फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को सीएम योगी ने बांटे जमीनों के पट्टे, 1,000 पीड़ितों को मिली राशन किट

फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को सीएम योगी ने बांटे जमीनों के पट्टे, 1,000 पीड़ितों को मिली राशन किट

उत्तर प्रदेश में मानसून के उफान और गंगा नदी के जलस्तर में हुई भारी वृद्धि से फर्रुखाबाद जिले के निचले तटीय इलाकों में मची तबाही के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पीड़ितों का दर्द बांटने ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन के विशाल वाटरप्रूफ पंडाल में पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल बाढ़ पीड़ितों से सीधा संवाद कर उनकी आपबीती सुनी, बल्कि राहत और पुनर्वास का ऐसा ठोस मॉडल पेश किया जिससे बेघर हो चुके परिवारों के चेहरे पर दोबारा उम्मीद लौट आई। नदी के कटान में अपना घर-द्वार गंवा चुके 31 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर आवासीय भूमि के पट्टे के प्रमाण पत्र सौंपे गए। इसके साथ ही नए पक्के मकान के निर्माण के लिए पीड़ितों को 1.20-1.20 लाख रुपये की सीधी आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए, ताकि वे सिर ढकने के लिए सुरक्षित ठिकाना बना सकें। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही एक हजार जरूरतमंद परिवारों को अपने हाथों से विशेष बाढ़ राहत सामग्री किट भी वितरित की।

गंगा के कटान में आशियाना गंवाने वालों को नई जमीन: 31 परिवारों को पट्टा और पुनर्वास पैकेज

बाढ़ केवल पानी का जमावड़ा नहीं लाती, बल्कि कई परिवारों के पुश्तैनी ठिकाने को अपने बहाव में विलीन कर देती है। फर्रुखाबाद में गंगा नदी के भीषण कटान की वजह से कई ग्रामीणों के कच्चे और पक्के मकान नदी की धारा में समा गए थे। ऐसे असहाय परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पानी उतरने के बाद वे अपना घर कहां बनाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को पहले ही निर्देश दिए थे कि जिन परिवारों की जमीन नदी में समा चुकी है, उन्हें सरकारी सुरक्षित भूखंडों पर तत्काल आवासीय पट्टे आवंटित किए जाएं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंच से खुद 31 पात्र परिवारों को जमीन के पट्टे की विलेख पत्रावली सौंपी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की धनराशि का चेक देकर आश्वस्त किया कि जब तक उनका नया घर तैयार नहीं हो जाता, तब तक सरकार उनके भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा दायित्व निभाएगी। इस कदम से उन परिवारों को नई जिंदगी की शुरुआत करने का संबल मिला है, जिनका सब कुछ पानी के तेज बहाव में बह चुका था।

राशन से लेकर डिग्निटी किट तक: 1,000 परिवारों को मिला 15 दिनों का सुरक्षा कवच

फतेहगढ़ पुलिस लाइन में आयोजित राहत वितरण शिविर के दौरान एक हजार बाढ़ प्रभावित परिवारों को व्यापक राहत किट बांटी गई। यह राहत किट केवल खानापूर्ति नहीं है, बल्कि विशेषज्ञों की देखरेख में डिजाइन की गई एक पूरी खाद्य और दैनिक सुरक्षा व्यवस्था है, जिससे एक परिवार कम से कम 15 से 20 दिनों तक बिना किसी परेशानी के अपना गुजारा कर सके।

इस किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 2 किलो अरहर की दाल, 5 किलो भुना चना, 2 किलो लाई, आधा किलो गुड़, 1 लीटर सरसों का शुद्ध तेल, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया और माचिस के पैकेट शामिल हैं। इसके अलावा बाढ़ के दूषित पानी से फैलने वाले जलजनित रोगों से बचाव के लिए क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस के पैकेट, तिरपाल शीट और नहाने व कपड़े धोने के साबुन भी उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री की गुणवत्ता पर जोर देते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि राहत वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही या घटिया सामग्री की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हवाई सर्वेक्षण से परखी जमीनी हकीकत: तीनों तहसीलों के किसानों की फसल बर्बादी का होगा मुआवजा

