'बंदा चाहे लंदन में रहे या अमेरिका में...' विराट कोहली के तूफानी शतक के बाद आलोचकों पर भड़के मोहम्मद कैफ

'बंदा चाहे लंदन में रहे या अमेरिका में...' विराट कोहली के तूफानी शतक के बाद आलोचकों पर भड़के मोहम्मद कैफ

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली जब भी मैदान पर बल्ला थामकर उतरते हैं, तो रिकॉर्ड्स की झड़ी लगना तय माना जाता है। हाल ही में विराट कोहली द्वारा खेली गई मैच जिताऊ शतकीय पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बढ़ती उम्र और सीमित मैच खेलने के बावजूद उनकी भूख, फिटनेस और क्लास जस की तस बनी हुई है। पिछले कुछ समय से विराट कोहली के परिवार सहित लंदन में समय बिताने और घरेलू या नियमित अभ्यास सत्रों से दूर रहने को लेकर सोशल मीडिया और कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच सवाल खड़े किए जा रहे थे। लेकिन कोहली के बल्ले से निकले इस ताज़ा प्रहार के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने आलोचकों को सीधे निशाने पर लिया है।

मोहम्मद कैफ ने साफ शब्दों में कहा कि एक असाधारण खिलाड़ी के निजी जीवन या उसके ठिकाने को लेकर बहस करना पूरी तरह बेमानी है, जब वह मैदान पर उतरकर देश के लिए हर बार शत-प्रतिशत परिणाम दे रहा हो। कैफ का यह बयान सोशल मीडिया और खेल जगत में तेजी से वायरल हो रहा है।

'बंदा चाहे लंदन में रहे या अमेरिका में...': कैफ ने क्या कहा?

विराट कोहली के शतकीय प्रदर्शन की जमकर सराहना करते हुए मोहम्मद कैफ ने उनके लंदन प्रवास पर सवाल उठाने वालों को आईना दिखाया। कैफ ने अपने विश्लेषण में कहा, "बंदा चाहे लंदन में रहे या अमेरिका में, अगर वह अपना काम ईमानदारी से कर रहा है और मैदान पर उतरते ही मैच जिताकर दे रहा है, तो किसी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि वह कहां रहता है।"

कैफ ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि आलोचक अक्सर यह भूल जाते हैं कि विराट कोहली जैसे एलीट स्तर के एथलीट किसी भी देश में रहें, वे अपनी फिटनेस, ट्रेनिंग और मानसिक अनुशासन से कभी समझौता नहीं करते। वे महीने में चाहे एक मैच खेलें या चुनिंदा सीरीज में हिस्सा लें, जब भी वे नीली जर्सी पहनते हैं, तो उनकी लय और ऊर्जा 25 साल के युवा जैसी नजर आती है।

'अगर बल्ला बोलता है तो कोई हाथ नहीं लगा सकता'

मोहम्मद कैफ ने रेखांकित किया कि आधुनिक क्रिकेट में लंबे अंतराल के बाद सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर बिना किसी हिचकिचाहट के रन बनाना हर किसी के बस की बात नहीं है। कोहली ने जिस आक्रामक अंदाज में बड़े शॉट्स और गगनचुंबी छक्के लगाए, वह उनके बदले हुए और निडर माइंडसेट को दर्शाता है।

कैफ ने कहा, "विराट कोहली ने अपने दिमाग में यह बात पूरी तरह साफ कर ली है कि अगर आपका बल्ला बोल रहा है, तो कोई आपको छू भी नहीं सकता। युवा खिलाड़ियों को कोहली से यह सीखना चाहिए कि फिटनेस, लगन, समर्पण और खुद के खेल के मानक को कैसे शीर्ष पर बनाए रखा जाता है। उनका एकमात्र लक्ष्य हमेशा क्रीज पर नाबाद रहकर टीम को जीत दिलाना होता है। ऐसे में वे छुट्टी कहां बिताते हैं या कहां रहते हैं, यह मुद्दा चर्चा का विषय होना ही नहीं चाहिए।"

निजी जीवन बनाम पेशेवर प्रदर्शन: बेवजह का विवाद

गौरतलब है कि टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों के बाद वनडे और आईपीएल पर फोकस कर रहे विराट कोहली अपने खाली समय में अपने परिवार के साथ लंदन में शांतिपूर्वक समय बिताना पसंद करते हैं। इसे लेकर कई बार यह नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई कि क्या कोहली भारतीय क्रिकेट और घरेलू ढांचे से दूर हो रहे हैं।

मोहम्मद कैफ ने इसी दोहरे मानदंड पर तीखा प्रहार किया है। उनका मानना है कि 15,000 से अधिक वनडे रन और दर्जनों शतक ठोकने वाला बल्लेबाज जब हर मैच में रन बना रहा हो, तो उसकी व्यक्तिगत आजादी का सम्मान किया जाना चाहिए। कैफ के इस बेबाक रुख ने उन तमाम आलोचकों की बोलती बंद कर दी है जो खेल के बजाय खिलाड़ियों के निजी जीवन में कमियां ढूंढने की कोशिश करते हैं।