रायबरेली में राजा भैया का बड़ा बयान: 'Gen-Z आंदोलन में आतंकियों की जय-जयकार हुई

रायबरेली में राजा भैया का बड़ा बयान: 'Gen-Z आंदोलन में आतंकियों की जय-जयकार हुई

उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ 'राजा भैया' ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों को लेकर बेहद कड़ा और तीखा बयान दिया है। रायबरेली के ऊंचाहार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे राजा भैया ने मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्चा लीक के विरोध में हुए तथाकथित Gen-Z आंदोलन की आड़ में देशविरोधी ताकतों ने खुलकर भारत को अपमानित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के दौरान 'भारत मुर्दाबाद' के नारे लगाए गए और आतंकियों की जय-जयकार की गई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी सभ्यता और सनातन मूल्यों पर मंडराते खतरे को देखते हुए अब केवल शास्त्रों से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर किसी को शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र भी धारण करना होगा।

'मुद्दे पर आपत्ति नहीं, लेकिन भारत मुर्दाबाद के नारे कतई स्वीकार्य नहीं'

राजा भैया ने अपने संबोधन में स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें पर्चा लीक (पेपर लीक) जैसे वास्तविक मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने से कोई ऐतराज नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं को अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।

परंतु, उन्होंने आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा, व्यवहार और छिपे एजेंडे पर गंभीर सवाल खड़े किए। राजा भैया ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नाम पर भारत माता के विरोध में नारे लगाए गए, देश को गालियां दी गईं और आतंकियों का महिमामंडन किया गया। उन्होंने दो टूक कहा कि राष्ट्र विरोधी हरकतों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नाम देकर कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

'Gen-Z शब्द न हमारी सभ्यता से मेल खाता है, न संस्कृति से'

राजा भैया ने प्रदर्शन के दौरान तेजी से उछाले गए 'Gen-Z' शब्द पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आजकल देश में यह नया शब्द बहुत चलन में आ गया है, लेकिन हकीकत यह है कि Gen-Z न तो भारत की प्राचीन सभ्यता से मेल खाता है और न ही हमारी गौरवशाली संस्कृति और आदर्शों से इसका कोई लेना-देना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस शब्द की आड़ में संस्कारों को ताक पर रखकर अभद्रता और उच्छृंखलता का खुला प्रदर्शन किया जा रहा है। हमारी संस्कृति में मर्यादा, गुरु-शिष्य परंपरा और राष्ट्रप्रेम सर्वोपरि होता है, जिसकी इस आंदोलन में खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।

विदेशी फंडिंग का गंभीर आरोप: 'लंदन से पिज्जा मंगाकर देश को गाली दी जा रही'

प्रदर्शनकारियों की फंडिंग को लेकर राजा भैया ने बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलनों को मिडिल ईस्ट, पाकिस्तान और पश्चिमी देशों में बैठी विघटनकारी ताकतों से हवा दी जा रही है।

विधायक ने तंज कसते हुए कहा, "आप खुद कल्पना कीजिए कि प्रदर्शन दिल्ली की सड़कों पर हो रहा है और प्रदर्शनकारियों के लिए जोमैटो पर पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर लंदन से किया जा रहा है। इसके पीछे सीधा मकसद केवल यही है कि युवाओं को फास्ट फूड खिलाओ और उनसे भारत को गाली दिलवाओ तथा भारतीयता की अस्मिता को चोट पहुंचाओ। देश के युवाओं को ऐसे सुनियोजित षड्यंत्रों को पहचानना होगा।'"

'सभ्यता की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र भी जरूरी'

राजा भैया ने मौजूद श्रद्धालुओं और जनता से अपनी संस्कृति के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास साक्षी है कि जब-जब धर्म और राष्ट्र पर संकट आया, तब-तब हमारे पूर्वजों ने ज्ञान के साथ वीरता का भी परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि आज हमारे राष्ट्र और सनातन सभ्यता के सामने चौतरफा चुनौतियां खड़ी हैं। केवल सहिष्णुता और शास्त्रों की बातें करने से राष्ट्र सुरक्षित नहीं रह सकता। यदि हमें अपनी पहचान और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखना है, तो हमें सजग और सबल बनना होगा और आवश्यकता पड़ने पर शास्त्र के साथ शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। रायबरेली के इस मंच से दिया गया राजा भैया का यह बयान अब प्रदेश के सियासी और सामाजिक गलियारों में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है।