'मेरे लिए बस आप ही सब कुछ हैं', कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप को भावुक चिट्ठियां लिखने वाली नताली हार्प? साए की तरह साथ रहने वाली 'ह्यूमन प्रिंटर' पर क्यों मचा है सियासी बवाल

'मेरे लिए बस आप ही सब कुछ हैं', कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप को भावुक चिट्ठियां लिखने वाली नताली हार्प? साए की तरह साथ रहने वाली 'ह्यूमन प्रिंटर' पर क्यों मचा है सियासी बवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इर्द-गिर्द रहने वाले सलाहकारों और करीबियों की चर्चा हमेशा वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में रहती है, लेकिन इस बार वॉशिंगटन के सत्ता के गलियारों में 35 वर्षीय नताली हार्प को लेकर जबर्दस्त सियासी बहस छिड़ गई है। ट्रंप के साथ हर दौरे, चुनावी रैली, गोल्फ कोर्स और यहां तक कि व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस के भीतर साए की तरह मौजूद रहने वाली नताली हार्प की लिखी कुछ निजी और बेहद भावुक चिट्ठियां सार्वजनिक हो गई हैं। इन पत्रों में ट्रंप के प्रति उनका गहरा समर्पण, निजी भावनाएं और उन्हें अपना 'रक्षक व संरक्षक' बताने जैसे शब्दों ने अमेरिकी मीडिया और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के कान खड़े कर दिए हैं। आखिर कौन हैं नताली हार्प, उन्हें अमेरिकी प्रशासन में 'ह्यूमन प्रिंटर' क्यों कहा जाता है और ट्रंप के इनर सर्कल में उनका कद अचानक इतना बड़ा कैसे हो गया?

'मेरे लिए बस आप ही मायने रखते हैं': लीक हुए पत्रों ने मचाई खलबली

हाल ही में अमेरिकी मीडिया संस्थान द डेली बीस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा उजागर किए गए पत्रों के अनुसार, नताली हार्प ने साल 2023 में डोनाल्ड ट्रंप को कई हस्तलिखित और टाइप किए गए पत्र भेजे थे। इन पत्रों में नताली ने ट्रंप के प्रति अपनी अटूट वफादारी जाहिर करते हुए लिखा था कि "मेरे लिए बस आप ही सब कुछ हैं और आप ही मायने रखते हैं।" उन्होंने लिखा कि "मैं आपको कभी निराश नहीं करना चाहती। इस जीवन में मेरा संरक्षक और रक्षक बनने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।"

एक अन्य पत्र में नताली ने अपने टीवी एंकरिंग के दिनों को याद करते हुए लिखा कि वह उन दिनों को याद करती हैं जब ट्रंप उन्हें सीधे फोन किया करते थे और वे दोनों हर विषय पर लंबी बातचीत करते थे। नताली ने यह भी लिखा कि अगर उनसे कभी कोई चूक हो जाए तो ट्रंप को उन पर गुस्सा करने और डांटने का पूरा हक है, क्योंकि उनसे ज्यादा उनकी परवाह कोई और नहीं करता। लेखक माइकल वोल्फ ने ट्रंप के 2024 चुनावी अभियान पर किताब की रिसर्च के दौरान इन पत्रों को हासिल किया था, जिसके बाद से ट्रंप और नताली के कामकाजी व निजी तालमेल पर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

गोल्फ कार्ट के पीछे दौड़ने से लेकर 'ह्यूमन प्रिंटर' बनने तक का सफर

व्हाइट हाउस और ट्रंप के स्टाफ के बीच नताली हार्प का सबसे चर्चित उपनाम 'ह्यूमन प्रिंटर' (Human Printer) है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप को आईपैड या मोबाइल स्क्रीन पर लंबे लेख या सोशल मीडिया पोस्ट पढ़ने के बजाय कागज पर प्रिंटआउट पढ़ना ज्यादा पसंद है। नताली हार्प हमेशा अपने साथ एक पोर्टेबल प्रिंटर, अतिरिक्त बैटरी पैक और लैपटॉप लेकर चलती हैं।

चाहे ट्रंप का निजी विमान हो, उनका फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिजॉर्ट हो या गोल्फ का मैदान, नताली लगातार इंटरनेट पर ट्रंप की तारीफ में लिखे गए लेख, सकारात्मक खबरें और सोशल मीडिया रिएक्शंस को प्रिंट करके तुरंत ट्रंप के हाथों में थमाती रहती हैं। साल 2023 में स्कॉटलैंड के गोल्फ कोर्स से उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह हाथ में दस्तावेज लेकर ट्रंप के गोल्फ कार्ट के पीछे दौड़ती नजर आई थीं। अपने पत्रों में उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया था कि ट्रंप की सेवा और काम के दबाव के चलते वह कई बार खाना और सोना तक भूल जाती हैं।

