ED की मैराथन पूछताछ में आजम के करीबी ठेकेदार अनवर के छूटे पसीने, दागे तीखे सवाल

ED की मैराथन पूछताछ में आजम के करीबी ठेकेदार अनवर के छूटे पसीने, दागे तीखे सवाल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान के करीबियों और कारोबारी सहयोगियों पर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। रामपुर और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में ईडी की टीम ने आजम खान के बेहद करीबी माने जाने वाले बड़े ठेकेदार मोहम्मद अनवर को तलब कर मैराथन पूछताछ की। जांच अधिकारियों के दफ्तर में कई घंटों तक चली इस पूछताछ के दौरान ठेकेदार अनवर के सामने कागजात और बैंक खातों का ब्योरा रखकर सवालों की बौछार कर दी गई। एजेंसी के तीखे और तकनीकी सवालों के आगे ठेकेदार पूरी तरह असहज नजर आए और अधिकतर वित्तीय मामलों से खुद का पल्ला झाड़ते दिखाई दिए।

'मुझे कुछ नहीं मालूम, सारा हिसाब-किताब सलीम देखता था'

पूछताछ के दौरान सबसे ज्यादा चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब वित्तीय लेनदेन, प्रोजेक्ट्स के ठेकों और भारी-भरकम रकम के ट्रांसफर को लेकर सवाल पूछे गए। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों के सवालों से घिरे ठेकेदार अनवर ने सीधा जवाब देने के बजाय सारा ठीकरा आजम खान के एक अन्य नजदीकी सलीम के सिर फोड़ दिया। अनवर ने अधिकारियों के सामने बार-बार यही दोहराया कि उन्हें पैसों के बड़े लेन-देन, टेंडरों के आवंटन और अंदरूनी बही-खाते की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे कुछ नहीं पता, सारा काम और लेन-देन सलीम देखता था, वही सब कुछ जानता है।" अनवर के इस बयान के बाद जांच एजेंसी अब सलीम की भूमिका और उसकी संपत्तियों की पड़ताल को लेकर और अधिक सक्रिय हो गई है।

जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और सरकारी टेंडरों में मनी लॉन्ड्रिंग का शक

केंद्रीय एजेंसी मुख्य रूप से इस बात की तहकीकात कर रही है कि आजम खान के रसूख के दौरान रामपुर में हुए सरकारी निर्माण कार्यों, नगर पालिका के ठेकों और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के विशाल परिसर के निर्माण में सरकारी धन का किस तरह इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि शेल कंपनियों और फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई और अनवर जैसे ठेकेदारों के खातों से बड़ी रकम का संदिग्ध आदान-प्रदान हुआ। ईडी के अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ठेकों की आड़ में काली कमाई को सफेद करने का संगठित सिंडिकेट चलाया जा रहा था। अनवर से उनके निजी बैंक खातों, फर्मों की बैलेंस शीट और संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े मूल दस्तावेज तलब किए गए हैं।

जांच के घेरे में अन्य करीबी, जल्द सलीम को भी समन भेजने की तैयारी

ठेकेदार अनवर द्वारा सलीम का नाम लिए जाने के बाद ईडी अब इस कड़ी को आपस में जोड़ने के लिए सलीम को भी औपचारिक समन जारी कर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी को संदेह है कि कई मुखौटा कंपनियों और ठेकों के संचालन के पीछे पर्दे के पीछे से कुछ खास लोग ही फैसले लेते थे। जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि बयानों में दर्ज विरोधाभासों और बैंक ट्रांजेक्शन के डिजिटल सबूतों का मिलान किया जा रहा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो आने वाले दिनों में रामपुर से लेकर लखनऊ तक कई अन्य बड़े चेहरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और एजेंसी सख्त कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकती है।