जेवर एयरपोर्ट से इंटरनेशनल उड़ानों की तैयारी: जानिए कब से भर सकेंगे विदेश...

जेवर एयरपोर्ट से इंटरनेशनल उड़ानों की तैयारी: जानिए कब से भर सकेंगे विदेश...

दिल्ली-एनसीआर के दूसरे सबसे बड़े एविएशन हब 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' (जेवर) से घरेलू उड़ानों के सफल संचालन के बाद अब सभी की निगाहें अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत पर टिकी हैं। एयरपोर्ट डेवलपर 'यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड' (YIAPL) और नागर विमानन मंत्रालय की योजना के अनुसार, जेवर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों के नेटवर्क और पैसेंजर फ्लो को स्थिर करने के बाद अब इंटरनेशनल विंग के सुरक्षा, कस्टम और इमिग्रेशन ट्रायल पूरे किए जा रहे हैं। नियामक मंजूरियों (Regulatory Approvals) और द्विपक्षीय एयरलाइन समझौतों की प्रक्रिया पूरी होते ही पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ज्यूरिख, दुबई और सिंगापुर जैसे प्रमुख रूट्स के लिए शुरू की जाएंगी।

क्या-क्या काम हो चुका है पूरा?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण (Phase 1) का प्राथमिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है:

  • 3,900 मीटर का मुख्य रनवे: कैट-III (CAT-III) इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से लैस रनवे तैयार है, जिससे घने कोहरे में भी उड़ानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ सुगम रहता है।

  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर: एटीसी टावर पूरी तरह चालू है और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की देखरेख में एयरस्पेस मैनेजमेंट संभाल रहा है।

  • टर्मिनल 1 की मुख्य इमारत: यात्रियों के चेक-इन काउंटर, स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम (BHS) और सुरक्षा जांच लेन स्थापित हो चुके हैं।

  • कार्गो टर्मिनल: एयर इंडिया SATS (AISATS) के सहयोग से विकसित मल्टी-मॉडल कार्गो हब का ढांचा माल ढुलाई के लिए तैयार किया जा चुका है।

अब कितना काम बाकी है और क्या अड़चनें दूर की जा रही हैं?

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नियमित रूप से शुरू करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक कार्य अंतिम चरण में हैं:

  • कस्टम और इमिग्रेशन इंफ्रास्ट्रक्चर: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) के ई-गेट्स, पासपोर्ट कंट्रोल काउंटर और कस्टम्स की ग्रीन/रेड चैनल व्यवस्था का अंतिम तकनीकी परीक्षण जारी है।

  • इंटरनेशनल एयरलाइंस स्लॉट और क्लीयरेंस: अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों (Foreign Carriers) के साथ रूट शेड्यूल, ग्राउंड हैंडलिंग समझौते और द्विपक्षीय एयर ट्रैफिक राइट्स का निर्धारण किया जा रहा है।

  • मल्टी-मॉडल ग्राउंड कनेक्टिविटी: यमुना एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक सीधे इंटरचेंज का काम पूरा हो चुका है, जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक और पेरिफेरल रोड नेटवर्क के कुछ हिस्सों पर फिनिशिंग कार्य चल रहा है। इसके साथ ही भविष्य के आरआरटीएस (RRTS) और मेट्रो कनेक्टिविटी के रूट सर्वे को आगे बढ़ाया जा रहा है।

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर घटेगा दबाव

जेवर एयरपोर्ट के पूरी क्षमता से चालू होने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, आगरा, मथुरा, मेरठ, नोएडा और हरियाणा के फरीदाबाद-पलवल के यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे आईजीआई पर हवाई दबाव कम होगा और इस पूरे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, होटल उद्योग और रियल एस्टेट को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।