'भारत का कितना पैसा बाहर गया, ये सरकार पहले बताए' FCRA और परिसीमन बिल पर भड़के अखिलेश यादव; भाजपा को बताया 'भू-माफिया पार्टी'
संसद के मानसून सत्र के दौरान विधायी विधेयकों और राजनीतिक गतिरोध के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) और परिसीमन (Delimitation) संबंधी विधेयकों पर सपा प्रमुख ने अपनी पार्टी का रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी FCRA और परिसीमन विधेयक दोनों का संसद से लेकर सड़क तक पुरजोर विरोध करेगी।
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार से सीधे सवाल किया कि विदेश से आने वाले धन पर पाबंदी लगाने और जांच बैठाने वाली सरकार पहले देश को यह हिसाब दे कि भारत का कितना पैसा अवैध या वैध तरीके से विदेशों में बाहर गया है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार FCRA जैसे कड़े कानूनों के जरिए देश की स्वतंत्र संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक व सामाजिक संस्थानों को डराकर उन पर अपना वर्चस्व और नियंत्रण स्थापित करना चाहती है।
अखिलेश यादव ने FCRA विधेयक के प्रावधानों को पक्षपातपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब भारत में विदेश से अच्छे सामाजिक, शैक्षणिक और परोपकारी कार्यों के लिए धन आता है, तो सरकार को उससे आखिर क्या आपत्ति है? सरकार विदेशों से आने वाले पैसों पर तो नियम-कायदे और पाबंदियां लगा रही है, लेकिन जब देश का लाखों-करोड़ों रुपया बाहर जा रहा है, तो उस पर कोई ठोस कार्रवाई या रोक क्यों नहीं लगाई जा रही?
सपा प्रमुख ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा और केंद्र सरकार ने देश की जनता को यह भरोसा दिलाया था कि भारत का पैसा किसी भी कीमत पर बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा के शासनकाल में अनगिनत लोग आधिकारिक और अनौपचारिक रास्तों से भारत का खजाना लूटकर विदेशों में चले गए हैं। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से देश के केवल बड़े पूंजीपतियों के 'अच्छे दिन' आए हैं, जबकि आम जनता और सामाजिक संस्थाएं प्रताड़ित हो रही हैं।
संस्थाओं पर कब्जे का आरोप और भाजपा को बताया 'देश की सबसे बड़ी भू-माफिया पार्टी'
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कन्नौज सांसद ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया और उसे देश की सबसे बड़ी 'भू-माफिया पार्टी' करार दिया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठी पार्टी की नजर केवल देश की जमीनों, संस्थाओं और उनके संसाधनों पर टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुख्य एजेंडा सरकारी तंत्र का इस्तेमाल करके स्वतंत्र संस्थाओं को अपनी कठपुतली बनाना और धीरे-धीरे उनकी संपत्तियों को हड़पना है।
जहां कहीं भी किसी गांव या शहर में खाली जमीन या कोई तालाब दिखाई दे जाता है, भाजपा के लोग उस पर कब्जा करने की नीयत बना लेते हैं। FCRA कानून का असली मकसद पारदर्शिता लाना नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं पर शिकंजा कसना है ताकि उन्हें राजनीतिक दबाव में लाया जा सके। अखिलेश ने सवाल उठाया कि अगर सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है, तो वह चुनावी बॉन्ड (Electoral Bonds) और पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) में आए विदेशी और देशी चंदों का पारदर्शी हिसाब देश के सामने क्यों नहीं रखती?
परिसीमन बिल का विरोध और प्रयागराज में छात्रों पर दर्ज मुकदमों पर जवाब की मांग
संसद में जारी गतिरोध और परिसीमन विधेयक का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ने विपक्ष को इसलिए चुना है ताकि वह सरकार की कमियों को उजागर करे और जनता के हित में तीखे सवाल पूछे। लेकिन मौजूदा सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय संसद में बहस से भाग रही है।
प्रयागराज (इलाहाबाद) में छात्रों पर हुए पुलिसिया एक्शन और मुकदमों का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निर्दोष विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उन्हें प्रताड़ित किया गया। सरकार ने पहले स्वीकार किया था कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे, लेकिन आज भी कई निर्दोष बच्चों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रयागराज के छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को रद्द करे और अपनी नीतियों पर स्थिति स्पष्ट करे।
अयोध्या में आस्था के साथ खिलवाड़ और ममता बनर्जी पर हमले की कड़ी निंदा
राम नगरी अयोध्या के मुद्दों पर भी सपा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या की पवित्र धरती पर राम मंदिर निर्माण और चढ़ावे के नाम पर आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ हुआ है। मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए चढ़ावे और जमीनों के सौदों में जो खेल हुआ, उससे चंद मिनटों में जमीनों के दाम आसमान छूने लगे।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में हुई चूक और उनकी गाड़ी पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पर इस प्रकार का हमला होना बेहद दुखद और निंदनीय है। सरकारों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या विपक्षी नेता को अपमानित करना और उनकी सुरक्षा में लापरवाही बरतना कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने केंद्र और संबंधित प्रशासन से ममता बनर्जी की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।