गोरखनाथ मंदिर में आधी रात जन्मे कान्हा, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पालने में झुलाकर उतारी बाल गोपाल की आरती

गोरखनाथ मंदिर में आधी रात जन्मे कान्हा, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पालने में झुलाकर उतारी बाल गोपाल की आरती

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर समूचा देश जब कान्हा के जन्मोत्सव के उल्लास में डूबा था, तब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित सुप्रसिद्ध गोरक्षपीठ (गोरखनाथ मंदिर) में भी भक्ति और उल्लास का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। घड़ी की सुइयों के ठीक रात 12 बजते ही शंखों की गूंज, घंटे-घड़ियाल की ध्वनि, वेद मंत्रों के सस्वर पाठ और पारंपरिक सोहर व बधाई गीतों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप 'लड्डू गोपाल' का विधि-विधान से प्राकट्य हुआ।

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उपस्थित रहकर मध्यरात्रि में बाल गोपाल के जन्मोत्सव से जुड़े सभी वैदिक अनुष्ठानों का नेतृत्व किया। मंदिर के गर्भगृह और स्मृति भवन में आयोजित इस अनुष्ठान में मुख्यमंत्री ने कान्हा के विग्रह का पंचामृत से महाभिषेक किया, उन्हें नवीन पीतांबरी वस्त्र व मुकुट धारण कराया, फूलों से सजे पालने में विराजमान कर झूला झुलाया और कर्पूर जलाकर मंगल आरती उतारी।

पंचामृत अभिषेक, वैदिक मंत्रोच्चार और पालना झुलाने का आलौकिक दृश्य

मध्यरात्रि 12 बजे शुरू हुए विशेष पूजन में गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुरोहितों व वेदपाठी छात्रों ने वैदिक मंत्रों का घोष किया।

  • पंचामृत और गंगाजल से महाभिषेक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और शर्करा (पंचामृत) से स्नान कराया। इसके बाद चंदन और अष्टगंध का लेप लगाकर कान्हा का दिव्य श्रृंगार किया गया।

  • पालने में झुलाकर उतारी आरती: श्रृंगार और भोग अर्पण के बाद मुख्यमंत्री ने बाल गोपाल को विशेष रूप से सजाए गए सोने-चांदी की नक्काशी वाले झूले (पालने) में बैठाया। मुख्यमंत्री ने भावविभोर होकर पालने की डोरी खींची और कान्हा को झूला झुलाया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कान्हा की सामूहिक आरती की।

  • माखन-मिश्री का महाप्रसाद: प्राकट्योत्सव के उपरांत भगवान को माखन, मिश्री, धनिया की पंजीरी, पंचमेवा और पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया गया। आरती संपन्न होते ही मंदिर परिसर में मौजूद सैकड़ों साधु-संतों, बटुकों और श्रद्धालुओं के बीच जय कन्हैया लाल की, मदन गोपाल की के जयकारों के साथ महाप्रसाद का वितरण शुरू हुआ।

बाल रूप धरे बच्चों के साथ आत्मीय पल: सीएम ने बांटी मिठाइयां और उपहार

जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान गोरखनाथ मंदिर परिसर में कान्हा और राधा का रूप धारण कर पहुंचे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के साथ लंबा समय बिताया और उनसे स्नेहपूर्वक बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने कान्हा बने छोटे बच्चों को गोद में उठाया, उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और उन्हें अपने हाथों से टॉफियां, फल, खिलौने व मिठाइयों के उपहार भेंट किए। बच्चों के साथ मुख्यमंत्री के इस सहज और वात्सल्य भरे अंदाज को देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मुख्यमंत्री ने मंदिर के बटुकों और आश्रम के विद्यार्थियों को भी विशेष प्रसादी उपहार वितरित किए।

लोक मंगल और विकसित भारत की कामना: सीएम का संदेश

पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों और देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का शाश्वत संदेश है। विपरीत परिस्थितियों और कारागार के अंधकार में जन्म लेने के बावजूद कान्हा ने आजीवन मानवता को निष्काम कर्मयोग का मार्ग दिखाया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्र कल्याण की मंगल कामना की।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, दूर-दराज से उमड़े हजारों श्रद्धालु

जन्मोत्सव के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर को रंग-बिरंगी दूधिया लाइटों और सुगंधित फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस आलौकिक पर्व के साक्षी बनने के लिए गोरखपुर शहर के साथ-साथ पूर्वांचल और पड़ोसी देश नेपाल से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु देर रात तक कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए खड़े रहे।

मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टरों और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित तरीके से कान्हा के बाल स्वरूप के दर्शन किए और जन्मोत्सव के उल्लास में शामिल हुए।