मथुरा में कृष्ण कन्हैया के जन्मोत्सव पर पहुंचे सीएम योगी, बोले- 'सनातन को मिटाने वाले खुद मिट्टी में मिल गए; अब अयोध्या-काशी की तरह संवरेगी कान्हा की नगरी'

मथुरा में कृष्ण कन्हैया के जन्मोत्सव पर पहुंचे सीएम योगी, बोले- 'सनातन को मिटाने वाले खुद मिट्टी में मिल गए; अब अयोध्या-काशी की तरह संवरेगी कान्हा की नगरी'

द्वापर युग की पावन स्मृतियों को समेटे कान्हा की पावन क्रीड़ास्थली मथुरा-वृंदावन शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महापर्व पर भक्ति, उल्लास और अलौकिक श्रद्धा के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आई। देश-दुनिया से आए लाखों श्रद्धालुओं के जनसैलाब के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह ठीक 9:35 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर पहुंचे। ढोल-नगाड़ों, मंजीरों और शंखनाद की मंगल ध्वनियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। जन्मभूमि के गेट नंबर दो से मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही सीएम योगी ने सबसे पहले कामधेनु स्वरूपा गायों की सेवा करते हुए विधि-विधान से गोपूजन किया। उन्होंने गायों को गुड़ और हरा चारा खिलाकर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।

गोपूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने प्राचीन केशव देव मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया, जहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के समक्ष शीश नवाया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार पूजन संपन्न किया। इसके बाद वे मंदिर के भव्य भागवत भवन पहुंचे। भागवत भवन के मुख्य मंच पर विराजे युगल सरकार राधा-कृष्ण की उन्होंने विधिवत आरती उतारी। पूजन के दौरान एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब आरती संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री काफी देर तक हाथ जोड़कर भावविभोर मुद्रा में भगवान की नयनाभिराम छवि को एकटक निहारते रहे। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने जब 'जय श्री राम' और 'राधे-राधे' के गगनभेदी जयकारे लगाए, तो मुख्यमंत्री ने मंच से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय अभिवादन स्वीकार किया।

'सनातन को मिटाने की चाह रखने वाले खुद मिट्टी में मिल गए': भागवत भवन की सीढ़ियों से सीएम योगी की तीखी हुंकार

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पूजा-अर्चना के बाद भागवत भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सनातन अस्मिता पर बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने महाभारत काल का स्मरण कराते हुए कहा कि आज से लगभग 5,200 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्म के अंधकार को चीरकर सत्य, धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना के लिए इसी पावन धरा पर अवतार लिया था। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के अमर श्लोक 'परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृतम्' का उल्लेख करते हुए कहा कि कान्हा का संदेश आज हजारों साल बाद भी उतना ही शाश्वत और प्रासंगिक है। सज्जनों, धर्मपरायण नागरिकों और राष्ट्रभक्तों की रक्षा हर हाल में की जाएगी, जबकि समाज में विघटन पैदा करने वाली दुष्ट और राष्ट्रविरोधी ताकतों का समूल विनाश तय है।

इतिहास के काले अध्यायों का हवाला देते हुए सीएम योगी ने आक्रांताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत की इस तपोभूमि पर अनगिनत विदेशी आक्रमण हुए, क्रूर शासकों ने तलवार के दम पर अपनी मजहबी आस्था को भारत के जनमानस पर थोपने और हमारे आराध्यों के मंदिरों को जमींदोज करने के कुत्सित प्रयास किए। लेकिन भारत की सनातन आत्मा अजर-अमर है। जिन्होंने सनातन धर्म की जड़ों को मिटाने का दुस्साहस किया, काल के क्रूर थपेड़ों में वे खुद धूल-धूसरित होकर मिट्टी में मिल गए और उनका नामोनिशान तक मिट गया, मगर कान्हा और राधारानी की पावन स्मृतियां आज भी करोड़ों हृदयों में धड़क रही हैं।

अयोध्या और काशी की तर्ज पर संवरेगा मथुरा-वृंदावन: ब्रज के कायाकल्प का मास्टरप्लान तैयार

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज क्षेत्र के भावी विकास की रूपरेखा को खुलकर जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज नया भारत अपनी समृद्ध विरासत और आधुनिक विकास के अद्भुत समन्वय का साक्षात्कार कर रहा है। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या धाम में आज दुनिया का सबसे भव्य और विशाल मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से काशी का पुनरुद्धार पूरी दुनिया देख चुकी है। अब हमारी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा संकल्प यह है कि मथुरा और वृंदावन में भी अयोध्या और काशी की ही भांति भव्य, दिव्य और सुगम परिसरों का निर्माण किया जाए।

