ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका का सीक्रेट ऑपरेशन, होर्मुज में बनाया गुप्त समुद्री कॉरिडोर; रोज निकाले जा रहे 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल

ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका का सीक्रेट ऑपरेशन, होर्मुज में बनाया गुप्त समुद्री कॉरिडोर; रोज निकाले जा रहे 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल

अमेरिका और ईरान के बीच जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और सैन्य गतिरोध के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दुनिया के सबसे संवेदनशील और अहम चोकपॉइंट माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर मंडराते खतरे के बावजूद अमेरिकी सेना ने एक सीक्रेट शिपिंग कॉरिडोर (गुप्त समुद्री मार्ग) स्थापित कर लिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस गुप्त रास्ते के जरिए रोजाना लगभग 1 करोड़ बैरल (10 Million Barrels) कच्चा तेल सुरक्षित रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है।

यह मात्रा युद्ध और टकराव से पहले होने वाली सामान्य आपूर्ति का लगभग आधा हिस्सा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रण में रखने और सप्लाई चेन को टूटने से बचाने के लिए इसे अमेरिका की बड़ी रणनीतिक कामयाबी माना जा रहा है।

क्या है अमेरिका का सीक्रेट रूट और कैसे चल रहा है ऑपरेशन?

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर ओमान के तट से सटे दक्षिणी चैनल (Southern Route) को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेकर एक नियंत्रित कॉरिडोर बनाया है।

  • फोर्ट ब्रैग से पूरा नियंत्रण: पूरे गुप्त ऑपरेशन की कमान नॉर्थ कैरोलिना स्थित अमेरिकी सेना के फोर्ट ब्रैग मुख्यालय में गठित एक विशेष टास्क फोर्स के हाथों में है, जो खाड़ी के सहयोगी देशों के साथ लगातार समन्वय कर रही है।

  • रात के अंधेरे में जहाजों का काफिला: पिछले कई हफ्तों से हर रात 15 से 20 तेल टैंकर इस दक्षिणी चैनल से गुजारे जा रहे हैं।

  • खाली और भरे टैंकरों का अलग शेड्यूल: टास्क फोर्स जहाजों को निर्धारित टाइम स्लॉट देती है। खाली टैंकरों को अरब सागर से खाड़ी देशों के बंदरगाहों पर तेल लोड करने के लिए भेजा जाता है और फिर भरे हुए टैंकरों को रात के समय काफिले (Convoys) के रूप में सुरक्षित बाहर निकाला जाता है।

  • अमेरिकी फाइटर जेट्स का सुरक्षा घेरा: इन जहाजों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों से बचाने के लिए अमेरिकी वायु सेना के लड़ाकू विमान लगातार आसमान में गश्त कर सुरक्षा कवर प्रदान कर रहे हैं।

ईरानी रडार कमजोर, समुद्र में निगरानी क्षमता हुई ठप

सवाल यह उठ रहा है कि ईरानी सेना की कड़ी निगरानी के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर तेल की निकासी कैसे संभव हो पा रही है।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा चलाए गए सैन्य अभियानों ने ईरान के तटीय रडार नेटवर्क और समुद्री सर्विलांस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके चलते ईरानी सेना की होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में जहाजों को ट्रैक करने की क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। इस तकनीकी बढ़त का फायदा उठाकर अमेरिकी टास्क फोर्स बिना किसी बड़े सीधे टकराव के तेल टैंकरों को बाहर निकाल रही है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार के लिए क्यों अहम है यह कदम?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत और वैश्विक एलएनजी (LNG) व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है। यदि यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता, तो कच्चे तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकती थीं, जिससे दुनिया भर में भीषण महंगाई का संकट खड़ा हो जाता।