अयोध्या-विंध्याचल नेशनल हाईवे पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू: श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति

अयोध्या-विंध्याचल नेशनल हाईवे पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू: श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति

रामनगरी अयोध्या और शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी धाम (मिर्जापुर) को सीधे जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज (Flyover/ROB) का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस मार्ग पर लंबे समय से भारी ट्रैफिक और संकरे चौराहों के कारण लगने वाले भीषण जाम से अब श्रद्धालुओं और आम मुसाफिरों को स्थायी मुक्ति मिलने जा रही है। कार्यदायी संस्था और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भारी मशीनरी और निर्माण दल के साथ पिलर निर्माण और नींव खुदाई का काम धरातल पर शुरू कर दिया है। इस बुनियादी ढांचा परियोजना के धरातल पर उतरने से पूर्वांचल के दो सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों के बीच सड़क संपर्क का एक नया और आधुनिक अध्याय शुरू हो गया है।

घंटों के जाम और रेलवे क्रॉसिंग के झंझट से मिलेगा स्थायी छुटकारा

अयोध्या-विंध्याचल रूट पर पड़ने वाले व्यस्ततम जंक्शनों और रेलवे फाटकों पर वर्षों से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खासकर नवरात्र, सावन मेला, रामनवमी और दीपोत्सव जैसे प्रमुख धार्मिक अवसरों पर जब लाखों श्रद्धालु दोनों धामों के दर्शन के लिए एक साथ निकलते हैं, तो इस हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा चक्काजाम लग जाता था। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते थे। अब इस एलिवेटेड ओवरब्रिज के निर्माण से हाईवे का थ्रू-ट्रैफिक (सीधा निकलने वाला यातायात) बिना किसी रुकावट के ऊपर से सरपट दौड़ सकेगा, जबकि स्थानीय वाहनों के लिए नीचे सर्विस लेन की सुगम व्यवस्था रहेगी। इससे यात्रा के समय में कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे तक की सीधी बचत होगी।

आधुनिक इंजीनियरिंग और फोरलेन डिजाइन से लैस होगा ओवरब्रिज

परियोजना के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो यह नया ओवरब्रिज अत्याधुनिक मानकों के आधार पर फोरलेन चौड़ाई के साथ तैयार किया जा रहा है। इसमें मजबूत कंक्रीट पिलर, प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर और दोनों छोरों पर मजबूत अप्रोच रोड का निर्माण शामिल है। रात के समय सुरक्षित आवागमन के लिए पूरे ब्रिज पर आधुनिक एलईडी लाइटिंग, सुरक्षा रेलिंग, क्रैश बैरियर और दोनों किनारों पर पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के वरिष्ठ इंजीनियरों की देखरेख में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए मौके पर ही मोबाइल टेस्टिंग लैब की व्यवस्था की गई है, ताकि तय मानकों के अनुसार काम पूरा हो सके।

तय समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य, रूट डायवर्जन प्लान लागू

निर्माण कार्य शुरू होते ही स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस ने सुरक्षा व सुचारू आवागमन के लिए विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। निर्माण स्थल के आसपास सुरक्षा बैरिकेडिंग कर दी गई है और भारी वाहनों को आंशिक रूप से वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम यात्रियों को असुविधा न हो। अधिकारियों ने बताया कि कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रोजेक्ट पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया गया है। संबंधित जिला प्रशासन और सेतु निगम के अधिकारी हर 15 दिन में भौतिक प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिससे किसी भी तकनीकी या भूमि संबंधी अड़चन को तुरंत दूर किया जा सके।

पूर्वांचल में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगेगा पंख

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लोकार्पण और विंध्याचल में विंध्य कॉरिडोर के भव्य विस्तार के बाद से दोनों तीर्थस्थलों के बीच पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकांश श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद सुल्तानपुर, जौनपुर और भदोही के रास्ते विंध्याचल व वाराणसी (काशी विश्वनाथ) की यात्रा करते हैं। इस ओवरब्रिज के चालू हो जाने से इस पूरे धार्मिक सर्किट (Ram-Shakti Circuit) की कनेक्टिविटी सुपरफास्ट हो जाएगी। इससे न केवल पर्यटकों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि हाईवे के किनारे ढाबों, होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं और स्थानीय बाजारों को नया आर्थिक विस्तार मिलेगा।