'जेलर 2' साइन करने से पहले मिथुन चक्रवर्ती ने रख दी थी यह अनोखी शर्त: 'ना मुझे मारेंगे और ना ही...'
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब दो ऐसे महानायक एक ही फ्रेम में आने की तैयारी कर रहे हों जिन्होंने अपनी-अपनी इंडस्ट्री की परिभाषा ही बदल दी, तो सिनेप्रेमियों की धड़कनें तेज होना तय है। तमिल सिनेमा के 'थलाइवर' रजनीकांत और हिंदी सिनेमा के 'डिस्को डांसर' व तीन बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मिथुन चक्रवर्ती के एक साथ बड़े पर्दे पर आने की खबरें इन दिनों सुर्खियां बटोर रही हैं। निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जेलर' के सीक्वल यानी 'जेलर 2' (हुकुम) में मिथुन चक्रवर्ती के अहम किरदार को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसने फिल्म को लेकर उत्सुकता को दोगुना कर दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा उस दिलचस्प शर्त की हो रही है जो मिथुन चक्रवर्ती ने इस विशाल एक्शन ड्रामा का हिस्सा बनने से पहले मेकर्स के सामने रखी थी।
'ना मुझे मारेंगे और ना ही...': मिथुन चक्रवर्ती की दो टूक शर्त
फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों और इंडस्ट्री गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, जब मेकर्स मिथुन चक्रवर्ती के पास 'जेलर 2' की स्क्रिप्ट और किरदार का प्रस्ताव लेकर पहुंचे, तो दिग्गज अभिनेता ने कहानी और कॉन्सेप्ट को बेहद पसंद किया। हालांकि, उन्होंने निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार के सामने अपने किरदार की गरिमा और स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर एक बहुत स्पष्ट और अनूठी बात रख दी। मिथुन दा ने साफ शब्दों में कहा, "फिल्म में मेरा रोल कितना भी बड़ा या छोटा हो, लेकिन न तो रजनीकांत मुझे ऑन-स्क्रीन बुरी तरह पीटेंगे या मारेंगे, और न ही मैं उनके किरदार के सामने कमजोर या बेबस दिखूंगा।" उनका कहना था कि जब दो ऐसे अभिनेता आमने-सामने हों जिनकी अपनी एक विशाल विरासत और करोड़ों फैंस हैं, तो दोनों का संतुलन बराबर होना चाहिए, न कि एक को बड़ा दिखाने के लिए दूसरे को कमतर आंका जाए।
दो दशकों की लीगेसी और बराबरी का टकराव
मिथुन चक्रवर्ती की यह मांग पूरी तरह वाजिब भी मानी जा रही है। 80 और 90 के दशक में उत्तर भारत से लेकर सुदूर रूस तक मिथुन दा का जो स्टारडम रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। वहीं दक्षिण भारत में रजनीकांत की लोकप्रियता किसी दैवीय अवतार जैसी है। जब पहली 'जेलर' रिलीज हुई थी, तो उसमें विनायकन के किरदार 'वर्मन' को एक दुर्दांत विलेन के रूप में दिखाया गया था, जिसका अंत रजनीकांत के हाथों बेहद नाटकीय अंदाज में हुआ था। इसके अलावा फिल्म में मोहनलाल, शिवा राजकुमार और जैकी श्रॉफ के कैमियो रोल्स को भी नेल्सन ने बेहद स्वैग और गरिमा के साथ पेश किया था। मिथुन चक्रवर्ती का मानना था कि अगर वे इस दुनिया का हिस्सा बनते हैं, तो उनका टकराव केवल एक पारंपरिक हीरो-विलेन का नहीं होना चाहिए, बल्कि दो फौलादी शख्सियतों का वैचारिक और शक्ति-संतुलन वाला आमना-सामना होना चाहिए।
पहली 'जेलर' की ऐतिहासिक सफलता और सीक्वल का विशाल कैनवास
सन पिक्चर्स के बैनर तले बनी 'जेलर' ने साल 2023 में दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर इतिहास रचा था। 'टाइगर मुथुवेल पांडियन' के रूप में रजनीकांत के शांत मगर विध्वंसक अवतार को दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया था। अब नेल्सन दिलीपकुमार इसके सीक्वल को और भी बड़े कैनवास पर डिजाइन कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि 'जेलर 2' में कहानी मुथुवेल पांडियन के अतीत के उन पन्नों को खोलेगी जो पहले भाग में अनछुए रह गए थे। ऐसे में एक मजबूत, अनुभवी और प्रभावशाली प्रतिद्वंद्वी या सहयोगी के रूप में मिथुन चक्रवर्ती का नाम सबसे सटीक बैठता है। निर्देशक नेल्सन अपनी फिल्मों में डार्क कॉमेडी और हाई-ऑक्टेन स्वैग के मिश्रण के लिए जाने जाते हैं, और वे मिथुन दा के मिजाज को ध्यान में रखकर सीन तराश रहे हैं।
अनिरुद्ध का संगीत और पैन-इंडिया स्तर पर धमाका
'जेलर' के पहले भाग को ब्लॉकबस्टर बनाने में अनिरुद्ध रविचंदर के धमाकेदार बैकग्राउंड स्कोर और 'हुकुम' जैसे गानों का बहुत बड़ा हाथ था। सीक्वल के लिए भी अनिरुद्ध ने अभी से थीम ट्रैक्स पर काम शुरू कर दिया है। अगर मिथुन चक्रवर्ती और रजनीकांत का यह मुकाबला तय शर्तों के मुताबिक पर्दे पर उतरता है, तो अनिरुद्ध का संगीत इस टकराव को अगले स्तर पर ले जाएगा। उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर दक्षिण के मल्टीप्लेक्स तक, दोनों दिग्गजों की एक भी संयुक्त फ्रेम पूरे सिनेमाघर में सीटियां और तालियां बजाने के लिए काफी होगी।
क्या मेकर्स ने मानी मिथुन दा की शर्त?
रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्देशक नेल्सन और प्रोडक्शन टीम ने मिथुन चक्रवर्ती की इस सोच का पूरा सम्मान किया है। उन्होंने स्क्रिप्ट में इस तरह से बदलाव किए हैं कि दोनों दिग्गजों के बीच का तनाव और स्क्रीन प्रेजेंस एक-दूसरे के पूरक बनें। दर्शकों को कोई एकतरफा लड़ाई देखने को नहीं मिलेगी, बल्कि एक ऐसा सिनेमाई द्वंद्व दिखेगा जिसमें दोनों किरदारों की ठसक और वजन बरकरार रहेगा। हालांकि, फिल्म के मेकर्स की तरफ से आधिकारिक कास्ट अनाउंसमेंट का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन मिथुन चक्रवर्ती की इस शर्त ने यह साबित कर दिया है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वे अपने अभिनय और स्टारडम की गरिमा से कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं।