WTC Points Table: कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से भारत को तगड़ा झटका! अंक तालिका में 5वें नंबर पर अटका भारत, घट गया जीत प्रतिशत

WTC Points Table: कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से भारत को तगड़ा झटका! अंक तालिका में 5वें नंबर पर अटका भारत, घट गया जीत प्रतिशत

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ पर समाप्त होने के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली है। हालांकि, सीरीज जीत की इस खुशी के बीच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) के लिहाज से टीम इंडिया को तगड़ा झटका लगा है। पहली पारी में 503/9 का विशाल स्कोर बनाकर और श्रीलंका को फॉलोऑन देकर जीत की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम पांचवें दिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों के जुझारूपन के आगे मैच खत्म नहीं कर सकी। मैच ड्रॉ होने के कारण भारतीय टीम को पूरे 12 अंकों के बजाय महज 4 अंक मिले, जिससे अंक तालिका में भारत का जीत प्रतिशत (PCT) गिर गया है और लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल की राह और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।

फॉलोऑन देकर भी जीत से चूकी टीम इंडिया: सोनल दिनुषा ने फेरा मंसूबों पर पानी

कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम ने देवदत्त पडिक्कल के 117 रनों के शतक और मध्यक्रम के दम पर 503 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा किया था। जवाब में श्रीलंकाई टीम पहली पारी में 290 रनों पर ढेर हो गई और कप्तान शुभमन गिल ने मेजबान टीम को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया।

दूसरी पारी में जब भारतीय गेंदबाजों से मैच को जल्दी समेटने की उम्मीद थी, तब श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा दीवार बनकर खड़े हो गए। दिनुषा ने दोनों पारियों में शतक जड़ने का दुर्लभ कारनामा करते हुए दूसरी पारी में 264 गेंदों पर 133 रनों की नाबाद मैराथन पारी खेली। श्रीलंका ने 154 ओवरों में 429/9 का स्कोर बनाकर मैच को पांचवें दिन के अंतिम सत्र तक खींच लिया और अंततः दोनों कप्तानों ने मैच को ड्रॉ घोषित करने पर सहमति जताई।

जीत प्रतिशत में गिरावट: 53.33% से घटकर 51.52% पर फिसला भारत

कोलंबो टेस्ट में जीत मिलने पर भारतीय टीम का पॉइंट्स प्रतिशत 57.57% हो जाता, जिससे भारत चौथे नंबर पर मौजूद बांग्लादेश (55.56%) को पछाड़कर चौथे स्थान पर पहुंच जाता। लेकिन मैच ड्रॉ रहने से भारत को 8 बहुमूल्य अंकों का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।

इस ड्रॉ के बाद भारतीय टीम का पॉइंट्स प्रतिशत 53.33% से गिरकर 51.52% पर आ गया है। भारत ने मौजूदा 2025-27 डब्ल्यूटीसी चक्र में अब तक कुल 11 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 5 मैचों में जीत, 4 में हार और 2 मैच ड्रॉ रहे हैं। भारतीय टीम 68 अंकों के साथ अंक तालिका में पांचवें पायदान पर ही अटकी रह गई है।

WTC Points Table 2025-27: ताजा अंक तालिका का हाल

स्थान टीम मैच जीत हार ड्रॉ कुल पॉइंट्स जीत प्रतिशत (PCT)
1 ऑस्ट्रेलिया 10 8 2 0 96 80.00%
2 साउथ अफ्रीका 4 3 1 0 36 75.00%
3 न्यूजीलैंड 6 4 1 1 52 72.22%
4 बांग्लादेश 6 3 2 1 40 55.56%
5 भारत 11 5 4 2 68 51.52%
6 श्रीलंका 6 1 2 3 24 33.33%
7 इंग्लैंड 14 5 8 1 50 29.76%
8 वेस्टइंडीज 12 2 8 2 30 20.83%
9 पाकिस्तान 7 2 5 0 16 19.05%

फाइनल की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका का दबदबा

अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर रहने वाली टीमें ही डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालिफाई करती हैं। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई टीम 80.00% अंकों के साथ शीर्ष पर मजबूती से काबिज है। गत चैंपियन साउथ अफ्रीका 75.00% के साथ दूसरे और न्यूजीलैंड 72.22% के साथ तीसरे पायदान पर बनी हुई है। बांग्लादेश की टीम 55.56% के साथ चौथे स्थान पर रहकर शीर्ष टीमों को कड़ी टक्कर दे रही है।

वहीं, श्रीलंका की टीम 33.33% के साथ छठे स्थान पर है। इंग्लैंड (29.76%) सातवें और पाकिस्तान (19.05%) नौवें पायदान पर फिसल चुका है।

WTC Final Scenario: भारत को बचे हुए 7 मैचों में क्या करना होगा?

भारतीय टीम के सामने अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में लगातार तीसरी बार प्रवेश करने के लिए बेहद कड़ा समीकरण बन चुका है:

  • बाकी बचे 7 टेस्ट मैच: टीम इंडिया को मौजूदा चक्र में अभी 7 टेस्ट मैच और खेलने हैं। इनमें नवंबर 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 मैचों की विदेशी टेस्ट सीरीज और जनवरी-फरवरी 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की घरेलू बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज शामिल है।

  • कम से कम 5 से 6 जीत की जरूरत: फाइनल की दौड़ में शीर्ष-2 में जगह बनाने के लिए भारत को इन 7 मुकाबलों में से कम से कम 5 या 6 मैच जीतने होंगे।

  • गलती की कोई गुंजाइश नहीं: यदि टीम इंडिया न्यूजीलैंड या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक से अधिक मैच गंवाती है या मुकाबले ड्रॉ होते हैं, तो उसका जीत प्रतिशत 60% से नीचे रह जाएगा, जिससे फाइनल का टिकट हाथ से फिसल सकता है।

  • अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भरता: भारत को न केवल अपने मैच जीतने होंगे, बल्कि यह भी उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आगामी सीरीज में अंक गंवाएं।

विदेशी पिचों और घरेलू मैदानों पर अग्निपरीक्षा

कोलंबो में आसान जीत गंवाने के बाद अब शुभमन गिल की युवा ब्रिगेड पर दबाव काफी बढ़ चुका है। न्यूजीलैंड की सीमिंग और स्विंग पिचों पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज हमेशा से कठिन रही है। इसके बाद दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की लंबी सीरीज भारत की असली परीक्षा लेगी। यदि भारतीय टीम को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर होने वाले खिताबी मुकाबले में कदम रखना है, तो उसे आगामी दोनों टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप या एकतरफा जीत दर्ज करने के इरादे से ही मैदान पर उतरना होगा।