माही विज को बिग बॉस में भेजना चाहते थे जय भानुशाली; बोले- अब पिता और बेटी का रिश्ता और मजबूत हो गया

माही विज को बिग बॉस में भेजना चाहते थे जय भानुशाली; बोले- अब पिता और बेटी का रिश्ता और मजबूत हो गया

टेलीविजन इंडस्ट्री के चर्चित कपल रहे जय भानुशाली और माही विज की निजी जिंदगी हमेशा से फैंस और मीडिया के बीच चर्चा का विषय रही है। दोनों ने जब अपनी राहें अलग करने का फैसला लिया था, तब उनके चाहने वालों को गहरा झटका लगा था। हालांकि, अलगाव के बावजूद दोनों ने हमेशा इस बात का ख्याल रखा कि उनके आपसी फैसलों का असर उनकी लाडली बेटी तारा पर बिल्कुल न पड़े। हाल ही में एक पॉडकास्ट और इंटरव्यू के दौरान जय भानुशाली ने माही विज के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में जाने के पुराने किस्सों, अपनी सोच और अपनी बेटी तारा के साथ मौजूदा रिश्ते को लेकर बेहद भावुक और खुलकर बातचीत की है। जय ने साफ शब्दों में कहा कि वे हमेशा से चाहते थे कि माही इस बड़े मंच पर जाएं और अपनी पहचान को एक नया मुकाम दें।

जय भानुशाली खुद 'बिग बॉस 15' का हिस्सा रह चुके हैं और वे इस घर के दबाव, मानसिक तनाव और शो से मिलने वाली अपार लोकप्रियता को बहुत करीब से समझते हैं। अभिनेता ने बताया कि उन्होंने माही को हमेशा इस बात के लिए प्रेरित किया था कि वे अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और दुनिया को दिखाएं कि वे असल जिंदगी में कितनी मजबूत और स्वतंत्र महिला हैं।

'मैं हमेशा चाहता था कि माही बिग बॉस जाए': जय ने किया खुलासा

बातचीत के दौरान जय ने साझा किया कि जब भी बिग बॉस के नए सीजन के लिए मेकर्स की तरफ से अप्रोच किया जाता था, तो वे माही को इसके लिए हामी भरने की सलाह देते थे। जय का मानना है कि टेलीविजन धारावाहिकों में बहू और बेटी के किरदारों में बंधी अभिनेत्रियों को रियलिटी शो अपनी असली पर्सनालिटी दिखाने का सबसे बड़ा मौका देते हैं। माही का स्वभाव बेहद बेबाक, केयरिंग और किसी भी मुद्दे पर सीधा स्टैंड लेने वाला है, जो कि बिग बॉस के घर के लिए सबसे मुफीद माना जाता है।

जय ने कहा कि भले ही उनकी वैवाहिक जिंदगी उस मोड़ पर न पहुंच सकी जिसकी उम्मीद थी, लेकिन एक कलाकार और एक इंसान के तौर पर वे आज भी माही की प्रतिभा और उनके हुनर का पूरा सम्मान करते हैं। वे चाहते थे कि दर्शक माही के उस जुझारू रूप को भी देखें जो मुश्किल हालातों में कभी हार नहीं मानता। उनके अनुसार, किसी रिश्ते का खत्म होना इस बात का पैमाना नहीं हो सकता कि आप सामने वाले के करियर और उसकी सफलताओं से ईर्ष्या करने लगें।

'अब पिता और बेटी का रिश्ता और गहरा हो गया': तारा की परवरिश पर छलका दर्द

अलगाव के बाद बच्चों की परवरिश (Co-parenting) हमेशा सबसे संवेदनशील पहलू होती है। जब जय से पूछा गया कि अलग होने के बाद उनकी बेटी तारा के साथ उनका रिश्ता कैसा है, तो उन्होंने बेहद आत्मीयता से जवाब दिया। जय ने कहा कि इस पूरे बदलाव के बाद पिता और बेटी का रिश्ता कमजोर होने के बजाय और ज्यादा मजबूत, गहरा और अटूट हो गया है।

जय ने बताया कि अब जब भी वे तारा के साथ होते हैं, तो उनका पूरा ध्यान केवल और केवल अपनी बेटी पर होता है। वे तारा के स्कूल की गतिविधियों, खेलकूद, पढ़ाई और छोटी-छोटी खुशियों में खुद को पूरी तरह समर्पित कर देते हैं। अभिनेता ने कहा कि बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं और वे बड़ों के बीच की हर खामोशी को महसूस कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने और माही ने यह साझा फैसला किया था कि वे कभी भी तारा को अपने बीच के तनाव की भनक नहीं लगने देंगे। तारा को आज दोनों का भरपूर प्यार और वक्त मिल रहा है, जिससे उसके मानसिक विकास पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

मैच्योर को-पेरेंटिंग की मिसाल पेश कर रहे हैं दोनों सितारे

ग्लैमर वर्ल्ड में अक्सर तलाक और अलगाव के बाद सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने और कानूनी लड़ाइयों का दौर देखने को मिलता है। लेकिन जय भानुशाली और माही विज ने जिस परिपक्वता (Maturity) के साथ अपनी परिस्थितियों को संभाला है, उसकी इंडस्ट्री में खूब सराहना हो रही है। जय ने स्पष्ट किया कि तारा की खुशी उनके लिए दुनिया की किसी भी दूसरी चीज से बड़ी है।

सोशल मीडिया पर भी जय और तारा के खूबसूरत और मस्ती भरे वीडियोज फैंस को खूब पसंद आते हैं। तारा की मासूमियत और जय का उसके प्रति लाड़-दुलार यह साबित करता है कि एक सच्चा पिता किसी भी स्थिति में अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटता। जय ने यह भी रेखांकित किया कि माही एक बेहतरीन मां हैं और तारा की परवरिश में उनका योगदान अतुलनीय है। दोनों एक-दूसरे की मौजूदगी का सम्मान करते हुए एक संतुलित माहौल बनाने में सफल रहे हैं।

फैंस और इंडस्ट्री ने की जय के नजरिए की तारीफ

जय भानुशाली का यह इंटरव्यू सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। फैंस का कहना है कि एक पूर्व साथी के प्रति ऐसा सम्मान और बेटी के लिए ऐसा समर्पण हर किसी के बस की बात नहीं होती। कई यूजर्स ने लिखा कि जय ने यह साबित कर दिया है कि रिश्ते भले ही कानूनी रूप से बदल जाएं, लेकिन एक पिता का अपनी संतान के प्रति प्यार और जिम्मेदारी कभी नहीं बदलती।

जय का यह परिपक्व बयान उन तमाम लोगों के लिए एक सीख की तरह है जो अलगाव के बाद बच्चों को अपनी आपसी रंजिश का जरिया बना लेते हैं। जीवन के इस नए पड़ाव पर जय अपनी प्रोफेशनल कमिटमेंट्स और निजी जिम्मेदारियों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहे हैं।