बोन कैंसर से जंग और ट्रंप का 'राइट टू ट्राई एक्ट': जहां से शुरू हुई अटूट आस्था

कैलिफोर्निया में पली-बढ़ीं और लिबर्टी यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाली नताली हार्प की जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब वह बेहद कम उम्र में हड्डियों के जानलेवा कैंसर (Bone Cancer) की चपेट में आ गईं। कई पारंपरिक कीमोथेरेपी और इलाज विफल होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें उम्मीद छोड़ देने की सलाह दी थी।

साल 2018 में राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप ने 'राइट टू ट्राई एक्ट' (Right to Try Act) पर हस्ताक्षर किए थे। यह कानून गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उन प्रयोगात्मक दवाओं और थैरेपीज को आजमाने की कानूनी अनुमति देता है जो पूरी तरह एफडीए से पास नहीं हुई होती हैं। नताली ने दावा किया कि इसी कानून की बदौलत उन्हें एक प्रायोगिक इम्यूनोथेरेपी मिली जिससे उनकी जान बच गई। साल 2019 में फॉक्स न्यूज पर उन्होंने कहा था कि अगर ट्रंप न होते तो वह आज जिंदा नहीं होतीं। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें 2020 के रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन (RNC) में बोलने का मौका दिया, जहां से नताली ट्रंप के सबसे वफादार कोर ग्रुप का हिस्सा बन गईं।

ओवल ऑफिस के भीतर बैठती हैं नताली, संभालती हैं ट्रुथ सोशल का मोर्चा

पूर्व में दक्षिणपंथी न्यूज चैनल 'वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क' (OANN) में बतौर टीवी होस्ट काम करने के बाद नताली ने 2022 से सीधे ट्रंप की कोर टीम को संभालना शुरू किया। दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने उन्हें 1.5 लाख डॉलर के सालाना वेतन पर राष्ट्रपति की विशेष सहायक और कार्यकारी सहायक (Special Assistant to the President) नियुक्त किया है।

व्हाइट हाउस के अन्य कर्मचारियों और पूर्व निजी सचिवों के विपरीत, नताली ओवल ऑफिस के बाहर नहीं बल्कि सीधे राष्ट्रपति के कमरे के भीतर बैठती हैं। वह ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) के अकाउंट को सीधे मैनेज करती हैं। ट्रंप कौन सा पोस्ट शेयर करेंगे, किस वीडियो को री-पोस्ट करेंगे और कौन सी खबरें उन तक पहुंचेंगी, इसका बड़ा नियंत्रण नताली के पास होता है। यहां तक कि कई विदेशी राजनयिक और सीनेटर भी ट्रंप तक अपनी बात पहुंचाने के लिए नताली को एक अहम जरिया मानते हैं।

सीनेटर जॉन ओसॉफ का तीखा तंज और व्हाइट हाउस का पलटवार

नताली हार्प और ट्रंप की इस निकटता पर विपक्षी दल डेमोक्रेट्स ने तीखे राजनीतिक हमले शुरू कर दिए हैं। जॉर्जिया से डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ ने हाल ही में एक भाषण के दौरान ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा था कि ट्रंप राष्ट्रपति के रूप में देश का काम करने के बजाय नताली के साथ यात्राएं करने और बॉलरूम बनवाने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं।

इस बयान के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जब सीएनएन की संवाददाता क्रिस्टन होम्स ने इस पर सवाल पूछा तो ट्रंप प्रशासन ने इसे बेहद आपत्तिजनक और घटिया करार दिया। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगल ने नताली का बचाव करते हुए उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप की टीम की सबसे मेहनती, वफादार और पेशेवर सहयोगियों में से एक बताया।

ट्रंप के इनर सर्कल में बढ़ता प्रभाव और वॉशिंगटन की राजनीति का नया समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नताली हार्प की यह वफादारी ट्रंप की उस कार्यशैली के बिल्कुल अनुकूल बैठती है, जिसमें वह अपने आसपास केवल उन लोगों को रखना पसंद करते हैं जो बिना किसी शर्त उनके प्रति समर्पित हों। 6 जनवरी के कैपिटल हिल विवाद के बाद जब कई पुराने सलाहकारों ने ट्रंप का साथ छोड़ दिया था, तब भी नताली उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी रहीं।

यही वजह है कि जब सुरक्षा कारणों से तुर्की में विमान बदलने का संवेदनशील मामला सामने आया था, तब भी ट्रंप के साथ चुने हुए कुछ सहायकों में नताली शामिल थीं। हालांकि, कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने नताली की इस अत्यधिक पहुंच को लेकर चिंताएं भी जताई हैं। बहरहाल, लीक हुए पत्रों और सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बावजूद नताली हार्प वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति के सबसे ताकतवर और अभेद्य इनर सर्कल का अटूट हिस्सा बनी हुई हैं।