पूर्वी यूपी में बारिश थमते ही धूप और उमस से चढ़ा पारा, पश्चिमी यूपी में मूसलाधार बारिश; 17 से अधिक जिलों में अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में मानसूनी हवाओं के रुख में आए बदलाव के चलते राज्य के दोनों सिरों पर मौसम का बिल्कुल अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के अधिकांश जिलों में पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश का सिलसिला लगभग थम गया है या काफी छिटपुट हो गया है। बादलों के छंटने और तेज धूप निकलने से प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे लोगों को चिपचिपी और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके ठीक विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज क्षेत्र में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ और ताजनगरी आगरा तक शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार तक रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। झमाझम बारिश के चलते पश्चिमी यूपी के प्रमुख शहरों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री नीचे लुढ़क गया है, जिससे वहां मौसम सुहावना बना हुआ है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव ने स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
पूर्वी यूपी में क्यों चढ़ा पारा? प्रयागराज और वाराणसी में उमस का असर
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कमजोर पड़ने और मानसून ट्रफ लाइन के नीचे खिसकने के कारण पूर्वी यूपी में फिलहाल बादलों का जमावड़ा कम हो गया है।
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प्रयागराज में बढ़ा तापमान: प्रयागराज में लगातार हो रही झमाझम बारिश की रफ्तार धीमी पड़ते ही शुक्रवार को सुबह से धूप निकल आई। धूप खिलने से अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई और पारा 31.4 डिग्री तक पहुंच गया। दिनभर तेज उमस ने लोगों को पसीने से तरबतर रखा।
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कानपुर में लगातार 11वें दिन बारिश का रिकॉर्ड: पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के संगम पर स्थित कानपुर में दशकों बाद ऐसा संयोग देखा गया है जहां लगातार 11 दिनों तक बारिश दर्ज की गई। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) वेदर स्टेशन के अनुसार, 25 अगस्त से 4 सितंबर के बीच कुल 346.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, हालांकि अब यहां भी बारिश की तीव्रता में कमी आई है।
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पूर्वांचल में 6 सितंबर के बाद राहत: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी यूपी में यह शुष्क दौर केवल 24 से 48 घंटे का है। 6 सितंबर से मानसूनी हवाएं एक बार फिर पूर्वांचल में सक्रिय होंगी और 8 सितंबर तक झमाझम बारिश का दूसरा दौर शुरू होगा।
पश्चिमी यूपी के 17 से अधिक जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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इन जिलों में चेतावनी: मौसम विभाग के अनुसार सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और संभल में मध्यम से भारी बारिश, बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
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बुंदेलखंड और ब्रज में भी बौछारें: मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, झांसी और ललितपुर के ग्रामीण इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश का दौर जारी है।
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पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश? पिछले 24 घंटों में सुलतानपुर में 16.4 मिमी, गोरखपुर में 10.4 मिमी, अलीगढ़ में 9.4 मिमी, शाहजहांपुर में 8.6 मिमी, मेरठ में 7 मिमी और बरेली में 5.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
प्रशासन और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम विभाग और स्थानीय जिला प्रशासनों ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है:
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जलभराव वाले रास्तों से बचें: पश्चिमी यूपी के शहरी क्षेत्रों में अंडरपास और निचले मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए अनावश्यक रूप से वाहन लेकर निकलने से बचें।
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बिजली के खंभों और जर्जर दीवारों से दूरी: बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के तारों, खंभों और पुरानी इमारतों के पास शरण न लें।
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किसानों के लिए सुझाव: धान के खेतों के लिए यह बारिश जीवनदायिनी साबित हो रही है, लेकिन मक्का, बाजरा और सब्जी की फसलों में अतिरिक्त पानी जमा न होने दें। किसान भाइयों को जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर तक भारी से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद मानसूनी ट्रफ का झुकाव मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे 6 से 9 सितंबर के बीच राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और वाराणसी संभाग में व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे पूर्वी यूपी में बढ़ रही उमस से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।