यूपी के इस जिले में स्वाइन फ्लू का 'बम' फूटा: बीते 24 घंटे में दर्जनों मरीज मिले, स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप
उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, लगातार हो रही बारिश और उमस भरी परिस्थितियों के बीच संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में एक जिले से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां अचानक स्वाइन फ्लू (H1N1 इन्फ्लूएंजा) का बड़ा विस्फोट हुआ है। बीते महज 24 घंटे के भीतर जिले के विभिन्न इलाकों और निजी-सरकारी अस्पतालों की जांच रिपोर्ट में दर्जनों नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। एक ही दिन में इतनी बड़ी तादाद में संदिग्ध और पुष्ट मामलों की पुष्टि होने से जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से लेकर लखनऊ स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय तक हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और जिला अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय कर दिए गए हैं।
24 घंटे में रिकॉर्ड केस, इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पिछले एक दिन में फ्लू ओपीडी में पहुंचे सैकड़ों संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिले के शहरी और घनी आबादी वाले मोहल्लों से कई पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हुई है।
अचानक बढ़े मामलों के चलते अस्पतालों में सर्दी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ और बदन दर्द के मरीजों की लंबी कतारें लग गई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण काफी मिलते-जुलते होते हैं, जिसके चलते लोग शुरुआत में इसे सामान्य मौसमी बुखार समझकर अनदेखा कर देते हैं। जब तक मरीज अस्पताल पहुंचता है, तब तक संक्रमण फेफड़ों तक फैल जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट, बनाए गए आइसोलेशन वार्ड
जिले में स्वाइन फ्लू के अचानक बढ़ते ग्राफ को देखते हुए जिला प्रशासन और सीएमओ ने आपात बैठक बुलाई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तुरंत निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
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डेडिकेटेड आइसोलेशन वार्ड: जिला अस्पताल और प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन युक्त विशेष आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
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दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक: सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वाइन फ्लू की प्राथमिक दवा 'ओसेल्टामिविर' (टेमीफ्लू) और एन-95 मास्क का पर्याप्त बफर स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) तैनात: जिन मोहल्लों और ग्रामीण पॉकेट्स से नए केस सामने आए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और परिजनों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर प्रोफाइलेक्टिक दवाएं वितरित कर रही हैं।
क्या हैं स्वाइन फ्लू (H1N1) के प्रमुख लक्षण?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन संक्रमण है जो H1N1 वायरस के कारण फैलता है। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
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अचानक बहुत तेज बुखार आना और तेज ठंड लगना
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लगातार सूखी खांसी और गले में गंभीर खराश या दर्द
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मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द
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अत्यधिक थकान, कमजोरी और भूख न लगना
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गंभीर मामलों में सीने में दर्द, सांस लेने में भारी तकलीफ या घबराहट
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से अस्थमा, शुगर या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों में यह वायरस जल्दी निमोनिया का रूप ले सकता है, इसलिए इन्हें विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइंस: खुद से दवा लेने से बचें
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह का फ्लू या तेज बुखार होने पर मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक्स या पेनकिलर न लें।
सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय मास्क का प्रयोग करें, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या कोहनी से ढकें तथा हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोते रहें। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार के साथ सांस फूलने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी जांच कराएं।