कांवड़ यात्रा के दौरान हापुड़ में भीषण हादसा! डीजे ट्रॉली के जनरेटर में फंसे 14 वर्षीय किशोरी के बाल, सिर की खाल समेत उखड़ा हिस्सा, मेरठ रेफर

कांवड़ यात्रा के दौरान हापुड़ में भीषण हादसा! डीजे ट्रॉली के जनरेटर में फंसे 14 वर्षीय किशोरी के बाल, सिर की खाल समेत उखड़ा हिस्सा, मेरठ रेफर

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से कांवड़ यात्रा के दौरान एक अत्यंत दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। हापुड़-मेरठ हाइवे पर कांवड़ियों के जत्थे के साथ चल रही एक डीजे (DJ) ट्रॉली में तेज गति से चल रहे जनरेटर की बेल्ट में 14 वर्षीय एक किशोरी के लंबे बाल अचानक फंस गए। झटका इतना तेज और भयानक था कि पलक झपकते ही किशोरी के सिर के ऊपर के हिस्से के बाल त्वचा और मांस (खाल) समेत उखड़कर अलग हो गए। किशोरी के चीखते ही मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। अत्यधिक खून बहने से बेसुध हुई किशोरी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेरठ के उच्च स्तरीय मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। इस भयावह घटना के बाद क्षेत्र में मातम और सनसनी का माहौल है, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जनरेटर और डीजे ट्रॉली को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कैसे घटा यह भयानक हादसा? जानिए चश्मदीदों की जुबानी

मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मेरठ-हापुड़ रोड पर उस समय घटा जब शिवभक्त कांवड़ियों का एक जत्था डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। डीजे साउंड सिस्टम को ऊर्जा देने के लिए ट्रॉली के ठीक पीछे एक बड़ा और उच्च क्षमता का डीजल जनरेटर रखा गया था, जो बिना किसी सुरक्षा कवर के खुला चल रहा था। 14 वर्षीय किशोरी अपने परिवार और ग्रामीणों के साथ कांवड़ यात्रा के इस जत्थे में शामिल थी और डीजे ट्रॉली के पास ही चल रही थी।

चलते-चलते अचानक हवा के झोंके या अनधानता के कारण किशोरी के लंबे बाल जनरेटर के तेजी से घूमते हुए व्हील और बेल्ट की चपेट में आ गए। जनरेटर का खिंचाव इतना शक्तिशाली था कि किशोरी को संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला और उसके सिर का पूरा ऊपरी चमड़ा (Scalp) बालों के साथ खिंचकर जनरेटर में लिपट गया। किशोरी की दिल दहला देने वाली चीख सुनकर आसपास चल रहे कांवड़िए और परिजन सन्न रह गए। लोगों ने तुरंत जनरेटर बंद किया और खून से लथपथ किशोरी को जनरेटर के पुर्जों से बाहर निकाला।

मेरठ अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने बताई बेहद गंभीर स्थिति

हादसे के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय पुलिस लहूलुहान किशोरी को हापुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। सिर का बड़ा हिस्सा उखड़ जाने और अत्यधिक मात्रा में रक्तस्राव (Bleeding) होने के कारण किशोरी की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई थी। हापुड़ के डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक चिकित्सा देकर खून के बहाव को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्लास्टिक सर्जरी और न्यूरो-सर्जरी विशेषज्ञों की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए उसे तुरंत मेरठ के हायर सेंटर (लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज/निजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल) के लिए रेफर कर दिया गया।

मेरठ के अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम किशोरी के इलाज और इमरजेंसी सर्जरी में जुटी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, किशोरी का भारी मात्रा में खून बह चुका है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उखड़ी हुई त्वचा को दोबारा प्रत्यारोपित (Replant) करने अथवा प्लास्टिक सर्जरी के जरिए ढकने की संभावनाओं पर विशेषज्ञ विचार कर रहे हैं। इस घटना के बाद से किशोरी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

कांवड़ यात्रा में डीजे ट्रॉली और खुले जनरेटरों की सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल

हापुड़ में घटी इस खौफनाक घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे ट्रॉलियों और उसमें इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम साउंड सिस्टम व जनरेटरों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यद्यपि उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा के सुचारु संचालन के लिए डीजे की ऊंचाई, ध्वनि सीमा (Decibel Level) और जनरेटरों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर इनका कड़ाई से पालन नहीं हो पा रहा है।

अक्सर देखा जाता है कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रॉलियों में रखे भारी जनरेटरों के घूमते हुए हिस्से (फैन, बेल्ट और पुली) बिना किसी जाली या सुरक्षा कवच (Safety Guard/Cover) के खुले रहते हैं। भीड़भाड़ वाले कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के कपड़े या बाल इन खुले पुर्जों में फंसने का भारी जोखिम बना रहता है। इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस और प्रशासन को खुले जनरेटर लेकर चलने वाली ट्रॉलियों पर तुरंत रोक लगानी चाहिए और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की अपील

घटना की सूचना मिलते ही हापुड़ कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और दुर्घटना का कारण बनी डीजे ट्रॉली व जनरेटर को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर और मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयानों के आधार पर डीजे संचालक व लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इसके साथ ही हापुड़ व आसपास के जिलों के पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और डीजे संचालकों से पुरजोर अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों में बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। जनरेटरों के घूमते हुए पुर्जों को जाली या मजबूत कवर से ढककर रखें, डीजे ट्रॉलियों से सुरक्षित दूरी बनाकर चलें और बच्चों व महिलाओं का विशेष ध्यान रखें ताकि भविष्य में इस प्रकार के किसी दर्दनाक हादसे की पुनरावृत्ति न हो।