कंगाल पाकिस्तान में तेल संकट से मचा हाहाकार, शहबाज सरकार ने सरकारी गाड़ियों का पेट्रोल किया आधा; विदेश यात्राओं और शादी में दावतों पर लगा बैन

कंगाल पाकिस्तान में तेल संकट से मचा हाहाकार, शहबाज सरकार ने सरकारी गाड़ियों का पेट्रोल किया आधा; विदेश यात्राओं और शादी में दावतों पर लगा बैन

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और लाल सागर में कच्चे तेल व गैस की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के कारण पाकिस्तान की पहले से बदहाल अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंस गई है। वैश्विक बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों और विदेशी मुद्रा भंडार की भारी किल्लत से निपटने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने पूरे देश में सख्त मितव्ययिता पैकेज (Austerity Measures) लागू कर दिया है। कैबिनेट डिवीजन द्वारा जारी अधिसूचना के तहत देश भर में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं, जिनका मकसद ईंधन की खपत को घटाना और सरकारी खजाने से होने वाले फिजूलखर्च पर पूरी तरह लगाम लगाना है। ये कड़े नियम तत्काल प्रभाव से अगले तीन महीनों के लिए प्रभावी कर दिए गए हैं।

सरकारी गाड़ियों का 50% पेट्रोल कोटा घटा, नई गाड़ियों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध

सरकारी खर्च में भारी कटौती करने के लिए शहबाज सरकार ने सभी संघीय और प्रशासनिक विभागों के वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में सीधे 50 प्रतिशत की कटौती कर दी है। यह नियम अगले तीन महीनों तक कड़ाई से लागू रहेगा। हालांकि, सेना, नागरिक सशस्त्र बल (Civil Armed Forces), कानून प्रवर्तन एजेंसियां, अनिवार्य सेवाएं और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) की फील्ड ऑपरेशनल गाड़ियों को इस कटौती से छूट दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने सभी प्रकार के नए वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उपकरणों को छोड़कर सरकारी दफ्तरों के लिए किसी भी तरह का नया टिकाऊ सामान (Durable Goods) खरीदने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

मंत्रियों और अफसरों की विदेश यात्राओं पर 3 महीने का बैन, उड़ेंगे केवल इकोनॉमी क्लास में

सरकारी खजाने से विदेशी मुद्रा के बाहर जाने को रोकने के लिए सरकार ने मंत्रियों, सलाहकारों, सांसदों और नौकरशाहों की सभी प्रकार की विदेशी यात्राओं पर तीन महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की उपस्थिति अनिवार्य होगी, तो वहां पाकिस्तान के संबंधित राजदूत या उच्चायुक्त ही देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। केवल विदेशी छात्रवृत्ति या पहले से तय द्विपक्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस रोक से छूट मिलेगी। अत्यंत अपरिहार्य स्थिति में यदि किसी मंत्री या उच्चाधिकारी को विदेश यात्रा की विशेष अनुमति मिलती भी है, तो उन्हें बिजनेस या फर्स्ट क्लास के बजाय अनिवार्य रूप से इकोनॉमी क्लास में ही यात्रा करनी होगी।

शादी में केवल 'एक डिश' की अनुमति, रात 9 बजे बाजार और 10 बजे बंद होंगे मैरिज हॉल

जनता और कारोबारी स्तर पर भी ऊर्जा संरक्षण के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं। शादी-ब्याह के सभी समारोहों में भव्य दावतों पर रोक लगाते हुए केवल 'वन डिश' (सिर्फ एक व्यंजन) परोसने का सख्त कानून लागू किया गया है। इसके अलावा बिजली बचाने के लिए बाजारों और दुकानों के बंद होने का समय तय किया गया है:

  • दुकानें, बाजार, शॉपिंग मॉल और किराना स्टोर रात 9 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने होंगे।

  • मैरिज हॉल, शादी के टेंट और अन्य आयोजन स्थल रात 10 बजे के बाद खुले नहीं रह सकेंगे।

  • रेस्तरां, कैफे और फूड आउटलेट्स रात 11 बजे तक बंद होंगे, हालांकि होम डिलीवरी और टेकअवे को छूट दी गई है।

  • अस्पताल, फार्मेसी, पेट्रोल व सीएनजी पंप, मेडिकल लैब और आईटी कॉल सेंटर जैसी जरूरी सेवाओं को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है।

सरकारी दावतों, सेमिनारों और भौतिक बैठकों पर कैंची; बजट में 5% कटौती

सरकारी विभागों के भीतर होने वाले फिजूलखर्च पर लगाम कसने के लिए सभी प्रकार के आधिकारिक लंच और डिनर की मेजबानी पर रोक लगा दी गई है, जिसमें छूट केवल विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के सम्मान में होने वाले कार्यक्रमों को मिलेगी। अंतर-शहर यात्राओं को रोकने के लिए अधिकारियों को सभी बैठकें टेलीकॉन्फ्रेंसिंग या वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी खर्चे पर होने वाले सेमिनार, कार्यशालाएं और सम्मेलन पूरी तरह रोक दिए गए हैं और जरूरी होने पर केवल सरकारी सभागारों का उपयोग करने को कहा गया है। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में गैर-कर्मचारी खर्चों (Non-ERE) में हर महीने 5 प्रतिशत की सीधी कटौती लागू की गई है, जो विदेशों में स्थित पाकिस्तानी दूतावासों पर भी लागू होगी।