बांके बिहारी कॉरिडोर पर भड़के अजय राय, सीएम योगी पर मंदिर का खजाना लुटाने का आरोप

बांके बिहारी कॉरिडोर पर भड़के अजय राय, सीएम योगी पर मंदिर का खजाना लुटाने का आरोप

उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी मथुरा और वृंदावन का सियासी तापमान उस वक्त अचानक गरमा गया, जब यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'बांके बिहारी कॉरिडोर' के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। मथुरा पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि विकास के नाम पर वृंदावन की प्राचीन और आध्यात्मिक पहचान को मिटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह काशी में प्राचीन धरोहरों, गलियों और जनजीवन को आहत किया गया, ठीक उसी तर्ज पर अब वृंदावन के स्थानीय निवासियों, संतों और व्यापारियों को विस्थापित कर कॉरिडोर थोपने की तैयारी है। अजय राय के इस बयान ने मथुरा-वृंदावन से लेकर राजधानी लखनऊ तक के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, खासकर ऐसे समय में जब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज क्षेत्र के विकास और कॉरिडोर निर्माण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बता चुके हैं।

'काशी की तरह वृंदावन को उजाड़ने की साजिश': बांके बिहारी कॉरिडोर पर अजय राय का बड़ा प्रहार

मथुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और जनसंवाद के बाद मीडिया से मुखातिब हुए अजय राय ने बांके बिहारी कॉरिडोर को 'विनाशकारी मॉडल' करार दिया। उन्होंने कहा कि वृंदावन केवल कंक्रीट का कोई ढांचा या पर्यटन केंद्र नहीं है, बल्कि यह करोड़ों कृष्ण भक्तों की भक्ति, आस्था, संकरी कुंज गलियों और प्राचीन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है।

अजय राय ने कहा कि सरकार कॉरिडोर के नाम पर वृंदावन में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ करने जा रही है, जिससे सैकड़ों साल पुराने मकान, दुकानें और सेवायत परिवारों की जड़ें उखड़ जाएंगी। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां भी भव्यता के नाम पर स्थानीय लोगों की भावनाओं और प्राचीनता को ठेस पहुंचाई गई थी और अब वही प्रयोग वृंदावन पर थोपा जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी स्थानीय नागरिकों, सेवायतों और व्यापारियों के साथ खड़ी है और किसी भी सूरत में जबरन विस्थापन और विध्वंस की अनुमति नहीं देगी।

'ठाकुर जी के खजाने से हो रही रजिस्ट्री': मंदिर के धन के इस्तेमाल पर दागे तीखे सवाल

बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीनों और मकानों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अजय राय ने एक बेहद गंभीर आरोप जड़ा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर निर्माण के लिए जो जमीनें खरीदी जा रही हैं, उनके मुआवजे और रजिस्ट्री का पैसा सरकार अपने बजट से देने के बजाय ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज के खजाने और मंदिर के चढ़ावे से खर्च करवा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा ठाकुर जी के चरणों में अर्पित किया गया धन भक्तों की पवित्र भावना का हिस्सा है। इस धन का इस्तेमाल सरकार को अपने तथाकथित विकास और निर्माण कार्यों की रजिस्ट्री में करने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी करे और यह स्पष्ट करे कि अब तक मंदिर के खजाने से कितने करोड़ रुपये निकाले गए हैं और कॉरिडोर की वास्तविक वित्तीय योजना क्या है। उन्होंने कहा कि इस मनमानी वित्तीय व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

यमुना सफाई पर चारों तरफ भाजपा, फिर भी मैली क्यों? मथुरा के जलभराव पर घेरा

धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र यमुना नदी की दयनीय स्थिति को लेकर भी अजय राय ने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार पर जबर्दस्त तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और केंद्र—चारों जगहों पर भारतीय जनता पार्टी की ही सरकारें सत्ता में हैं, तो फिर यमुना नदी आज तक साफ क्यों नहीं हो सकी?

उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये 'नमामि गंगे' और यमुना एक्शन प्लान के नाम पर पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन आज भी मथुरा और वृंदावन के घाटों पर यमुना जी का जल आचमन करने लायक तक नहीं बचा है। गंदगी और सीधे गिरते नालों से यमुना का अस्तित्व संकट में है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने मथुरा शहर के नागरिक बुनियादी ढांचे की पोल खोलते हुए कहा कि थोड़ी सी बारिश में पूरी कृष्णनगरी झील में तब्दील हो जाती है। जलभराव से स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले श्रद्धालु त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि केवल हवाई वादों तक सीमित हैं।

'जेन-जी' को 2027 में टिकट और दिल्ली आंदोलन: युवाओं की लड़ाई पर राहुल गांधी का हवाला

अजय राय ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की रणनीतिक दिशा का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बार युवाओं और विशेष रूप से 'जेन-जी' (Gen-Z) यानी 18 से 25 वर्ष के जागरूक नौजवानों को राजनीति की मुख्यधारा में लाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।

उन्होंने संकेत दिया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के दौरान पार्टी जेन-जी और ऊर्जावान युवाओं को प्राथमिकता देगी। अजय राय ने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और तानाशाही नीतियों से त्रस्त है। उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली में जब जेन-जी युवाओं ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, तो उनके ऊपर पैलेट गन चलाई गई थी। पैलेट गन से घायल हुए युवक की एफआईआर तक दर्ज करने से पुलिस कतरा रही थी, जिसके बाद राहुल गांधी खुद धरने पर बैठे और तब जाकर प्रशासन ने मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के हक की लड़ाई केवल कांग्रेस पार्टी ही सड़क से संसद तक पूरी ईमानदारी से लड़ रही है।

प्रयागराज पटाखा ब्लास्ट से लेकर बढ़ते अपराध तक: कानून-व्यवस्था और जीडीपी दावों की खोली पोल

राज्य की कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावों को नकारते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल ही में प्रयागराज में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री हादसे का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घनी आबादी के बीच अवैध रूप से चल रही उस पटाखा फैक्ट्री की जानकारी पुलिस और प्रशासन को पहले से थी।

अजय राय ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उस अवैध ठिकाने से हर महीने बंधी-बंधाई वसूली की जा रही थी और उसी प्रशासनिक भ्रष्टाचार के कारण हुए भीषण विस्फोट में 13 बेगुनाह लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। उन्होंने सवाल किया कि इस नरसंहार का असली जिम्मेदार कौन है और क्या अवैध वसूली करने वाले अधिकारियों पर बुलडोजर चलेगा? उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, दिनदहाड़े हत्याएं और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन सरकार कागजी आंकड़ों में व्यस्त है। देश की अर्थव्यवस्था और जीडीपी पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनके आर्थिक सचिव अलग-अलग बयान दे रहे हैं, जिससे साफ है कि आर्थिक मोर्चे पर जनता को गुमराह किया जा रहा है।

2027 का सियासी दंगल: पिंडरा से चुनाव लड़ने का ऐलान और गठबंधन पर रुख

मथुरा में पत्रकारों द्वारा 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय राय ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी दल के साथ मिलकर जाना है या अकेले लड़ना है, इसका अंतिम फैसला कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।

अजय राय ने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का संगठन ब्लॉक और बूथ स्तर पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। पार्टी जनता के हर दुख-दर्द, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सड़क पर उतरकर सबसे आगे खड़ी नजर आती है, जिससे जनता में कांग्रेस के प्रति भरोसा तेजी से बढ़ा है। उन्होंने यह भी औपचारिक घोषणा की कि वह खुद वाराणसी की अपनी परंपरागत पिंडरा विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि पिंडरा उनका राजनीतिक घर है और उन्होंने वहां से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी जीत दर्ज की थी।

मथुरा की इस प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर समेत पार्टी के तमाम प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। अजय राय के इस आक्रामक रुख ने साफ संकेत दे दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में बांके बिहारी कॉरिडोर, यमुना शुद्धिकरण और स्थानीय विस्थापन का मुद्दा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में विपक्ष का सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनने जा रहा है।