गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में जल्द शुरू करें CIIIT केंद्रों का संचालन, सीएम योगी का निर्देश; युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में स्थापित किए जा रहे सीआईआईआईटी (Center for Invention, Innovation, Incubation and Training - CIIIT) केंद्रों के शेष निर्माण और स्थापना कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर उनका संचालन तत्काल शुरू कराया जाए।
टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से स्थापित किए जा रहे ये केंद्र प्रदेश के युवाओं को उद्योग की आधुनिक जरूरतों (Industry 4.0) के अनुरूप प्रशिक्षित कर उनके लिए प्रत्यक्ष रोजगार के रास्ते खोलेंगे।
अत्याधुनिक 9 प्रयोगशालाओं से लैस होंगे सेंटर
सीएम योगी ने कहा कि इन केंद्रों पर विश्वस्तरीय आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इन सीआईआईआईटी केंद्रों में कुल 9 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs) स्थापित की जा रही हैं:
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इंडस्ट्री 4.0 और ऑटोमेशन: रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सीएनसी (CNC) मशीनों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण।
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इलेक्ट्रिक व्हीकल और आधुनिक डिजाइन: ईवी (EV) टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, 3डी प्रिंटिंग और प्रोडक्ट डिजाइनिंग की ट्रेनिंग।
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सॉफ्टवेयर एवं सिमुलेशन: कैड/कैम (CAD/CAM) सॉफ्टवेयर और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टूल्स से जुड़े उन्नत कोर्स।
तकनीकी संस्थानों और उद्योगों के बीच बनेगा मजबूत सेतु
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि इन केंद्रों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इन्हें स्थानीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई और इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ सक्रिय रूप से जोड़ा जाए:
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छात्रों के लिए हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग: तकनीकी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को इन सेंटरों पर अत्याधुनिक मशीनों पर काम करने का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।
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इनक्यूबेशन और स्टार्टअप को बढ़ावा: नए विचारों और नवाचारों को प्रोटोटाइप में बदलने के लिए इनक्यूबेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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सीधे रोजगार के अवसर: प्रशिक्षण पूरा करने वाले दक्ष युवाओं को प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयों और ऑटोमोबाइल कंपनियों में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए सीधे नौकरी से जोड़ा जाएगा।
सीएम योगी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और प्राविधिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि मशीनों की इंस्टॉलेशन, विशेषज्ञों की तैनाती और ट्रेनिंग मॉड्यूल को अंतिम रूप देकर तय समयसीमा के भीतर केंद्रों को क्रियाशील बनाया जाए ताकि चालू सत्र से ही युवाओं को इसका लाभ मिल सके।