लंदन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम फेल, 300 से अधिक फ्लाइट्स रद्द होने से एयरपोर्ट्स पर मची अफरा-तफरी

लंदन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम फेल, 300 से अधिक फ्लाइट्स रद्द होने से एयरपोर्ट्स पर मची अफरा-तफरी

ब्रिटेन के हवाई यातायात तंत्र में अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय हवाई यातायात नियंत्रण सेवा (NATS) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण 300 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि सैकड़ों अन्य उड़ानों में घंटों की देरी दर्ज की गई है। इस तकनीकी नाकामी का सबसे गंभीर असर लंदन के व्यस्ततम हीथ्रो, गैटविक, स्टैनस्टेड के साथ-साथ मैनचेस्टर, बर्मिंघम और स्कॉटलैंड के हवाई अड्डों पर देखने को मिला है। अचानक उड़ानें रद्द होने और टर्मिनल पर फंसे रहने के कारण हजारों देशी और विदेशी यात्रियों के बीच जबर्दस्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

नैट्स (NATS) के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी से रुका ट्रैफिक

ब्रिटेन की मुख्य एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा प्रदाता एजेंसी 'नैट्स' ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि उनके केंद्रीय फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में एक अप्रत्याशित तकनीकी खराबी उत्पन्न हुई। यह सिस्टम विमानों के उड़ान मार्ग (फ्लाइट प्लान) को स्वचालित तरीके से प्रोसेस करने का कार्य करता है। खराबी आने के बाद सुरक्षा मानकों को देखते हुए उड़ानों के प्रस्थान (टेक-ऑफ) पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए और हवाई क्षेत्र में विमानों की गति को नियंत्रित किया जाने लगा। नैट्स ने कहा कि खराबी का पता लगा लिया गया है और इंजीनियरों की टीम बैकअप सिस्टम के जरिए सामान्य संचालन बहाल करने में जुटी है, लेकिन उड़ानों के बैकलॉग को खत्म करने में समय लगेगा।

हीथ्रो, गैटविक और मैनचेस्टर एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा मार

फ्लाइट ट्रैकिंग पोर्टल 'फ्लाइटरडार24' और विमानन सूत्रों के आंकड़ों के अनुसार, इस व्यवधान से लंदन क्षेत्र के सभी बड़े एयरपोर्ट्स बुरी तरह प्रभावित हुए:

  • हीथ्रो एयरपोर्ट: यूरोप के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट हीथ्रो पर 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं और लगभग 350 से अधिक फ्लाइट्स में देरी दर्ज की गई।

  • गैटविक एयरपोर्ट: यहां लगभग 280 से अधिक उड़ानों के समय में भारी फेरबदल हुआ।

  • मैनचेस्टर और बर्मिंघम: मैनचेस्टर में करीब 250 उड़ानें और बर्मिंघम में 100 से अधिक उड़ानें घंटों लेट हुईं।

  • इसके अलावा एडिनबर्ग, ग्लासगो, लंदन ल्यूटन और आयरलैंड के डबलिन एयरपोर्ट पर भी आने-जाने वाली उड़ानों में गंभीर रुकावट दर्ज की गई।

ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट समेत कई एयरलाइनों पर पड़ा असर

इस तकनीकी विफलता के चलते यूके की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों के संचालन तंत्र को भारी झटका लगा है। ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, रयानएयर, केएलएम और लुफ्थांसा जैसी प्रमुख विमानन कंपनियों की सैकड़ों उड़ानों के कार्यक्रम अस्त-व्यस्त हो गए। ब्रिटिश एयरवेज ने अपने बयान में कहा कि यह व्यवधान पूरी तरह से एयरलाइनों के नियंत्रण से बाहर है और वे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था में लगे हुए हैं। यूरोप के अन्य देशों से लंदन आ रहे कई विमानों को हवा में ही होल्ड करना पड़ा या उन्हें नजदीकी यूरोपीय देशों के वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर मोड़ना (डाइवर्ट) पड़ा।

टर्मिनलों पर यात्रियों का हंगामा, फर्श पर सोने को मजबूर लोग

उड़ानें रद्द होने की अचानक मिली सूचना के बाद एयरपोर्ट टर्मिनलों पर यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्हें विमान के अंदर बोर्डिंग के बाद 3 से 4 घंटे तक बिना किसी स्पष्ट जानकारी के बैठाए रखा गया। कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने और सामान के प्रबंधन को लेकर एयरलाइन काउंटरों पर लंबी कतारें और नोकझोंक की स्थिति बनी रही। बुजुर्गों, बच्चों और लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को टर्मिनलों के फर्श पर बैठकर रात काटनी पड़ी।

यात्रियों के लिए एडवायजरी जारी: स्टेटस चेक करने के बाद ही निकलें

हीथ्रो और अन्य एयरपोर्ट प्राधिकरणों ने यात्रियों के लिए आपातकालीन एडवायजरी जारी की है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी उड़ान की वास्तविक और ताजा स्थिति (लाइव स्टेटस) अवश्य जांच लें। जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उन्हें एयरलाइन की कस्टमर सपोर्ट सेवा से संपर्क कर रिफंड या अगली उपलब्ध फ्लाइट में री-बुकिंग कराने की सलाह दी गई है।