जनसभा और राहत वितरण कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर ने फर्रुखाबाद जिले की तीनों प्रमुख बाढ़ प्रभावित तहसीलों—सदर (फर्रुखाबाद), अमृतपुर और कायमगंज के डूब क्षेत्र का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण किया। हेलीकॉप्टर की खिड़की से मुख्यमंत्री ने गंगा की तेज धाराओं से घिरे मजरों, संपर्क मार्गों और जलमग्न कृषि भूमि की वास्तविक स्थिति का बारीकी से मुआयना किया।

हवाई निरीक्षण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को बड़ा भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते जिन अन्नदाता किसानों की धान, मक्का, तिलहन और सब्जियों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनका तत्काल व्यापक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गांव-गांव जाकर फसल क्षति का आकलन कर रही हैं। सर्वे रिपोर्ट फाइनल होते ही सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में फसल मुआवजे की रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

'गरीब के हक पर डकैती नहीं पड़ने देंगे': फतेहगढ़ से विपक्ष और 'सैफई सिंडिकेट' पर तीखा वार

बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती कार्यशैली पर बिना नाम लिए तीखा राजनीतिक प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार में गरीब, किसान और वंचित वर्ग के हक पर कोई भी डकैती नहीं डाल सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी सरकारों के समय 'सैफई सिंडिकेट' सक्रिय रहता था, जहां आउटसोर्सिंग एजेंसियों और बिचौलियों के माध्यम से जनता के पैसों की खुली लूट-खसोट की जाती थी। पहले आपदा के समय राहत सामग्री के नाम पर खानापूर्ति होती थी और पीड़ितों तक मदद पहुंचने से पहले ही हड़प ली जाती थी, लेकिन अब डबल इंजन सरकार में हर पीड़ित तक बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ मदद पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का खजाना जनता का है और आपदा की इस घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ पूरी सरकार चट्टान की तरह खड़ी है।

फर्रुखाबाद बनेगा नया एक्सप्रेसवे जंक्शन: गंगा एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड लिंक की बड़ी सौगात

बाढ़ राहत के बीच मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद के दीर्घकालिक ढांचागत विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद अब केवल बाढ़ और कटान की समस्याओं से जूझने वाला जिला नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला नया लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद फर्रुखाबाद एक बड़े एक्सप्रेसवे जंक्शन के रूप में तब्दील हो जाएगा, जिससे स्थानीय आलू उत्पादक किसानों, जरदोजी कारीगरों और उद्यमियों को लखनऊ, दिल्ली और बुंदेलखंड के बाजारों तक सुपरफास्ट पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की गति को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा।

प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश: स्वास्थ्य कैंप और पशुओं के चारे पर फोकस

राहत वितरण के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट और पुलिस लाइन में वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता, तब तक पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे फील्ड में मुस्तैद रहेगा।

बाढ़ प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए टैंकरों की व्यवस्था, जलशोधक गोलियों का निरंतर वितरण और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग व एंटी-लार्वा छिड़काव युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए गए। बाढ़ शरणालयों में रह रहे लोगों के लिए भोजन, महिलाओं के लिए अलग सैनिटेशन और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि बाढ़ में फंसे मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा और खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जाए, ताकि ग्रामीणों के दुधारू पशुओं को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री के इस तूफानी दौरे और त्वरित फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि सरकार केवल तात्कालिक राशन बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि विस्थापित परिवारों को स्थायी छत और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के ठोस रोडमैप पर काम कर रही है। फतेहगढ़ से राहत का यह संदेश लेकर मुख्यमंत्री अपने अगले तय कार्यक्रम के लिए भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मस्थली मथुरा रवाना हो गए।