सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण, पीड़ितों को राहत किट बांटने के बाद काशी विश्वनाथ में करेंगे दर्शन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम अपने एक दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे हैं। पिछले कुछ दिनों से गंगा और उसकी सहायक नदी वरुणा के उफान के चलते वाराणसी के कई तटीय मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई थी। हालांकि अब गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने की दिशा में है, लेकिन सैकड़ों परिवार अब भी विस्थापित होकर राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ के अपने पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद सीधे हेलीकॉप्टर से वाराणसी पहुंचे। काशी की सीमा में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आसमान से गंगा और वरुणा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण (Aerial Survey) किया, ताकि बाढ़ के पानी के फैलाव और नुकसान का सटीक जमीनी दायरा आंका जा सके। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वाराणसी के जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन से फोन पर वार्ता कर राहत कार्यों की जानकारी ली थी।
पुलिस लाइन में समीक्षा बैठक और सलारपुर राहत शिविर का दौरा
हवाई सर्वेक्षण पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरा। यहां पुलिस लाइन स्थित सेफ हाउस में मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगभग 20 मिनट की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशंस, राशन वितरण और मेडिकल सुविधाओं का ब्योरा लिया गया:
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सलारपुर इंटर कॉलेज में पीड़ितों से संवाद: समीक्षा बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से शिवपुर/सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर पहुंचे।
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राहत किट और भोजन वितरण: इस शिविर में वर्तमान में 40 परिवारों के 160 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत कर शिविर की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का फीडबैक लिया और उन्हें आवश्यक खाद्य सामग्री व आपदा राहत किट बांटी।
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अधिकारियों को सख्त निर्देश: सीएम योगी ने जिला प्रशासन को स्पष्ट हिदायत दी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों (डेंगू, मलेरिया, डायरिया) की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में मत्था टेकेंगे मुख्यमंत्री
राहत शिविर का निरीक्षण करने और पीड़ितों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला सीधे काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव और उसके उपरांत श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना होगा।
मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में षोडशोपचार विधि से भगवान शिव का पूजन और रुद्राभिषेक करेंगे। वे प्रदेश की खुशहाली, जन-कल्याण और बाढ़ व प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे लोगों के संकट निवारण के लिए विशेष प्रार्थना करेंगे। दर्शन-पूजन संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री देर शाम बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे और वहां से विशेष विमान द्वारा सीधे राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
गंगा और वरुणा में घटाव से राहत, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
केंद्रीय जल आयोग (CWC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद अब धीमी गति से घटने लगा है, जिससे वरुणा और गोमती के तटीय इलाकों में नए क्षेत्रों के जलमग्न होने का खतरा फिलहाल टल गया है। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एनडीआरएफ (NDRF), जल पुलिस और लगभग 42 राहत नावों को लगातार संवेदनशील इलाकों में तैनात रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित गति से निपटा जा सके।