लखनऊ से बनारस, प्रयागराज और बहराइच के लिए दौड़ेंगी 20 नई इलेक्ट्रिक बसें: सिंगल चार्ज में तय करेंगी 350 किमी का सफर, ₹210 से शुरू होगा किराया

लखनऊ से बनारस, प्रयागराज और बहराइच के लिए दौड़ेंगी 20 नई इलेक्ट्रिक बसें: सिंगल चार्ज में तय करेंगी 350 किमी का सफर, ₹210 से शुरू होगा किराया

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, व्यापारिक और ऐतिहासिक शहरों के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने पर्यावरण अनुकूल और आरामदायक यात्रा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार की 'ग्रीन मोबिलिटी' और 'इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति' के तहत लखनऊ से वाराणसी (बनारस), प्रयागराज और बहराइच के बीच 20 नई वातानुकूलित (AC) इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बढ़ते डीजल-पेट्रोल के दामों, कार्बन उत्सर्जन और ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही ये अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखेंगी, बल्कि यात्रियों को बजट-फ्रेंडली किराए में सुपर-लग्जरी सफर का अनुभव भी प्रदान करेंगी।

परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, इन ई-बसों को लंबी दूरी के इंटरसिटी रूट्स पर संचालित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। ये बसें हाई-कैपेसिटी लिथियम-आयन बैटरी पैक से लैस हैं, जो एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 300 से 350 किलोमीटर तक का सफर बिना किसी रुकावट के तय करने में सक्षम हैं। लखनऊ के आलमबाग बस टर्मिनल और चारबाग डिपो में इन बसों के लिए अत्याधुनिक फास्ट-चार्जिंग हब स्थापित किए जा रहे हैं, जहां मात्र 45 से 60 मिनट के भीतर बस की बैटरी 80 प्रतिशत तक चार्ज हो सकेगी।

किराया सूची जारी: जानिए बनारस, प्रयागराज और बहराइच का प्रस्तावित टिकट दर

यात्रियों के बजट को ध्यान में रखते हुए यूपी रोडवेज ने इन इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसों के किराए को बेहद किफायती और प्रतिस्पर्धी रखा है। 3 बाई 2 (3x2) सीटिंग व्यवस्था वाली इन ई-बसों का बेस फेयर लगभग 1.64 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है।

परिवहन निगम द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावित किराए का विवरण इस प्रकार है:

  • लखनऊ से प्रयागराज: प्रयागराज (संगमनगरी) की लगभग 200 किलोमीटर की दूरी के लिए यात्रियों को प्रति सीट मात्र ₹336 का किराया देना होगा। यह किराया सामान्य जनरथ और वोल्वो बसों की तुलना में काफी सस्ता है, जिससे महाकुंभ और त्रिवेणी संगम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

  • लखनऊ से वाराणसी (बनारस): काशी विश्वनाथ की नगरी बनारस (लगभग 290-300 किमी) तक के सफर के लिए प्रति यात्री किराया ₹475 प्रस्तावित किया गया है। इस रूट पर ट्रेन टिकटों में भारी वेटिंग लिस्ट रहने के कारण यह ई-बस सेवा यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनेगी।

  • लखनऊ से बहराइच: तराई क्षेत्र के प्रमुख जिले बहराइच (लगभग 130 किमी) के लिए किराया केवल ₹210 तय किया गया है। इससे भारत-नेपाल सीमा और पूर्वांचल के जिलों में आवागमन करने वाले व्यापारियों और छात्रों को तेज व सुलभ साधन मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई ई-बसें: सुरक्षा और आराम का नया स्तर

पारंपरिक डीजल बसों के मुकाबले ये इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह साइलेंट (Noise-Free) और वाइब्रेशन-फ्री यात्रा का अहसास कराती हैं। यात्रियों की सुख-सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन बसों में कई हाई-टेक फीचर्स जोड़े गए हैं:

