माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे के काफिले की 4 लग्जरी गाड़ियां जब्त, टोल बैरियर तोड़कर कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश पर पुलिस का बड़ा एक्शन
उत्तर प्रदेश में माफिया तंत्र और बाहुबलियों के बचे-खुचे गुर्गों के खिलाफ पुलिस प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। प्रयागराज और आसपास के जिलों में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के क्रम में पुलिस ने एक और बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे के काफिले से जुड़ी चार लग्जरी गाड़ियों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जब्त कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई हाईवे स्थित एक टोल प्लाजा पर बैरियर को जबरन तोड़ने, बिना टोल टैक्स दिए दबंगई से गाड़ियां निकालने और रोकने का प्रयास करने वाले टोल प्लाजा के निहत्थे कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर उन्हें गाड़ियों से कुचलने की कोशिश करने के गंभीर मामले में की गई है। टोल प्लाजा पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं।
टोल प्लाजा पर दबंगई और बैरियर तोड़ने का पूरा घटनाक्रम
यह खौफनाक वारदात उस समय घटित हुई जब देर रात कई गाड़ियों का एक लंबा काफिला तेज रफ्तार में हाईवे से गुजर रहा था। टोल प्लाजा के अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफिले में शामिल गाड़ियां वीआईपी लेन और सामान्य टोल लेन में तेजी से आकर रुकीं। जब वहां तैनात टोल कर्मियों ने निर्धारित टोल टैक्स के लिए गाड़ियों को रोकने का इशारा किया और बैरियर नीचे गिरा दिया, तो गाड़ियों में सवार युवकों ने दबंगई दिखानी शुरू कर दी।
काफिले में सवार लोग टोल कर्मियों को धमकाते हुए बैरियर तुरंत हटाने का दबाव बनाने लगे। जब कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए टैक्स अदा करने या वैध छूट पास दिखाने की बात कही, तो काफिले की गाड़ियों के चालकों ने अपनी गाड़ियों की रफ्तार अचानक बढ़ा दी। आगे चल रही गाड़ियों ने टोल बूम बैरियर को जोरदार टक्कर मारकर तोड़ दिया और तेजी से आगे निकल गईं। इस दौरान जब कुछ साहसी कर्मचारियों ने भागती हुई गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर गाड़ियां चढ़ाने की सीधी कोशिश की। कर्मचारियों ने मौके से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई, जिसमें कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें भी आईं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 4 लग्जरी गाड़ियां जब्त और मुकदमा दर्ज
टोल प्लाजा प्रबंधन द्वारा घटना की तत्काल सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय थाने को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा था कि किस तरह काफिले में शामिल गाड़ियां बिना रुके बैरियर को तोड़ते हुए कर्मचारियों की जान को खतरे में डालकर फर्राटा भरते हुए निकल गईं।
सीसीटीवी फुटेज में दर्ज गाड़ी नंबरों के आधार पर पुलिस ने जिले भर के सभी प्रमुख चौराहों और टोल नाकों पर तत्काल वायरलेस मैसेज फ्लैश कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। कुछ ही घंटों की नाकेबंदी के बाद पुलिस टीम ने काफिले में शामिल चार प्रमुख लग्जरी गाड़ियों को चिन्हित कर अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें जब्त कर थाने ले आई। पुलिस ने टोल कर्मियों की तहरीर पर जानलेवा हमला करने, सरकारी/निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, लोक शांति भंग करने और संगठित रूप से धमकाने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
माफिया अतीक के गिरोह और गुर्गों पर लगातार कसता शिकंजा
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के अंत के बाद भी पुलिस प्रशासन उनके आपराधिक सिंडिकेट, अवैध संपत्तियों और उनके नाम पर समाज में दहशत फैलाने वाले गुर्गों पर पूरी नजर बनाए हुए है। अतीक के दोनों बड़े बेटे—मोहम्मद उमर और अली अहमद—विभिन्न आपराधिक मामलों, रंगदारी और उमेश पाल हत्याकांड की साजिश से जुड़े मामलों में पहले से ही प्रदेश की अलग-अलग जेलों में उच्च सुरक्षा वाली बैरकों में बंद हैं।
जेल में बंद बेटों के नाम पर या उनके समर्थकों द्वारा शहर और आसपास के इलाकों में किसी भी तरह का शक्ति प्रदर्शन करने या कानून को हाथ में लेने की कोशिशों को पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति माफिया के नाम का सहारा लेकर आम जनता या कर्मचारियों पर रौब गालिब करने या गुंडागर्दी करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए जैसी सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टोल सुरक्षा और वीआईपी कल्चर पर कड़ा प्रहार
हाइवे पर बने टोल प्लाजा पर आए दिन दबंगों और खुद को रसूखदार बताने वाले लोगों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट और बैरियर तोड़ने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और नियम पालन के मुद्दे को गरमा दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी अनधिकृत वाहन को बिना टोल दिए जाने की अनुमति नहीं है।
स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या किसी भी बड़े परिवार से ताल्लुक रखता हो, कानून सबके लिए बराबर है। टोल कर्मियों के साथ अभद्रता और जानलेवा हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब्त की गई चारों गाड़ियों के दस्तावेजों, उनके वास्तविक मालिकों और घटना के समय उनमें सवार लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है ताकि उन सभी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर उन्हें जेल भेजा जा सके।
कानून-व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति का सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू कर रखी है। इस घटना के तुरंत बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि प्रदेश की सड़कों पर किसी भी प्रकार की गुंडई या माफिया संस्कृति के पुनर्जीवन को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस की कई टीमें अब इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि यह काफिला कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था, तथा गाड़ियों में कौन-कौन से लोग सवार थे। टोल प्लाजा के पास लगे अन्य कैमरों और फास्टैग रिकॉर्ड्स की मदद से पूरे रूट की मैपिंग की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून तोड़ने वालों को यह कड़ा सबक सिखाया जाएगा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज है, किसी बाहुबली या माफिया का नहीं।