'सांसद कम, कलाकार ज्यादा': गोरखपुर के मंच पर सूर्यप्रताप शाही और रविकिशन के बीच नोकझोंक
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन के दौरान एक ऐसा रोचक और हंसी-मजाक भरा वाकया देखने को मिला, जिसने पूरे सभागार को ठहाकों से सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही और गोरखपुर के लोकप्रिय भाजपा सांसद रविकिशन शुक्ल के बीच तीखी और चुटीली नोकझोंक देखने को मिली। मंच संचालन और भाषणों के गंभीर दौर के बीच दोनों वरिष्ठ नेताओं की यह नोकझोंक न केवल जनता बल्कि मंच पर बैठे अन्य मंत्रियों और खुद मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी मुस्कान बिखेरने में कामयाब रही।
'सांसद कम, कलाकार ज्यादा हैं रविकिशन': सूर्यप्रताप शाही की चुटकी
मामला तब शुरू हुआ जब कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही मंच से प्रदेश के किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों और हालिया कृषि योजनाओं पर अपना संबोधन दे रहे थे। भाषण के दौरान सामने बैठे गोरखपुर के सांसद रविकिशन पर नजर पड़ते ही सूर्यप्रताप शाही अपने चुटीले अंदाज को रोक नहीं पाए। उन्होंने माइक से मुस्कुराते हुए कहा कि रविकिशन जी हमारे सांसद तो हैं, लेकिन उनका मूल स्वभाव और पहचान आज भी एक विशुद्ध कलाकार की ही है। शाही ने तंज कसते हुए कहा, "रविकिशन जी सांसद कम हैं और कलाकार ज्यादा हैं; इनका अंदाज ही निराला रहता है"। मंत्री के इस सीधे और बेबाक कटाक्ष पर प्रेक्षागृह में बैठे हजारों किसान, प्रशासनिक अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता जोरदार ठहाके लगाने लगे।
रविकिशन का हाजिरजवाबी पलटवार: 'सिनेमा में आप आ जाते तो...'
रविकिशन भी अपनी हाजिरजवाबी और भोजपुरी सिनेमाई स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। कृषि मंत्री के बयान का बुरा मानने के बजाय उन्होंने इसे अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में लपका। जैसे ही रविकिशन को बोलने का अवसर मिला, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला और शाही जी की तरफ देखते हुए कहा कि अगर आप जैसे अनुभवी और गंभीर राजनेता कभी सिनेमा जगत में कदम रख देते, तो बड़े-बड़े दिग्गज अभिनेताओं की छुट्टी हो जाती। रविकिशन ने कहा कि राजनीति के पर्दे पर शाही जी जिस तरह का अभिनय और संवाद अदायगी करते हैं, वह किसी मंझे हुए कलाकार से कम नहीं है। सांसद की इस हाजिरजवाबी पर पूरा ऑडिटोरियम तालियों और सीटियों से गूंज उठा।
मंच पर मुस्कुराते रहे सीएम योगी, संजीदा कार्यक्रम में घुली मिठास
किसानों को 493 करोड़ रुपये की राहत राशि ट्रांसफर करने के इस बेहद गंभीर और नीतिगत कार्यक्रम में दोनों नेताओं की इस दोस्ताना नोकझोंक ने माहौल को एकदम हल्का-फुल्का और खुशनुमा बना दिया। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दोनों नेताओं की इस दोतरफा जुगलबंदी को देखकर अपनी हंसी नहीं रोक सके और देर तक मुस्कुराते नजर आए। दोनों नेताओं ने यह भी साबित कर दिया कि राजनीतिक मतभेदों या संगठनात्मक अनुशासन के बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर कितना सहज और आत्मीय संबंध है।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो, यूजर्स बोले- 'नेता हों तो ऐसे जिंदादिल'
सूर्यप्रताप शाही और रविकिशन के बीच हुई इस मजेदार नोकझोंक का वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोग इस हल्के-फुल्के पल को जमकर साझा कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि राजनीति में अक्सर गंभीर और तनावपूर्ण भाषण सुनने को मिलते हैं, लेकिन जब जननेता जनता के बीच इस तरह खुलकर हंसी-मजाक करते हैं, तो राजनीति का मानवीय और जीवंत चेहरा सामने आता है। गोरखपुर के इस मंच की यह जुगलबंदी अब पूरे पूर्वांचल के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।