CM योगी ने 9.18 लाख किसानों के लिए खोला खजाना: 493 करोड़ की राहत राशि DBT से सीधे खातों में ट्रांसफर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं के लिए सरकारी खजाना खोल दिया है। गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रदेश के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के बैंक खातों में कुल 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि सीधे हस्तांतरित कर दी। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आई भीषण बाढ़, भारी बारिश, ओलावृष्टि और सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए 'अर्णव' चक्रवाती तूफान के चलते जिन किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं, उन्हें त्योहारों के ऐन पहले यह बड़ी आर्थिक संजीवनी मिली है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि डबल इंजन की सरकार संकट के हर दौर में किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और आपदा के बाद महज 8 से 10 दिनों के भीतर नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा सीधे अन्नदाताओं की जेब तक पहुंचाया गया है।
'100 रुपये में से 85 रुपये बिचौलिए डकार जाते थे', कांग्रेस-सपा पर तीखा वार
मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के ऐतिहासिक बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक दौर था जब केंद्र से गरीब और किसान के नाम पर 100 रुपये भेजे जाते थे, लेकिन धरातल तक पहुंचते-पहुंचते केवल 15 रुपये ही बचते थे। मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि बीच का 85 रुपया कांग्रेसी और समाजवादी लोग अपनी जेबों में डकार जाते थे। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डबल इंजन सरकार की पारदर्शी डीबीटी व्यवस्था का कमाल है कि यदि किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, तो पूरे 25 हजार उसके बैंक खाते में पहुंचते हैं; बीच में न तो कोई दलाल है, न कमीशनखोरी और न ही कोई सरकारी पैसे पर डकैती डाल सकता है।
2014 के हुदहुद चक्रवात का जिक्र: 'सपा को किसानों का श्राप ले डूबा'
मुख्यमंत्री ने 2014 के 'हुदहुद' चक्रवात का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए समाजवादी पार्टी पर अन्नदाताओं के हक पर डाका डालने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस आपदा के समय केंद्र की तत्कालीन सरकार ने किसानों के मुआवजे के लिए 3,200 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने किसानों को महज 800 करोड़ रुपये ही बांटे और बाकी 2,400 करोड़ रुपये सपाई हजम कर गए। सीएम ने कहा, "किसानों की मेहनत की कमाई हड़पने का यही श्राप आज सपा को ले डूबा है और जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया है"। उन्होंने बताया कि 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्होंने इस घोटाले की जांच करवाई और बजट का अलग से प्रावधान कर छूटे हुए किसानों के बकाए का भुगतान सुनिश्चित कराया।
पारदर्शी सर्वे और त्वरित भरपाई, पहले भी जारी हो चुकी है करोड़ों की मदद
राहत आयुक्त कार्यालय के विस्तृत ब्योरे के अनुसार, इस साल बाढ़ और जलभराव का पानी उतरते ही राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने ड्रोन और जीपीएस आधारित तकनीकों से स्थलीय निरीक्षण किया ताकि कोई भी वास्तविक पीड़ित किसान सूची से बाहर न छूटे। राज्य सरकार ने पहले ही जिलों को 169 करोड़ रुपये की अग्रिम धनराशि आवंटित कर दी थी, जिसके तहत 1 लाख 29 हजार 326 किसानों को 78.75 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके थे। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि और मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर पीड़ित परिवारों को 225.93 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि जिन जनपदों में अतिवृष्टि के कारण धान के खेतों में जलभराव हुआ है, वहां 15 अक्टूबर से सरकारी धान क्रय केंद्र पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे ताकि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य तुरंत प्राप्त कर सकें।
सस्ता कृषि ऋण और मिशन शक्ति 6.0 की शुरुआत
फसल क्षतिपूर्ति के साथ-साथ योगी सरकार ने छोटे किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) के माध्यम से कर्ज पर ब्याज दर को 11.5 प्रतिशत से घटाकर मात्र 6 प्रतिशत कर दिया है, जिसकी ब्याज सब्सिडी का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन शुक्ल और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सरकार के किसान हितैषी कदमों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि, मत्स्य पालन और उद्यान विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और महिलाओं की सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए 'मिशन शक्ति' के छठे चरण की विशाल जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।