सीएम ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से पूरे क्षेत्र के पौराणिक स्वरूप, संकरी कुंज गलियों की दिव्यता और हेरिटेज को बिना नुकसान पहुंचाए बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले किसी भी श्रद्धालु, बुजुर्ग या दिव्यांग भक्त को दर्शन में कोई असुविधा न हो। पार्किंग, चौड़ी सड़कें, ग्रीन कॉरिडोर, रोप-वे और आधुनिक यात्री सुविधा केंद्रों का निर्माण तेजी से जारी है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें अयोध्या में रामलला का विराजमान होना रास नहीं आया, वे अब भी नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार प्रभु श्री राम, श्रीकृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी के आशीर्वाद से जन-आस्था के मानबिंदुओं को पुनर्स्थापित करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेगी।

मथुरा से लखनऊ और फिर गोरखपुर: 24 घंटे में तीन शहरों में सीएम योगी का महा-जन्माष्टमी अनुष्ठान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए इस वर्ष की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धार्मिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं का एक अनूठा संगम साबित हुई। वे 24 घंटे के भीतर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों—मथुरा, राजधानी लखनऊ और गोरखपुर—में आयोजित भव्य जन्माष्टमी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। मथुरा में सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पूजा और संतों के साथ संवाद के बाद मुख्यमंत्री सीधे लखनऊ के लिए रवाना हुए।

शाम को लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित होने वाले पारंपरिक और भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में सीएम योगी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वे पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के साथ श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियों के दर्शन करेंगे और सांस्कृतिक संध्या का हिस्सा बनेंगे। इसके बाद देर रात वे सीधे पूर्वांचल के केंद्र गोरखपुर पहुंचेंगे, जहां गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में वे सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करेंगे।

गोरक्षपीठ में आधी रात को प्रकट होंगे बाल गोपाल: कान्हा को पालने में झुलाएंगे गोरक्षपीठाधीश्वर

गोरखपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध गोरक्षनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव अपनी अनूठी परंपरा और आध्यात्मिक वैभव के लिए जाना जाता है। देर रात मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित भजन संध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। इस दौरान मंदिर में आयोजित होने वाली 'श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता' में हिस्सा लेने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों से वे आत्मीय मुलाकात करेंगे और उन्हें खिलौने, मिष्ठान्न व चॉकलेट्स भेंट कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे।

रात के ठीक 11:30 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ मंदिर के अति-पवित्र गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान के लिए प्रवेश करेंगे। ठीक मध्यरात्रि 12:00 बजे जब रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि के पावन संयोग में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य होगा, तब शंखों की गूंज, घंटों के नाद और 108 वैदिक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। भगवान के जन्म के तुरंत बाद गोरक्षपीठाधीश्वर बाल गोपाल के स्वरूप की विधि-विधान से आरती उतारेंगे और रेशमी वस्त्रों व मखमली गद्दों से सजे सुवर्ण पालने में लड्डू गोपाल को अपने हाथों से झुलाएंगे। इस आध्यात्मिक पल के साक्षी बनने के लिए समूचे पूर्वांचल और नेपाल सीमा से हजारों श्रद्धालु गोरक्षनाथ मंदिर परिसर में उपस्थित रहेंगे।

ब्रज से पूर्वांचल तक सुरक्षा का अभेद्य पहरा: ड्रोन, एआई कैमरे और कमांडो दस्ते तैनात

पूरे उत्तर प्रदेश में जन्माष्टमी को लेकर कानून व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। विशेषकर मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 8 जोन और 30 से अधिक सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा का त्रि-स्तरीय घेरा तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी (PAC), विशेष सुरक्षा बल (SSF) और एटीएस (ATS) के स्वाट कमांडोज को संवेदनशील धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द मुस्तैद रखा गया है।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा निगरानी के लिए मथुरा की संकरी गलियों और प्रमुख चौराहों पर 500 से अधिक आधुनिक सीसीटीवी कैमरे और हाई-रेजोल्यूशन फेशियल रिकॉग्निशन ड्रोन तैनात किए गए हैं। यमुना के घाटों पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और जल पुलिस की मोटरबोट्स लगातार गश्त कर रही हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें लगातार सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। इसी तरह लखनऊ, अयोध्या, काशी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी पुलिस चौकियों और थानों में झांकियों के दर्शन के लिए उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

समूचे उत्तर प्रदेश में भक्ति, भजन और आध्यात्मिक तरंगों के बीच मनाया जा रहा यह जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक नया अध्याय बनकर उभरा है। मथुरा की पावन माटी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह स्पष्ट संदेश कि 'सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं सकता', आने वाले समय में राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विमर्श को एक नई दिशा और नई ऊर्जा देने के लिए पूरी तरह तैयार दिखता है।