विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाए जाने से सपा में मची बेचैनी: केशव मौर्य बोले- अखिलेश यादव अब कर लें सैफई वापसी की तैयारी

विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बनाए जाने से सपा में मची बेचैनी: केशव मौर्य बोले- अखिलेश यादव अब कर लें सैफई वापसी की तैयारी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने से पहले ही राजनीतिक तपिश चरम पर पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया संगठन प्रभारी बनाए जाने के बाद सियासी गलियारों में बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। तावड़े के लखनऊ आगमन और लगातार संगठनात्मक बैठकों के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। डिप्टी सीएम ने दावा किया कि विनोद तावड़े की यूपी में एंट्री होते ही सपा खेमे में भारी बेचैनी और घबराहट फैल गई है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव अब राजनीति में टिकने के बजाय सीधे 'सैफई वापसी' की तैयारी शुरू कर दें।

सपा और राजद की राजनीतिक कुंडली एक जैसी: डिप्टी सीएम का तीखा वार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लंबा बयान साझा करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) दोनों को एक ही तराजू में तौला। उन्होंने कहा कि सपा और राजद की राजनीतिक कुंडली बिल्कुल एक समान है।

डिप्टी सीएम ने तल्ख लहजे में कहा, "चाल, चरित्र और चेहरे के मामले में सपा और राजद एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं। दोनों दल जंगलराज, गुंडाराज, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति के सबसे बड़े प्रतीक रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता ने जिस तरह से सपा के शासनकाल में अपराध और अराजकता का दंश झेला है, उसे प्रदेश की जागरूक जनता कभी भूल नहीं सकती। आज जब भाजपा संगठन को नए प्रभारी के साथ और अधिक आक्रामक और मजबूत बनाया जा रहा है, तो इन वंशवादी नेताओं के हाथ-पांव फूल रहे हैं। विनोद तावड़े के संगठनात्मक कौशल और मजबूत रणनीतिक रिकॉर्ड से सपा के नेता अंदर तक सहमे हुए हैं।’

बिहार चुनाव की दिलाई याद, अखिलेश पर कसा तंज

केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव के सियासी कदमों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में समाजवादी पार्टी का एक भी उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरा था, इसके बावजूद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव वहां सियासी रोटियां सेकने और गठबंधन का दिखावा करने पहुंच गए थे।

मौर्य ने कहा कि भाजपा को परास्त करने का मुंगेरीलाल का सपना देखने वाली राजद-कांग्रेस-सपा की तिकड़ी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अजेय जोड़ी ने जनता के आशीर्वाद से पूरी तरह धूल चटा दी थी। उन्होंने कहा कि जनता विकास और सुरक्षा चाहती है, गुंडाराज और परिवार के लिए सत्ता नहीं। सपा का पीडीए का नारा केवल 'पराया धन अपना' बनाने की पुरानी फितरत है।

अमित शाह के दौरे और 2027 की हैट्रिक से तय होगी 'सैफई वापसी'

डिप्टी सीएम ने दावा किया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारतीय राजनीति के चाणक्य और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी की स्थिति और भी ज्यादा बदतर होने वाली है।

केशव प्रसाद मौर्य ने पुरजोर शब्दों में दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों, बेहतर कानून-व्यवस्था और डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के दम पर भाजपा 2027 में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और उनका स्थायी रूप से सैफई लौटना तय है।

लखनऊ में विनोद तावड़े ने संभाली कमान, बैठकों का दौर शुरू

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद विनोद तावड़े ने लखनऊ पहुंचते ही संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों, कोर कमेटी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकातों और बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। तावड़े ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को मजबूत कर हर उस राजनीतिक नैरेटिव का करारा जवाब देगी जो विपक्ष जातिगत आधार पर खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। भाजपा के इस आक्रामक संगठनात्मक पुनर्गठन और डिप्टी सीएम के कड़े हमलों ने सूबे में 2027 के महामुकाबले की चुनावी जंग का बिगुल फूंक दिया है।