद टीम में जगह के लायक नहीं समझा गया, वहीं दूसरी तरफ बोर्ड ने उन्हें आगामी प्रतिष्ठित ईरानी कप 2026 (Irani Cup) के लिए 'रेस्ट ऑफ इंडिया' (Rest of India - ROI) का नया कप्तान नियुक्त कर दिया है। लगातार बदलते इन फैसलों ने चयनकर्ताओं के विजन और रोडमैप पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले उपकप्तानी छिनी, फिर वनडे से कटे पत्ते: क्या हुआ था पंत के साथ?
ऋषभ पंत का करियर पिछले कुछ महीनों में भारी उतार-चढ़ाव से गुजरा है। इंग्लैंड और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौर में वे टेस्ट टीम में कप्तानी के सबसे प्रबल दावेदार और उपकप्तान के रूप में स्थापित थे। लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के आगामी चक्र और भविष्य की योजनाओं का हवाला देते हुए चयनकर्ताओं ने अचानक शुभमन गिल को टेस्ट टीम का नया उपकप्तान बनाकर पंत को डिमोट कर दिया।
इसके बाद जब वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए 15 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान हुआ, तो उसमें केएल राहुल को उपकप्तान और विकेटकीपर बनाया गया, जबकि दूसरे विकेटकीपर के रूप में युवा ध्रुव जुरेल को तरजीह दी गई। ऋषभ पंत का नाम इस लिस्ट से पूरी तरह नदारद था, जिसे लेकर यह माना जाने लगा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में पंत अब चयनकर्ताओं की पहली प्राथमिकता नहीं रहे।
ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी: क्या है सिलेक्टर्स का गेम-प्लान?
अभी वनडे टीम से बाहर होने की चर्चा थमी भी नहीं थी कि बीसीसीआई ने 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर के बीच श्रीनगर में रणजी चैंपियन जम्मू-कश्मीर के खिलाफ होने वाले ईरानी कप मुकाबले के लिए टीम घोषित कर दी। इस टीम की कमान किसी युवा खिलाड़ी को देने के बजाय सीधे ऋषभ पंत के हाथों में सौंप दी गई, जबकि घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़े करने वाले सरफराज खान को उनका उपकप्तान बनाया गया है।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि चयनकर्ताओं का यह फैसला विरोधाभासी जरूर है, लेकिन इसके पीछे एक सोची-समझी रेड-बॉल रणनीति छिपी हो सकती है:
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रेड-बॉल फिटनेस और फॉर्म की परख: चयन समिति पंत को केवल एक टेस्ट बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में प्राथमिकता देना चाहती है। घरेलू वनडे में बेंच पर बैठाने के बजाय वे चाहते हैं कि पंत ईरानी कप में चार दिवसीय मैच खेलकर अपनी लंबी पारियों की लय और फिटनेस को पुख्ता करें।
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लीडरशिप रोल में परखना: टेस्ट उपकप्तानी भले ही छीन ली गई हो, लेकिन रेस्ट ऑफ इंडिया जैसी प्रमुख टीम की कप्तानी देकर बोर्ड यह देखना चाहता है कि दबाव के पलों में पंत एक पूरी टीम को किस तरह लीड करते हैं।
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सरफराज और युवाओं के साथ तालमेल: इस टीम में सनत सांगवान, शिखर मोहन, मानव सुथार और अनुकूल रॉय जैसे उभरते सितारे हैं। चयनकर्ता चाहते हैं कि एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय मैच-विनर इन युवाओं के बीच लीडर के रूप में मौजूद रहे।
रेस्ट ऑफ इंडिया का पूरा स्क्वॉड
ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), सरफराज खान (उपकप्तान), सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप (फिटनेस पर निर्भर), मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय, आयुष दोसेजा।
फैंस और दिग्गजों के बीच छिड़ी बहस
सोशल मीडिया पर फैंस इस बात को लेकर बंटे हुए हैं कि अगर ऋषभ पंत टीम इंडिया के इतने बड़े मैच-विनर हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय वनडे सेटअप से बाहर रखकर केवल घरेलू स्तर के टूर्नामेंट्स में कप्तानी क्यों सौंपी जा रही है? वहीं कई पूर्व खिलाड़ियों का तर्क है कि भारत के पास केएल राहुल, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे विकेटकीपर्स की लंबी कतार है, ऐसे में पंत को विशुद्ध रूप से टेस्ट क्रिकेट के लिए सुरक्षित और तरोताजा रखना ही भारतीय टीम के लंबे टेस्ट कैलेंडर के हित में है। अब 1 अक्टूबर को श्रीनगर के मैदान पर जब पंत रेस्ट ऑफ इंडिया की कैप पहनकर टॉस के लिए उतरेंगे, तो सबकी नजरें न सिर्फ उनकी कप्तानी पर होंगी, बल्कि उनके बल्ले से निकलने वाले कड़े जवाब पर भी टिकी रहेंगी।