राहुल गांधी संविधान जेब में रखकर अराजकता फैला रहे; राजनाथ सिंह ने गिनाए कांग्रेस के तीन बड़े अक्षम्य अपराध

राहुल गांधी संविधान जेब में रखकर अराजकता फैला रहे; राजनाथ सिंह ने गिनाए कांग्रेस के तीन बड़े अक्षम्य अपराध

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल चुनावी सुधार के नाम पर केवल देश में अराजकता पैदा कर सत्ता हासिल करने की फिराक में हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी संविधान की प्रति को जेब में रखकर घूमते हैं, लेकिन असल में उनके कदम देश के संवैधानिक ढांचे, लोकतांत्रिक संस्थाओं और विकास यात्रा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी लगातार हो रही राजनीतिक हार का बदला देश की जनता से लेना चाहती है, जो उसके नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।

रक्षा मंत्री ने गिनाए कांग्रेस शासन के तीन अक्षम्य अपराध

राजनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के ऐतिहासिक फैसलों पर प्रहार करते हुए उसके तीन सबसे बड़े अक्षम्य अपराधों का उल्लेख किया:

  • 1975 का आपातकाल: पहला अक्षम्य अपराध पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में देश पर आपातकाल (इमरजेंसी) थोपना था, जिसने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे कैद कर दिया था।

  • 1984 का सिख विरोधी नरसंहार: दूसरा अक्षम्य अपराध 1984 में कांग्रेस के संरक्षण में हुआ सिख भाई-बहनों का भीषण नरसंहार था।

  • 1990 में कारसेवकों पर गोलीबारी करने वालों का समर्थन: तीसरा अक्षम्य अपराध 1990 में अयोध्या में राम भक्त कारसेवकों पर गोलीबारी करवाने और उनका खून बहाने वाली सरकार को समर्थन देकर बचाना था।

इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि आज कांग्रेस का चौथा अपराध यह है कि वह लगातार संविधान, संवैधानिक मूल्यों और चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं को चोट पहुंचा रही है।

'बांग्लादेश की तर्ज पर शासन बदलने की साजिश'

रक्षा मंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी चुनावी सुधार या मुख्य चुनाव आयुक्त से नहीं है। उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में असंतोष की आग लगाना है। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं की ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण के बजाय राजनीतिक टकराव के मोहरे के रूप में कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता खुलेआम यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर शासन परिवर्तन (रिजीम चेंज) करना चाहते हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

राहुल गांधी को आत्ममंथन और जनादेश के सम्मान की सलाह

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की बलि नहीं चढ़ाया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पिछले कई दशकों से सत्ता से बाहर है और समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना वह रायबरेली तक की सीट निकालने में असमर्थ साबित हो सकती है। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे बाधा डालने और टकराव की राजनीति छोड़ने की सीख लें, जनादेश का सम्मान करें और अपनी राजनीतिक दिशा पर आत्ममंथन करें, क्योंकि देश का भविष्य टकराव में नहीं बल्कि संवाद और राष्ट्र निर्माण में है।