ईरान के डर से बदला था विमान? दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स डोनाल्ड ट्रंप ने खुद खोला राज, बताई 'उस' खौफनाक रात की पूरी कहानी

ईरान के डर से बदला था विमान? दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स डोनाल्ड ट्रंप ने खुद खोला राज, बताई 'उस' खौफनाक रात की पूरी कहानी

अमेरिकी राष्ट्रपति को दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है, जिनकी सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य होती है। लेकिन जब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी जान बचाने के लिए मीडिया और कैमरों की नजरों से छिपकर 'फूड ट्रक' के रास्ते विमान बदलना पड़े, तो यह इतिहास की सबसे चौंकाने वाली खबर बन जाती है।

नाटो (NATO) सम्मेलन से वापसी के दौरान तुर्की में हुए इस सनसनीखेज 'विमान अदला-बदली ऑपरेशन' पर पिछले कुछ दिनों से दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में तीखी चर्चा चल रही थी। अब खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे वाकये पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उस खौफनाक रात का पूरा सच दुनिया के सामने रख दिया है।

"ईरान की हिट-लिस्ट में नंबर 1 पर हूँ... वो मुझे मारना चाहते हैं"

मीडिया से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से सवाल किया गया कि अंकारा में एयरफोर्स वन (Air Force One) में पत्रकारों को बैठाने के बाद उन्हें डमी प्लेन में क्यों छोड़ा गया और राष्ट्रपति खुद छोटे सैन्य विमान (C-32A) से क्यों निकले? तो ट्रंप ने बिना किसी हिचकिचाहट के ईरान से मंडरा रहे सीधे खतरे की बात स्वीकार की।

ट्रंप ने कहा, "ईरान की ओर से मुझे लगातार सीधे मिसाइल और हत्या की धमकियां मिल रही हैं। मैं उनकी हिट-लिस्ट में नंबर वन पर हूँ। हमारी सीक्रेट सर्विस और पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) को खुफिया जानकारी मिली थी कि तेहरान मेरे विमान को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। यही वजह थी कि सुरक्षा एजेंसियों को यह असामान्य और सीक्रेट कदम उठाना पड़ा।"

पत्रकारों से खिड़कियां बंद कराने और फूड ट्रक का सच

अंकारा के रनवे पर हुए इस सीक्रेट ऑपरेशन का जिक्र करते हुए ट्रंप ने बताया कि उनके मुख्य बोइंग 747 'एयरफोर्स वन' को केवल एक 'छलावा' (Decoy) की तरह इस्तेमाल किया गया था ताकि अगर कोई हमला हो, तो निशाना केवल खाली या डमी विमान बने।

विमान में सवार पत्रकारों से खिड़कियों के पर्दे (Window Blinds) बंद कराए जाने के सवाल पर ट्रंप ने कहा:

"जब सीक्रेट सर्विस ने प्रेस केबिन की खिड़कियां बंद कराईं, तो उन्हें लगा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन वे वास्तव में एक बेहद खतरनाक उड़ान पर थे। अगर कोई मिसाइल आती, तो वह उसी विमान से टकराती। मैंने पत्रकारों से कहा था कि अगर वे मुझे मारेंगे, तो तुम भी मेरे साथ ही जाओगे, क्योंकि वे हम सभी से नफरत करते हैं।"

ट्रंप ने स्वीकार किया कि रनवे के पीछे की तरफ हाइड्रोलिक कैटरिंग (फूड) ट्रक को लगाकर उन्हें बेहद गुपचुप तरीके से दूसरे छोटे बोइंग 757 विमान में शिफ्ट किया गया था, ताकि किसी भी रडार या स्थानीय खुफिया कैमरे को इस बात की भनक न लगे कि राष्ट्रपति किस विमान में सवार हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच चरम पर पहुंचा तनाव

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान इस बात का सीधा प्रमाण है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी छाया युद्ध (Shadow War) किस हद तक खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है।

ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद से ही ईरानी नेतृत्व द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपतियों और शीर्ष सैन्य जनरलों को निशाना बनाने की धमकियां दी जाती रही हैं। ट्रंप के इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था, एयरफोर्स वन के सुरक्षा प्रोटोकॉल और ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने को लेकर बहस तेज हो गई है।