'मैंने PM पर भरोसा करके वोट दिया था और पिछले 12 साल में...', अनुपम खेर का देश के विकास पर बड़ा बयान
हिंदी सिनेमा के दिग्गज और मंझे हुए अभिनेता अनुपम खेर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर हमेशा अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। चाहे कश्मीरी पंडितों के हक की बात हो या फिर राष्ट्रीय गौरव और समकालीन मुद्दे, वे खुलकर अपनी बात जनता के बीच रखते हैं। इस बीच एक सार्वजनिक मंच और साक्षात्कार के दौरान अनुपम खेर ने देश के मौजूदा नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। अभिनेता ने अपने मतदान के अधिकार और पिछले एक दशक से अधिक समय के बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि एक आम नागरिक के तौर पर जब उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पर विश्वास जताते हुए मतदान किया था, तो उनके मन में क्या उम्मीदें थीं और पिछले 12 सालों में उन उम्मीदों ने क्या रूप लिया है।
'मैंने विश्वास करके मतदान किया था और देश को बदलते देखा'
अनुपम खेर ने बातचीत के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक लोकतंत्र में नागरिक का सबसे बड़ा कर्तव्य और अधिकार उसका वोट होता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जब देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा करके अपना वोट दिया, तो वह देश को एक नई दिशा में आगे बढ़ते देखने की चाहत थी। अभिनेता ने कहा कि पिछले 12 सालों के दौर को अगर कोई निष्पक्ष नजरिए से देखे, तो भारत ने आधारभूत ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), डिजिटल क्रांति, वैश्विक कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। अनुपम खेर के अनुसार, पहले जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज को हल्के में लिया जाता था, वहीं आज पूरी दुनिया भारत की तरफ आशा और सम्मान भरी नजरों से देखती है।
विदेशों में भारतीयों के बढ़ते मान-सम्मान का किया जिक्र
अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में लंबे समय तक काम करने का अपना अनुभव साझा करते हुए अनुपम खेर ने बताया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और देश की पहचान में जमीन-आसमान का अंतर आया है। उन्होंने बताया कि जब वे अमेरिका, ब्रिटेन या यूरोप के अन्य हिस्सों में यात्रा करते हैं, तो वहां लोग भारत की आर्थिक मजबूती और तकनीकी प्रगति की खुलकर तारीफ करते हैं। अभिनेता ने कहा कि जब देश का नेतृत्व मजबूत होता है, तो उसका सीधा असर दुनिया भर में बसे हर भारतीय के आत्मसम्मान और पहचान पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह वह बदलाव है जिसे कोई भी संवेदनशील नागरिक अनदेखा नहीं कर सकता।
आलोचना और निष्पक्ष नागरिक की भूमिका पर भी बोले अभिनेता
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अनुपम खेर ने यह भी साफ किया कि किसी व्यवस्था या नेता का समर्थन करने का मतलब आंख मूंदकर समर्थन करना नहीं होता। उन्होंने कहा कि एक जागरूक नागरिक का काम केवल तारीफ करना नहीं, बल्कि जहां कमियां हों या जहां सुधार की गुंजाइश दिखे, वहां सरकार और प्रशासन का ध्यान उस ओर आकर्षित करना भी है। खेर ने कहा कि जब कोई सकारात्मक काम होता है, तो उसकी सराहना दिल खोलकर की जानी चाहिए, क्योंकि इससे देश के लिए निष्ठा से काम करने वालों का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार और विकास की सराहना करने का संतुलन ही देश को आगे ले जाता है।
सोशल मीडिया पर बयान हुआ वायरल, प्रशंसकों ने दी प्रतिक्रिया
अनुपम खेर का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। बड़ी संख्या में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने अभिनेता के इस सीधे और स्पष्ट रुख की सराहना की। कई लोगों ने लिखा कि अनुपम खेर बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखते हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनका दृष्टिकोण हमेशा प्रेरणादायी रहता है। वहीं कुछ लोगों ने उनके विचारों पर बहस भी छेड़ी। बहरहाल, 500 से अधिक फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले अनुपम खेर के इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे देश के विकास, नेतृत्व और अपनी नागरिक जिम्मेदारियों को लेकर बेहद मुखर रहते हैं।