कंदैला गांव में शव रखकर सड़क जाम, लखनऊ KGMU में स्वामी प्रसाद मौर्य का पुलिस से टकराव

कंदैला गांव में शव रखकर सड़क जाम, लखनऊ KGMU में स्वामी प्रसाद मौर्य का पुलिस से टकराव

रामनगरी अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदैला गांव में हुए सनसनीखेज बम और गोलीबारी कांड ने अब दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया है। 25 अगस्त की शाम बाइक से जा रहे राम लगन मौर्य (40) और उनकी बुजुर्ग मां पार्वती देवी (65) पर दबंगों ने पहले देशी बम फेंका था और फिर ताबड़तोड़ 8 राउंड गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में राम लगन की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां पार्वती देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

अयोध्या से लखनऊ रेफर होने के बाद केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी और मौत से लड़ रहीं पार्वती देवी ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बेटे के बाद मां की मौत की खबर मिलते ही गांव में तनाव और आक्रोश फैल गया। शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जबकि लखनऊ में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर जमकर हंगामा और विरोध-प्रदर्शन किया।

लखनऊ पोस्टमार्टम हाउस पर स्वामी प्रसाद मौर्य का घेराव, JCP से तीखी नोकझोंक

लखनऊ के केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पार्वती देवी के निधन की सूचना मिलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य अपने दर्जनों समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और फरार आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्य मार्ग घेर लिया।

विरोध-प्रदर्शन के दौरान हालात तब और बिगड़ गए जब मौके पर पहुंचे संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) बबलू कुमार और स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मौर्य ने आरोप लगाया:

"घटना को 20 से अधिक दिन बीत चुके हैं, लेकिन 8 नामजद आरोपियों में से मुख्य शूटर और साजिशकर्ता अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि अयोध्या पुलिस-प्रशासन दो-तीन और लाशें गिरने का इंतजार कर रहा है। यदि आरोपियों को 24 घंटे में नहीं पकड़ा गया, तो बड़ा आंदोलन होगा और हम डीजीपी का घेराव करेंगे।""

कंदैला गांव में शव रखकर सड़क जाम, PAC और कई थानों की फोर्स तैनात

देर रात जब मृतका पार्वती देवी का शव लखनऊ से अयोध्या के कंदैला गांव पहुंचा, तो वहां भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस, क्यूआरटी और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात कर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। मौके पर एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और एसडीएम सोहावल आनंद विक्रम अग्रवाल पहुंचे और करीब दो घंटे तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं:

  1. करणी सेना के पदाधिकारी सनी सिंह पर हत्या की साजिश में मुकदमा दर्ज किया जाए।

  2. सभी आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) के तहत कार्रवाई हो।

  3. पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत किए जाएं।

जमीनी रंजिश और पुरानी हत्या का बदला लेने के लिए फेंका गया था बम

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राम लगन मौर्य और दबंग पक्ष के विजयभान सिंह उर्फ डब्बू सिंह के बीच जमीन और रास्ते को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 2 मार्च को दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें घायल सूरजभान सिंह की 19 जुलाई को मौत हो गई थी। इसी रंजिश और बदले की आग में 25 अगस्त की शाम जब राम लगन अपनी मां के साथ घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर बम और गोलियों से हमला कर दिया था।

अयोध्या पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 109 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि फरार चल रहे तीन मुख्य नामजद आरोपियों—मीरा सिंह, विजयभान सिंह और विजय प्रताप सिंह पर एसएसपी अयोध्या द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद परिजनों ने जाम हटाया। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल लगातार कैंप कर रहा है।