  • स्मार्ट एयर कंडीशनिंग और हीटिंग: मौसम के अनुकूल तापमान नियंत्रित करने वाला ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम।

  • महिला सुरक्षा और निगरानी: प्रत्येक बस में 360-डिग्री नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे और हर सीट के पास 'पैनिक बटन' (Emergency Panic Button) लगाया गया है, जो सीधे यूपी 112 और रोडवेज कमांड सेंटर से जुड़ा होगा।

  • डिजिटल कनेक्टिविटी: सफर के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए हर सीट रो में डेडिकेटेड यूएसबी और फास्ट मोबाइल चार्जिंग पोर्ट्स उपलब्ध रहेंगे।

  • पुशबैक सीटें और लेग स्पेस: लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखते हुए आरामदायक और एर्गोनोमिकली डिजाइंड पुशबैक सीटें दी गई हैं ताकि यात्रियों को थकान न हो।

  • रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग: बसों में जीपीएस डिवाइस लगे होंगे, जिससे यात्री यूपी रोडवेज के मोबाइल ऐप पर बस की सटीक लाइव लोकेशन और आगमन समय देख सकेंगे।

  • डिजिटल डिस्प्ले और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट: अगले स्टॉपेज और स्टेशन की जानकारी के लिए एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और ऑटोमेटेड वॉयस अनाउंसमेंट सिस्टम मौजूद रहेगा।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क: प्रमुख डिपो पर तैयार हुए फास्ट चार्जर्स

लंबी दूरी के सफर में बैटरी डिस्चार्ज होने के जोखिम को समाप्त करने के लिए परिवहन निगम ने रणनीतिक स्थानों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। लखनऊ के अलावा प्रयागराज के सिविल लाइंस डिपो, वाराणसी के कैंट बस स्टेशन और बहराइच डिपो में हाई-पावर डीसी फास्ट चार्जिंग पॉइंट्स लगाए गए हैं।

इसके साथ ही, लखनऊ-प्रयागराज हाईवे (रायबरेली के निकट) और लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी नेशनल हाईवे पर चुनिंदा ढाबों और टोल प्लाजा के पास भी इमरजेंसी बैकअप चार्जिंग की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में गाड़ियों को बीच रास्ते में 15 से 20 मिनट के भीतर टॉप-अप चार्ज दिया जा सके।

ऑनलाइन बुकिंग और टिकट प्रणाली: घर बैठे बुक कर सकेंगे सीट

इन 20 इलेक्ट्रिक बसों के टिकट यात्री यूपीएसआरटीसी (UPSRTC) के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप के साथ-साथ 'रेडबस' (redBus), 'अभिबस' (AbhiBus) और 'पेटीएम' (Paytm) जैसे प्रमुख ट्रेवल प्लेटफॉर्म्स से भी बुक कर सकेंगे। इसके अलावा, बस स्टेशनों पर स्थित ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVM) और पारंपरिक काउंटरों पर भी करंट टिकट उपलब्ध रहेगा। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई (UPI), डेबिट/क्रेडिट कार्ड और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) से भुगतान करने पर यात्रियों को आकर्षक कैशबैक और छूट के विकल्प भी मिलेंगे।

यूपी में ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन की नई शुरुआत

लखनऊ से बनारस, प्रयागराज और बहराइच के बीच 20 इलेक्ट्रिक बसों का यह संचालन उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के एक नए युग का सूत्रपात करता है। डीजल के भारी खर्च को कम करने और सड़कों से प्रदूषण घटाने के साथ-साथ यह सेवा आम नागरिकों को कम कीमत पर विश्वस्तरीय परिवहन का विकल्प देगी। परिवहन निगम के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता और यात्रियों के फीडबैक के आधार पर आने वाले महीनों में अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, झांसी और बरेली जैसे अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी 100 से अधिक अतिरिक्त इंटरसिटी ई-बसों का बेड़ा शामिल किया जाएगा।