ईरान में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, हॉल पर अचानक गिरी मिसाइल; चश्मदीदों ने सुनाई खौफनाक दास्तान
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी चौतरफा युद्ध और हवाई हमलों के खूनी साए ने अब निर्दोष नागरिकों और पारिवारिक उत्सवों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान में एक शादी समारोह के दौरान उस वक्त कोहराम मच गया, जब पारंपरिक संगीत, हंसी-ठहाकों और दावत के बीच अचानक आसमान से एक घातक मिसाइल सीधे वेडिंग हॉल की छत को चीरती हुई अंदर आ गिरी। पलक झपकते ही विवाह की सजी-धजी महफिल धूल, बारूद के धुएं और मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।
इस भीषण मिसाइल हमले में दूल्हा-दुल्हन के परिजनों, रिश्तेदारों, महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोग मलबे में दब गए। स्थानीय राहत एजेंसियों और आपातकालीन स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, धमाका इतना भीषण था कि आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़े सैकड़ों मीटर दूर जाकर गिरे। इस हृदयविदारक हादसे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के नियमों और रिहायशी इलाकों में हो रहे अंधाधुंध हमलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चश्मदीदों की जुबानी: 'एक भयानक रोशनी चमकी और फिर सिर्फ चीखें सुनाई दे रही थीं'
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और इस खौफनाक हमले में बाल-बाल बचे लोगों ने जो दास्तान सुनाई है, वह रूह कंपा देने वाली है। शादी में शामिल एक नजदीकी रिश्तेदार ने नम आंखों और कांपती आवाज में बताया कि दावत का दौर चल रहा था और बच्चे हॉल के आंगन में खेल रहे थे, तभी अचानक हवा को चीरती हुई एक तेज सनसनाहट सुनाई दी।
चश्मदीद के अनुसार, "इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या सुरक्षित जगह की तरफ भागता, एक अंधाधुंध रोशनी चमकी और कान के पर्दे फाड़ देने वाला महाविस्फोट हुआ। पूरा हॉल हमारी आंखों के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हर तरफ सिर्फ धूल का गुबार, आग की लपटें और खून से लथपथ लोग जमीन पर बिखरे पड़े थे।" एक अन्य घायल मेहमान ने बताया कि धमाके के बाद मलबे के नीचे दबे लोग अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन अंधेरे और बिजली गुल हो जाने के कारण तुरंत सहायता पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया।
मलबे से अपनों को तलाशते परिजन: अस्पतालों में आपातकाल घोषित
हमले के तुरंत बाद स्थानीय नागरिक सुरक्षा (Civil Defense), रेड क्रिसेंट और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और भारी क्रेन व अर्थमूवर्स की मदद से युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान शुरू किया गया। कंक्रीट के भारी स्लैब को काटकर उसके नीचे दबे जख्मी लोगों और शवों को बाहर निकाला गया। नजदीकी क्षेत्रीय अस्पतालों में तत्काल मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी गई, जहां स्ट्रेचरों पर खून से लथपथ घायलों को लाया जा रहा था।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं जो बारूद के जलने और सिर में गहरी चोट लगने के कारण वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। अपनों की तलाश में बदहवास परिजन अस्पताल की मोर्चरी और इमरजेंसी वार्डों के चक्कर काटते हुए बिलखते नजर आए।
रिहायशी इलाकों पर हमलों को लेकर भड़का जनाक्रोश: युद्ध अपराध के आरोप
इस त्रासद घटना के बाद पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों में भारी आक्रोश की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने रिहायशी इलाके में स्थित शादी के हॉल को निशाना बनाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे स्पष्ट 'युद्ध अपराध' (War Crime) करार दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य संघर्ष में सटीक निशानों (Precision Strikes) के दावों के बावजूद नागरिक ठिकानों का लगातार शिकार होना यह साबित करता है कि आधुनिक युद्ध में आम नागरिकों की सुरक्षा को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से अपील की है कि वह इस घटना की स्वतंत्र जांच कराए और रिहायशी बस्तियों, अस्पतालों और शादी जैसे गैर-सैन्य आयोजनों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोके।
युद्ध की विभीषिका: जब निर्दोष जिंदगियों पर टूट पड़ता है राजनीतिक टकराव
शादी समारोह पर हुए इस मिसाइल हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रों और सेनाओं के बीच छिड़े टकराव की सबसे भारी कीमत हमेशा उन बेकसूर नागरिकों को चुकानी पड़ती है, जिनका युद्ध की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होता। जिस घर में कुछ घंटे पहले नए जीवन की शुरुआत के गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सिर्फ मातम, आंसुओं और मलबे की राख बची है।