यूपी में स्वाइन फ्लू का प्रकोप: हमीरपुर में 2 साल का मासूम पॉजिटिव, अलीगढ़-बरेली में भी बढ़े केस
उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, लगातार हो रही बारिश और वायरल फीवर के बीच स्वाइन फ्लू (H1N1 Influenza) का संक्रमण तेजी से पांव पसारने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पुष्ट मामलों में अचानक तेजी देखी जा रही है। बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में एक दो साल के मासूम बच्चे की जांच रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत कानपुर के उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया है। दूसरी तरफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, रुहेलखंड के बरेली और राजधानी लखनऊ में भी स्वाइन फ्लू के नए मरीज मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरस के प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय ने सभी जिला अस्पतालों और सीएमओ को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
हमीरपुर में मासूम की हालत गंभीर, कानपुर रेफर; जिले में दहशत का माहौल
हमीरपुर जनपद के बिवांर थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्ला छानी गांव निवासी दो वर्षीय मासूम नकुल को पिछले कई दिनों से तेज बुखार, जकड़न और सूखी खांसी की शिकायत थी। स्थानीय स्तर पर आराम न मिलने के बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने लक्षण गंभीर देखते हुए बच्चे का स्वाइन फ्लू एंटीजन टेस्ट करवाया। टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही परिजनों के होश उड़ गए। बच्चे को सांस लेने में हो रही अत्यधिक तकलीफ और ऑक्सीजन स्तर में गिरावट के चलते डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर तुरंत कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
हमीरपुर जिले में मासूम बच्चों में स्वाइन फ्लू का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक दो दिन पहले रमेड़ी मोहल्ला निवासी एक शिक्षक के सवा तीन साल के बेटे हरि में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। हरि का इलाज भी कानपुर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है। एक के बाद एक दो मासूम बच्चों के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से पूरे हमीरपुर जनपद में खौफ का माहौल बना हुआ है। सीएमओ डॉ. अलका शुक्ला के अनुसार, जिला अस्पताल में 180 स्वाइन फ्लू वैक्सीन, वयस्कों के लिए 1700 और बच्चों के लिए 184 एंटीवायरल कैप्सूल (टैमीफ्लू/ओसेल्टामिविर) की खुराक उपलब्ध है तथा विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखा गया है।
अलीगढ़ में संक्रमितों का आंकड़ा 54 पर पहुंचा, बरेली में भी नया केस
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर अलीगढ़ स्वाइन फ्लू के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है। जिले में बीते 24 घंटों के दौरान तीन नए पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 54 तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 224 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। इनमें से 28 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 15 से अधिक मरीजों को घरों में ही आइसोलेट कर उनका उपचार जारी है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए 103 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों और परिजनों को एहतियातन टीका लगाया गया है।
वहीं बरेली जनपद में भी स्वाइन फ्लू का एक नया मामला सामने आया है। जिला अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में हुई आरटी-पीसीआर जांच में इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के पास रहने वाली 22 वर्षीय युवती की रिपोर्ट H1N1 पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही बरेली जिले में स्वाइन फ्लू के कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने पीड़िता के घर पहुंचकर परिजनों को प्रोफिलैक्सिस दवाएं बांटी हैं और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
राजधानी लखनऊ में भी केसों में उछाल, 70 के पार पहुंचे एक्टिव मरीज
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी स्वाइन फ्लू का दायरा लगातार फैल रहा है। लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना नए पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं, जिससे जिले में सक्रिय मरीजों (Active Cases) की संख्या 70 के आंकड़े को पार कर गई है। लखनऊ के सीएमओ डॉ. एन. बी. सिंह के अनुसार, एसजीपीजीआई (SGPGI), केजीएमयू (KGMU) और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों के लिए विशेष फ्लू ओपीडी और आइसोलेशन बेड्स आरक्षित किए गए हैं। प्रशासन ने निजी पैथोलॉजी लैब्स को भी सख्त चेतावनी दी है कि वे सरकार द्वारा तय जांच दरों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी मरीज से स्वाइन फ्लू की जांच के नाम पर मनमाना शुल्क न वसूलें।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण और बचाव के उपाय
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है जो H1N1 वायरस के कारण फैलता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या दूषित सतहों को छूने से तेजी से दूसरों में फैलता है।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण:
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101 डिग्री या उससे अधिक तेज बुखार और कंपकंपी लगना।
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लगातार सूखी खांसी, गले में तेज खराश और निगलने में दर्द होना।
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सीने में भारीपन, जकड़न और सांस लेने में कठिनाई महसूस होना।
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मांसपेशियों और जोड़ों में असहनीय दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी।
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बच्चों में उल्टी, दस्त, अत्यधिक चिड़चिड़ापन और सुस्ती छाना।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी व बचाव के तरीके:
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भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों और अस्पतालों में जाते समय मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
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खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिशू या कोहनी की ओट से पूरी तरह ढकें।
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दिनभर में कई बार साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को अच्छी तरह धोएं या एल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
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तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर मेडिकल स्टोर से खुद दवाएं (Self-medication) लेने से बचें और तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सक की सलाह लें।
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बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उन्हें फ्लू के मरीजों से दूर रखें।