DMK का बड़ा हमला, बोली विपक्षी एकता को तहस-नहस करने में जुटे हैं कई कांग्रेसी नेता

DMK का बड़ा हमला, बोली विपक्षी एकता को तहस-नहस करने में जुटे हैं कई कांग्रेसी नेता

राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को मजबूत करने के दावों के बीच 'इंडिया' (INDIA) ब्लॉक के सबसे मजबूत स्तंभों में शुमार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और कांग्रेस के रिश्तों में अभूतपूर्व कड़वाहट सामने आ गई है। डीएमके मुख्यालय से जारी एक तल्ख आधिकारिक बयान में कांग्रेस के भीतर मौजूद कुछ नेताओं पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें 'दूसरी पार्टी का स्लीपर सेल' (Sleeper Cell) करार दिया गया है। डीएमके ने गंभीर आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता जानबूझकर ऐसे बयान दे रहे हैं और ऐसी राजनीति कर रहे हैं जिससे विपक्षी गठबंधन की छवि धूमिल हो रही है और गठबंधन की एकता पूरी तरह तहस-नहस हो रही है। इसके साथ ही डीएमके ने दो टूक शब्दों में ऐलान कर दिया है कि अब उनका रास्ता स्वतंत्र और अलग है, और कांग्रेस उन्हें अपने किसी भी धरने या विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।

'हमारे रास्ते अलग हैं': कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों से बनाई दूरी

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों द्वारा निकाले गए विरोध मार्च और संसद मार्ग से सुप्रीम कोर्ट तक के प्रदर्शनों के बीच डीएमके का यह रुख सामने आया है। डीएमके ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के इन विरोध प्रदर्शनों में उनकी पार्टी के शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है। पार्टी ने कहा कि तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TNCC) के कई नेता लगातार गठबंधन धर्म की मर्यादा लांघ रहे हैं और डीएमके नेतृत्व पर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। डीएमके ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर अंगुली उठाने या दूसरी पार्टियों को नसीहत देने से पहले अपने भीतर झांकना चाहिए और उन नेताओं पर लगाम कसनी चाहिए जो पर्दे के पीछे से विरोधी खेमे के लिए 'स्लीपर सेल' के तौर पर काम कर रहे हैं।

थलपति विजय की पार्टी TVK पर कांग्रेस के दोहरे रुख पर सवाल

विवाद को हवा तमिलनाडु की स्थानीय राजनीति और अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिझगा वेत्री कषगम' (TVK) को लेकर कांग्रेस के रुख से भी मिली है। डीएमके ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के खिलाफ जब राज्य में युवा आवाज उठा रहे हैं, तो टीवीके द्वारा विरोध करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। डीएमके ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता अभिनेता विजय और उनकी पार्टी के खिलाफ बोलने से क्यों कतराते हैं? क्या कांग्रेस के कुछ नेता 2026 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पर्दे के पीछे से टीवीके के साथ गठबंधन की खिचड़ी पका रहे हैं? डीएमके ने इसे कांग्रेस का 'खुला पाखंड' करार दिया।

उपचुनावों से ठीक पहले गठबंधन में आई दरार

यह तीखी जुबानी जंग तमिलनाडु की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—धारापुरम और मदुरंतकम—के आगामी उपचुनावों से ठीक पहले तेज हुई है। ये सीटें अन्नाद्रमुक (AIADMK) के उन विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं जो अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके में शामिल हो गए थे। उपचुनावों के मुहाने पर डीएमके द्वारा कांग्रेस के प्रति ऐसा कड़ा रुख अपनाना इस बात का संकेत है कि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे, सत्ता में हिस्सेदारी और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर अविश्वास चरम पर पहुंच चुका है।

'इंडिया' ब्लॉक के भविष्य पर लगा बड़ा सवालिया निशान

2024 के लोकसभा चुनावों में डीएमके और कांग्रेस के गठबंधन ने तमिलनाडु में क्लीन स्वीप किया था और दोनों दल राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते थे। लेकिन अब डीएमके द्वारा खुले तौर पर यह कहना कि 'हमारा रास्ता अलग है' और कांग्रेस पर विपक्षी एकता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाना, राष्ट्रीय स्तर पर गैर-भाजपा दलों के एकजुट मोर्चे के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दक्षिण भारत के इस सबसे मजबूत गठबंधन में दरार नहीं भरी गई, तो आगामी चुनावी चक्र में समूचे विपक्ष की रणनीति पूरी तरह बिखर सकती है।