फिल्म 'हनुमान अंश' के सीक्वल में दिखेगा कानपुर का ऐतिहासिक पनकी मंदिर, डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने किए कई बड़े खुलासे

फिल्म 'हनुमान अंश' के सीक्वल में दिखेगा कानपुर का ऐतिहासिक पनकी मंदिर, डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने किए कई बड़े खुलासे

बॉक्स ऑफिस पर अपनी सफलता का परचम लहराने वाली चर्चित फिल्म 'हनुमान अंश' के निर्माताओं ने इसके बहुप्रतीक्षित सीक्वल की आधिकारिक घोषणा कर दी है। फिल्म के निर्देशक, निर्माता और लेखक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान यह खुलासा किया कि फिल्म के अगले भाग में उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित प्रसिद्ध पनकी मंदिर की गाथा को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फिल्म समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है और इसकी सफलता यह साबित करती है कि आज की जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं से कितनी गहराई से जुड़ी हुई है।

चमत्कारिक तरीके से बनी फिल्म और बॉक्स ऑफिस पर सफलता

सीएसजेएमयू में फिल्म की पूरी स्टार कास्ट के साथ पहुंचे निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या ने मीडिया से खुलकर बातचीत की। डॉ. विशाल ने बताया कि यह फिल्म पूरी तरह से हनुमान जी की असीम शक्तियों और कृपा से ही संभव हो पाई है। जहां बड़े-बड़े फिल्म निर्माता किसी भी प्रोजेक्ट के लिए दो से ढाई महीने की तैयारी करते हैं, वहीं उन्होंने मात्र 15 दिन की तैयारी में इसकी शूटिंग शुरू कर दी थी। निर्माण के दौरान कई बाधाएं आईं, कई कलाकार फिल्म छोड़कर भी गए, लेकिन हनुमान जी की कृपा से हर रुकावट स्वतः दूर होती गई।

शुरुआती दौर में यह फिल्म केवल 350 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी और 15 अगस्त के आसपास इसे 325 स्क्रीन्स से उतार भी दिया गया था, जिससे टीम को निराशा हुई थी। लेकिन इसके बाद अचानक दर्शकों के बीच इसका ऐसा क्रेज बढ़ा कि फिल्म ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले। डॉ. विशाल ने इसकी तुलना ऐतिहासिक फिल्म 'जय संतोषी माता' से करते हुए कहा कि वह फिल्म 'शोले' के साथ रिलीज होने के बावजूद रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने में सफल रही थी। उन्होंने गर्व से बताया कि यह पूरी फिल्म उत्तर प्रदेश में ही फिल्माई गई है और इसमें कानपुर के कई स्थानीय लोग भी शामिल हैं। यह फिल्म देश के साथ-साथ विदेशों में भी दर्शकों द्वारा बेहद पसंद की जा रही है। बाबा नीम करोली का किरदार निभाने वाले अभिनेता सत्या ने कहा कि इस फिल्म में एक भी दिन शूटिंग करना और एक भी शब्द बोल पाना बाबा के आशीर्वाद के बिना असंभव था।

कैंची धाम से भी एक साल पहले कानपुर के पनकी में हुई थी मंदिर की स्थापना

नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित इस फिल्म के सीक्वल में कानपुर के पनकी मंदिर के इतिहास को पर्दे पर उतारा जाएगा। इतिहास के पन्नों को पलटें तो नैनीताल स्थित प्रसिद्ध 'कैंची धाम' (स्थापना: 15 जून 1964) से लगभग एक साल पहले, 10 जनवरी 1963 को नीम करोली बाबा की देखरेख में कानपुर के पनकी में नए हनुमान मंदिर की स्थापना की गई थी।

मंदिर से जुड़े इतिहास की जानकारी देते हुए बाबा के अनन्य भक्त अनुराग माथुर ने बताया कि नीम करोली बाबा कई बार कानपुर आ चुके हैं और वे रामबाग निवासी अपने भक्त प्रदीप दीक्षित के घर पर कई बार रुके थे। जब दीक्षित परिवार ने बाबा से कानपुर में एक नया हनुमान मंदिर स्थापित करने का आग्रह किया, तो उन्होंने अपनी सहमति दी। जब कुछ भक्तों ने यह याद दिलाया कि यहां पहले से ही एक प्राचीन पनकी मंदिर मौजूद है, तब बाबा ने कहा था कि हनुमान जी के भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी, इसलिए नए मंदिर की आवश्यकता है। इसके बाद उन्नाव के बदरका के रहने वाले दीक्षित परिवार ने इसके लिए अपनी जमीन दान दी थी। वर्तमान में इस पावन मंदिर में दक्षिणमुखी हनुमान जी के साथ-साथ वर्ष 2016 में नीम करोली बाबा की मूर्ति भी स्थापित की गई है।

समाज सेवा में आगे हैं नीम करोली बाबा के भक्त

नीम करोली बाबा के अनुयायियों और भक्तों का दायरा लगातार तेजी से बढ़ रहा है। उनके भक्त केवल आध्यात्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में बाबा के भक्तों द्वारा जरूरतमंदों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही महज 10 रुपये में तीन दिनों की होम्योपैथी दवा भी दी जा रही है, जिससे समाज के गरीब और शोषित वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है।