श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में क्या होगी टीम इंडिया की प्लेइंग-11? कोच गौतम गंभीर और मोर्ने मोर्कल ने दिए बड़े संकेत, जानें गॉल में किस कॉम्बिनेशन के साथ उतरेगा भारत
भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका की सरजमीं पर अपने नए टेस्ट अभियान का आगाज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र के तहत गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच से पहले दोनों खेमों में रणनीतिक हलचल तेज हो गई है। ऐतिहासिक गॉल के मैदान की पिच और वहां की पारंपरिक उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने प्लेइंग इलेवन के कॉम्बिनेशन को लेकर अहम संकेत दिए हैं। पिच के मिजाज, प्रैक्टिस सेशन के ड्रिल्स और कोचिंग स्टाफ के बयानों से साफ हो गया है कि भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ आक्रामक और संतुलित टीम उतारने की योजना बना रही है।
गॉल की पिच का मिजाज और कोचिंग स्टाफ का खुला संकेत
गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच हमेशा से पहले दो दिन बल्लेबाजों और उसके बाद स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती है। मैच से ठीक पहले हेड कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पिच का बारीकी से मुआयना किया था। इसके बाद गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि टीम की नजरें ऐसी प्लेइंग इलेवन पर हैं जो 20 विकेट निकालने के साथ-साथ निचले क्रम तक बल्लेबाजी की गहराई भी प्रदान करे।
मोर्कल ने संकेत दिया कि गॉल में मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, गेंद का टर्न और बाउंस निर्णायक साबित होगा। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी भी तरह के जोखिम से बचते हुए एक मजबूत गेंदबाजी संतुलन के साथ उतरना चाहता है। भारतीय थिंक टैंक का मानना है कि पहले दो दिन बोर्ड पर बड़ा स्कोर खड़ा करना मैच की दिशा तय करेगा, इसलिए बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता और निरंतरता पहली प्राथमिकता होगी।
सलामी जोड़ी और टॉप ऑर्डर: जायसवाल और राहुल की मजबूत जुगलबंदी
भारतीय पारी की शुरुआत की जिम्मेदारी युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल और अनुभवी केएल राहुल के कंधों पर रहने वाली है। जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में अपने आक्रामक रुख से दुनिया भर के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेला है, जबकि केएल राहुल की तकनीकी मजबूती विदेशी पिचों पर नई गेंद का सामना करने में टीम को ठोस आधार देती है।
नंबर तीन पर बाएं हाथ के होनहार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को जिम्मेदारी मिल सकती है, जिन्होंने हालिया अभ्यास सत्रों में अपनी तकनीक और धैर्य से प्रभावित किया है। वहीं कप्तान शुभमन गिल नंबर चार के महत्वपूर्ण स्थान पर बल्लेबाजी करते दिखेंगे। बतौर पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के लिए यह सीरीज अपने नेतृत्व कौशल को साबित करने का बेहतरीन मौका है। कोलंबो में हुए ट्रेनिंग सेशन के दौरान गिल ने स्पिन और रिवर्स स्विंग का डटकर सामना किया, जिससे उनके आत्मविश्वास में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
नंबर 6 का बड़ा सवाल: सरफराज खान या ध्रुव जुरेल में से किसे मिलेगा मौका?
टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे दिलचस्प बहस नंबर 6 के बल्लेबाजी स्लॉट को लेकर है। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का नंबर पांच पर खेलना तय है, जो मध्यक्रम में आक्रामकता और एक्स-फैक्टर लेकर आते हैं। उनके ठीक बाद नंबर 6 के लिए मुंबई के धाकड़ बल्लेबाज सरफराज खान और युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल के बीच कड़ा मुकाबला है।
सरफराज खान को चोटिल साई सुदर्शन के स्थान पर टीम में शामिल किया गया था। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ सरफराज का फुटवर्क, स्वीप और रिवर्स स्वीप खेलने की असाधारण क्षमता गॉल के टर्निंग ट्रैक पर श्रीलंका के स्पिनरों के खिलाफ सबसे कारगर हथियार साबित हो सकती है। अभ्यास मैचों और नेट्स में सरफराज के निडर अंदाज को देखते हुए गौतम गंभीर उन्हें एकादश में प्राथमिकता दे सकते हैं। गंभीर हमेशा से ऐसे बल्लेबाजों के पक्षधर रहे हैं जो मुश्किल वक्त में विपक्षी आक्रमण पर काउंटर-अटैक कर सकें।
तीन स्पिनर और दो तेज गेंदबाज: गंभीर का रणनीतिक ब्लूप्रिंट
गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन तीन विशेषज्ञ स्पिनरों और दो तेज गेंदबाजों के फॉर्मूले के साथ मैदान पर उतरने के मूड में है। उपमहाद्वीप में जीत दर्ज करने के लिए स्पिन आक्रमण का विविध और घातक होना जरूरी है।
अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा टीम के प्राथमिक स्पिन ऑलराउंडर होंगे जो नंबर सात पर बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। उनके साथ चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को मुख्य स्ट्राइक स्पिनर की भूमिका दी जाएगी, जिनकी रहस्यमयी टर्न को समझना श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। तीसरे स्पिनर के रूप में युवा ऑलराउंडर मानव सुथार को प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने के प्रबल संकेत हैं। सुथार न सिर्फ अपनी सटीक बाएं हाथ की स्पिन से दबाव बनाते हैं, बल्कि नंबर आठ पर बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने का माद्दा रखते हैं, जो गंभीर की 'बैटिंग डेप्थ' रणनीति में सटीक बैठता है।
तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान अनुभवी मोहम्मद सिराज संभालेंगे। उनके साथ दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर अपनी गति और उछाल के लिए मशहूर प्रसिद्ध कृष्णा को गुरनूर बराड़ के ऊपर तरजीह मिलने की पूरी उम्मीद है। नई गेंद से शुरुआती ब्रेकथ्रू दिलाना और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करना इन दोनों तेज गेंदबाजों का मुख्य कार्य होगा।
श्रीलंका की घरेलू चुनौती और भारतीय टीम का गेमप्लान
धनंजय डी सिल्वा की अगुवाई वाली श्रीलंकाई टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों में किसी भी दिग्गज टीम को चौंकाने की ताकत रखती है। प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे मंझे हुए स्पिनरों के सामने भारतीय बल्लेबाजों को अनुशासन दिखाना होगा। मैच के पहले दो दिन जब पिच सख्त रहेगी, तब लंबी साझेदारियां बनाना और विकेट बचाकर खेलना भारत का मुख्य गेमप्लान होगा।
कोच गौतम गंभीर ने टीम मीटिंग में स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय टीम को गॉल में सत्र-दर-सत्र अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी। फील्डिंग में क्लोज-इन कैचिंग और डीआरएस (DRS) का सही इस्तेमाल इस मुकाबले में हार और जीत का अंतर तय कर सकता है।
पहले टेस्ट के लिए भारत की संभावित प्लेइंग-11
यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।