ट्रंप के बेटों से जुड़े अमेरिकी ड्रोन मेकर से पाक सेना ने मिलाया हाथ, आसिम मुनीर ने की सीक्रेट डील; भारत की उड़ी नींद

ट्रंप के बेटों से जुड़े अमेरिकी ड्रोन मेकर से पाक सेना ने मिलाया हाथ, आसिम मुनीर ने की सीक्रेट डील; भारत की उड़ी नींद

दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन और भारत-अमेरिका संबंधों के बीच एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों—डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप—के निवेश वाली एक अमेरिकी ड्रोन निर्माता कंपनी ने पाकिस्तानी सेना के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिका की उभरती हुई ड्रोन निर्माता कंपनी 'पॉवरस' (Powerus) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर से मुलाकात की और सैन्य ड्रोन की आपूर्ति व तकनीक सहयोग को लेकर औपचारिक समझौता किया। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वाशिंगटन और इस्लामाबाद अपने रक्षा व आर्थिक संबंधों को नए सिरे से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे नई दिल्ली के रक्षा गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई है।

रावलपिंडी में आसिम मुनीर संग सीक्रेट बैठक और ड्रोन का शुरुआती ऑर्डर

रॉयटर्स और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी ड्रोन कंपनी पॉवरस के सह-संस्थापक और पूर्व अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज खुफिया अधिकारी ब्रेट वेलिकोविच के नेतृत्व में एक डेलिगेशन ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से सीधी मुलाकात की। इस दौरान रक्षा खरीद, ड्रोन उत्पादन और पाकिस्तानी सेना की लंबी दूरी की हवाई क्षमताओं को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। कंपनी के सह-संस्थापक ने पुष्टि की है कि इस समझौते के तहत पाकिस्तानी सेना ने अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS यानी ड्रोन) का एक शुरुआती ऑर्डर भी दिया है। हालांकि, सुरक्षा संवेदनशीलता और गोपनीयता का हवाला देते हुए ड्रोन की संख्या, तकनीक के प्रकार और इस सौदे की कुल कीमत का खुलासा करने से इनकार कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) ने बैठक की जानकारी तो साझा की, लेकिन समझौते और ड्रोन ऑर्डर पर पूरी तरह चुप्पी साध ली।

ट्रंप के बेटों से क्या है कनेक्शन और कंपनियों का विलय?

इस रक्षा सौदे ने वैश्विक स्तर पर सबका ध्यान इसलिए खींचा है क्योंकि पॉवरस का सीधा संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से जुड़ता है। पॉवरस जल्द ही नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी 'ऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स' (Aureus Greenway Holdings) के साथ एक सार्वजनिक विलय (Merger) करने जा रही है, जो अक्टूबर की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद है। अमेरिकी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप की अपने इन्वेस्टमेंट फंड 'अमेरिकन वेंचर्स' के जरिए ऑरियस में हिस्सेदारी है। इस मर्जर के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी में ट्रंप के बेटों के फंड की 9.9 प्रतिशत लाभकारी हिस्सेदारी (Beneficial Ownership) होगी। हालांकि, कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंड्रयू फॉक्स और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप के बेटे केवल पैसिव इन्वेस्टर हैं और उनका कंपनी के दैनिक कामकाज, प्रबंधन या कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में कोई सीधा दखल नहीं है।

पाकिस्तान में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और चीन पर निर्भरता घटाने का दांव

पॉवरस सैन्य और औद्योगिक उपयोग के लिए भारी पेलोड ले जाने वाले हवाई और समुद्री ड्रोन का निर्माण करती है। कंपनी के सह-संस्थापक वेलिकोविच के मुताबिक, पिछले कई दशकों से अमेरिकी नीतियां पाकिस्तान जैसे देशों को ड्रोन तकनीक देने से बचती रही हैं, जिसका फायदा उठाकर चीन ने वहां अपनी पूरी पकड़ बना ली। इस समझौते का दीर्घकालिक उद्देश्य पाकिस्तान में स्थानीय स्तर पर जॉइंट वेंचर के जरिए ड्रोन निर्माण (Local Manufacturing) की नींव रखना है, ताकि पाकिस्तान की चीन और तुर्किये पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम किया जा सके। यह कंपनी यूक्रेन युद्ध में परखी गई आधुनिक ड्रोन तकनीक और ड्रोन इंटरसेप्टर सिस्टम के निर्माण में महारत रखती है, जिसे अब पाकिस्तानी सेना अपने बेड़े में शामिल करने जा रही है।

भारत के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की नई तैयारी और सामरिक खतरे

पाकिस्तानी सेना के साथ इस अमेरिकी ड्रोन कंपनी का जुड़ना भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सीमा पार से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हथियारों, नशीले पदार्थों और विस्फोटकों की तस्करी के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी नेटवर्क पहले से ही ड्रोन का व्यापक इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि अमेरिकी तकनीक से लैस एडवांस और हैवी-लिफ्ट ड्रोन पाकिस्तानी सेना को मिलते हैं, तो वह पश्चिमी सीमा पर भारतीय एयर डिफेंस के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। साथ ही, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आसिम मुनीर को अपना 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' बताना और ट्रंप परिवार से जुड़े कारोबारी गठजोड़ों का इस्लामाबाद तक पहुंचना, वाशिंगटन और नई दिल्ली के कूटनीतिक रिश्तों में असहजता पैदा कर सकता है।